फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Growth stalled in political wrangling

राजनीतिक खींचतान में अटका विकास

Mon, 28 Dec 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर Updated Mon, 28 Dec 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
जिले की स्थापना के बाद से ही एक मुद्दा हमेशा से गर्म रहा है। कपिलवस्तु के विकास का। नेताओं ने इसके लिए वादे भी खूब किए। परियोजनाएं बनीं, मगर राजनीतिक खींचतान के कारण फाइलों से आगे नहीं बढ़ी।
विज्ञापन


करीब डेढ़ दशक पहले बनी कपिलवस्तु विकास महायोजना फाइलों में अटकी पड़ी है। स्वदेश दर्शन योजना को मंजूरी के बाद बजट नहीं मिला। राज्य सरकार से पैसा न मिलने से थीम पार्क अधूरा है। गोल्फ कोर्ट बनने से पहले ही कैंसिल हो गया। सरकारों की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से आखिर कपिलवस्तु का विकास कैसे होगा।
विज्ञापन

अस्सी के दशक में हुई खुदाई के दौरान गनवरिया में सिद्धार्थ के राज्यमहल से जुड़े अवशेष मिलने के बाद से ही इस क्षेत्र को संरक्षित घोषित कर दिया गया है। बुद्ध के क्रीड़ांगन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंप दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


 विभाग ने यहां विभिन्न कार्य कराने के लिए 98.267 एकड़ जमीन अधिग्रहित भी की।
इस जमीन पर विभिन्न निर्माण कार्य के लिए लगातार परियोजनाएं बनती आ रही हैं, मगर लंबा समय बीतने के बाद भी कोई मूर्त रूप नहीं ले पाया है। नतीजा दुनिया भर के बौद्ध अनुयाइयों का यह तीर्थ उपेक्षित पड़ा है।
पर्यटन सुविधाओं के अभाव में कोई इस ओर रुख नहीं कर रहा है। जो आते भी हैं, वह ऐतिहासिक स्थल की सुविधाओं से असंतुष्ट होकर लौट रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कपिलवस्तु के विकास की कोई योजना पहले बनी होगी तो मेरी जानकारी में नहीं है।

यह संरक्षित क्षेत्र है। यहां विकास के सारे कार्य शासन स्तर पर ही होना है। हम अपने स्तर पर बेहतरी के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अरविंद राय ने बताया कि स्वदेश दर्शन  योजना  को अब तक बजट नहीं  मिला  है। थीम पार्क के 1.08 करोड़ रुपये राज्य सरकार के पास लंबित है।

जमीन विवि को दे दिए जाने से गोल्फ कोर्ट और बुद्धा गार्डेन के लिए अब जगह नहीं है। हम योजना बना सकते हैं, मगर काम तो बजट मिलने पर ही होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed