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30 घंटे बाद मिला नाव पलटने से तालाब में डूबे युवक का शव
सिद्धार्थनगर/ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:24 PM IST
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सिद्धार्थनगर/ भनवापुर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर में मंगलवार को तालाब में धान की मड़ाई के दौरान नाव पलटने से डूबे युवक की 30 घंटे की मशक्कत के बाद बुधवार को लाश मिली।
शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच तकरार भी हुआ। बाद में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के हस्तक्षेप पर पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
ननकन (30) पुत्र साहू मंगलवार भोर में अपने दो साथी बाबूराम व कुन्नन के साथ बगल के असाडी ताल में तिन्नी के धान की मड़ाई करने के लिए गया था। तभी नाव बीच ताल में गहरे पानी में जाने से नाव पलट गई थी।
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जिसमें ननकन डूब गया था और उसके दो अन्य साथी किसी तरह निकल गए थेे। इसके बाद शव की तलाश ग्रामीणों ने की, लेकिन शव नहीं मिल सका था। बुधवार को दोपहर में गोताखोरों ने तालाब से ढूंढ़कर शव निकाला।
इसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंच गई। जिस पर प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से नाराज परिजन व ग्रामीण पुलिस पर भड़क गए। परिजनों का आरोप था कि अगर पुलिस ने मदद किया होता तो मंगलवार को ही लाश मिल गई होती।
सूचना पर एसओ त्रिलोकपुर किशन राणा शव को पीएम के लिए भेजने की बात कह रहे थे। इस पर परिजनों ने शव का पीएम कराने से इनकार कर दिया। जिस पर दो घंटो तक तकरार हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के कहने पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों का सौंपा तक जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
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शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच तकरार भी हुआ। बाद में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के हस्तक्षेप पर पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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ननकन (30) पुत्र साहू मंगलवार भोर में अपने दो साथी बाबूराम व कुन्नन के साथ बगल के असाडी ताल में तिन्नी के धान की मड़ाई करने के लिए गया था। तभी नाव बीच ताल में गहरे पानी में जाने से नाव पलट गई थी।
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जिसमें ननकन डूब गया था और उसके दो अन्य साथी किसी तरह निकल गए थेे। इसके बाद शव की तलाश ग्रामीणों ने की, लेकिन शव नहीं मिल सका था। बुधवार को दोपहर में गोताखोरों ने तालाब से ढूंढ़कर शव निकाला।
इसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंच गई। जिस पर प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से नाराज परिजन व ग्रामीण पुलिस पर भड़क गए। परिजनों का आरोप था कि अगर पुलिस ने मदद किया होता तो मंगलवार को ही लाश मिल गई होती।
सूचना पर एसओ त्रिलोकपुर किशन राणा शव को पीएम के लिए भेजने की बात कह रहे थे। इस पर परिजनों ने शव का पीएम कराने से इनकार कर दिया। जिस पर दो घंटो तक तकरार हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के कहने पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों का सौंपा तक जाकर अंतिम संस्कार हो सका।