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Siddharthnagar News: बयान के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ को किया तलब
Mon, 01 Jun 2026 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:47 AM IST
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शोहरतगढ़। स्थानीय सीएचसी पर गर्भवती को उपचार न मिलने के बाद हुए हंगामे के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. रजत कुमार चौरसिया के निर्देश पर गठित जांच समिति ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
समिति ने सीएचसी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ को पत्र जारी कर सोमवार दोपहर 12 बजे सीएमओ कार्यालय में साक्ष्यों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
मामला 21 मई की रात का है। शोहरतगढ़ कस्बे के छतहरी निवासी सीपी सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां परामर्श और समुचित उपचार देने के बजाय रोगी को मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से हस्तक्षेप कर रोगी के उपचार की गुहार लगाई थी। यहां तक कि सीएमओ ने भी अधीक्षक को रोगी की जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था।
जांच समिति ने फिलहाल विशेषज्ञ चिकित्सक को बयान के लिए बुलाए जाने और अधीक्षक के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई न होने से मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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जांच समिति के अध्यक्ष डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में रोगी को उपचार दिलाने में अधीक्षक की लापरवाही सामने आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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समिति ने सीएचसी पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ को पत्र जारी कर सोमवार दोपहर 12 बजे सीएमओ कार्यालय में साक्ष्यों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
मामला 21 मई की रात का है। शोहरतगढ़ कस्बे के छतहरी निवासी सीपी सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां परामर्श और समुचित उपचार देने के बजाय रोगी को मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से हस्तक्षेप कर रोगी के उपचार की गुहार लगाई थी। यहां तक कि सीएमओ ने भी अधीक्षक को रोगी की जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया था।
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जांच समिति ने फिलहाल विशेषज्ञ चिकित्सक को बयान के लिए बुलाए जाने और अधीक्षक के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई न होने से मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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जांच समिति के अध्यक्ष डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में रोगी को उपचार दिलाने में अधीक्षक की लापरवाही सामने आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।