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होमगार्ड के परिवार का धरना आमरण अनशन में बदला
siddharthnagar
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:12 PM IST
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सोमवार शाम एसडीएम सदर डॉक्टरों और महिला पुलिस के साथ अनशन स्थल पर पहुंचीं।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। छेड़छाड़ के मामले में बेटी को न्याय दिलाने के लिए धरना देने वाला होमगार्ड का परिवार मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठ गया। पूरा परिवार डीएम पोर्टिका के ठीक बगल में दिनभर बैठा रहा, लेकिन कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया। देर शाम एसडीएम सदर मौके पर पहुंची और परिवार के लोगों का स्वास्थ्य जांच कराया। होमगार्ड का आरोप है कि छेड़छाड़ के मामले में समझौता नहीं करने की वजह से उसे ड्यूटी से रोक दिया गया है। पीड़ित परिवार इटवा क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है।
पीड़ित परिवार ने सोमवार को डीएम की अनुपस्थिति में सीडीओ को ज्ञापन सौंपा था। होमगार्ड का कहना है कि एक से 31 अगस्त तक उसकी ड्यूटी भवानीगंज थाने में थी। बेटी से छेड़छाड़ होने के बाद उसे 24 अगस्त को ड्यूटी से रोक दिया गया। पूछने पर कहा गया कि बस्ती जाओ, वहां जांच हो रही है। वहां जाने पर कहा गया कि जांच के बाद ही ड्यूटी मिलेगी। होमगार्ड ने कहा है कि 19 जून को बेटी के साथ गांव के एक युवक ने छेड़खानी की थी। विरोध पर आरोपी ने पत्नी व बेटी को पीटकर घायल कर दिया था। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद 22 अगस्त को इटवा पुलिस ने छेड़खानी का केस दर्ज किया। 23 सितंबर को कोर्ट में बयान दर्ज हुआ। मामले में बयान बदलवाने के लिए दबाव बनाया गया और बयान नहीं बदलने पर उसे अचानक ड्यूटी से रोक दिया गया। इसके लिए उसे नोटिस भी नहीं दिया गया।
उधर, देर शाम एसडीएम सदर सौम्या पांडेय, डॉक्टरों और महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। उनके सामनेे पूरे परिवार का स्वास्थ्य जांच हुआ। अधिकारी ने कहा कि होमगार्ड के परिवार के पास से मिट्टी का तेल बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देते हुए आमरण अनशन समाप्त करने के लिए राजी करने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। इस संबंध में होमगार्ड का कहना है कि उसके ऊपर आमरण अनशन समाप्त करने का दबाव डाला गया।
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पीड़ित परिवार के आमरण अनशन पर बैठने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो बुधवार को मामले की जानकारी कराई जाएगी।
- कुणाल सिल्कू, डीएम
गांव वालों ने की होमगार्ड के खिलाफ शिकायत
इटवा। बेटी को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे होमगार्ड के खिलाफ गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने इटवा तहसील दिवस में एसपी को शिकायती पत्र सौंपा। लोगों का कहना है कि छेड़खानी का आरोप पूरी तरह गलत है। उनका आरोप है कि होमगार्ड एक युवक और उसके परिवार को परेशान करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। मामले में केस दर्ज होने के बाद एक को जेल भेजा जा चुका है। अब वह युवक के परिवार को गांव का मकान छोड़कर जाने को कह रहा है। ऐसा न करने पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रहा है।
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पीड़ित परिवार ने सोमवार को डीएम की अनुपस्थिति में सीडीओ को ज्ञापन सौंपा था। होमगार्ड का कहना है कि एक से 31 अगस्त तक उसकी ड्यूटी भवानीगंज थाने में थी। बेटी से छेड़छाड़ होने के बाद उसे 24 अगस्त को ड्यूटी से रोक दिया गया। पूछने पर कहा गया कि बस्ती जाओ, वहां जांच हो रही है। वहां जाने पर कहा गया कि जांच के बाद ही ड्यूटी मिलेगी। होमगार्ड ने कहा है कि 19 जून को बेटी के साथ गांव के एक युवक ने छेड़खानी की थी। विरोध पर आरोपी ने पत्नी व बेटी को पीटकर घायल कर दिया था। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद 22 अगस्त को इटवा पुलिस ने छेड़खानी का केस दर्ज किया। 23 सितंबर को कोर्ट में बयान दर्ज हुआ। मामले में बयान बदलवाने के लिए दबाव बनाया गया और बयान नहीं बदलने पर उसे अचानक ड्यूटी से रोक दिया गया। इसके लिए उसे नोटिस भी नहीं दिया गया।
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उधर, देर शाम एसडीएम सदर सौम्या पांडेय, डॉक्टरों और महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं। उनके सामनेे पूरे परिवार का स्वास्थ्य जांच हुआ। अधिकारी ने कहा कि होमगार्ड के परिवार के पास से मिट्टी का तेल बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देते हुए आमरण अनशन समाप्त करने के लिए राजी करने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने। इस संबंध में होमगार्ड का कहना है कि उसके ऊपर आमरण अनशन समाप्त करने का दबाव डाला गया।
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पीड़ित परिवार के आमरण अनशन पर बैठने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो बुधवार को मामले की जानकारी कराई जाएगी।
- कुणाल सिल्कू, डीएम
गांव वालों ने की होमगार्ड के खिलाफ शिकायत
इटवा। बेटी को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे होमगार्ड के खिलाफ गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने इटवा तहसील दिवस में एसपी को शिकायती पत्र सौंपा। लोगों का कहना है कि छेड़खानी का आरोप पूरी तरह गलत है। उनका आरोप है कि होमगार्ड एक युवक और उसके परिवार को परेशान करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। मामले में केस दर्ज होने के बाद एक को जेल भेजा जा चुका है। अब वह युवक के परिवार को गांव का मकान छोड़कर जाने को कह रहा है। ऐसा न करने पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रहा है।