{"_id":"5beafcc5bdec224291205af9","slug":"101542126789-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल्डर के भाई ने खुद को मारी गोली, मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिल्डर के भाई ने खुद को मारी गोली, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:03 PM IST
विज्ञापन
विजय प्रकाश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिल्हिया। थाना क्षेत्र के चिल्हिया गांव निवासी कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाने वाले बिल्डर के भाई ने सोमवार देर शाम बंगलूरु अपने कमरे में लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना परिजनों को लगते ही सभी को रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सभी सदस्य बंगलूरु के लिए निकल गए हैं।
क्षेत्र के ग्राम सभा चिल्हिया के रहने वाले विजय चौरसिया कंस्ट्रक्शन लाइन बिल्डर में है। क्षेत्र के हजारों लोग को उनके माध्यम से रोजगार मिला है। वह करीब 25 वर्षो से चौरसिया कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहा है। विजय के साथ उसका भाई सबसे छोटा भाई विजय प्रकाश चौरसिया (40) पुत्र रामदेव भी रहता था। वह कंपनी में होने वाले कामों का हिसाब देखता था। बताया जा रहा है कि रोज की तरह सोमवार की देर शाम घर पर आया था। वह अपने कमरे में चला गया था। कुछ ही देर बाद परिवार के अन्य सदस्यों को गोली चलने की आवाज सुनाई पड़ी। कमरे में जाकर देखा तो विजय प्रकाश गोली लगने से खून से लथपथ हाल में जमीन पर पड़ा था। बताया गया कि उसने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, विजय प्रकाश की मौत की खबर मिलने के बाद से ही गांव में कोहराम मच गया। गांव में पिता के साथ रह रहे मझले भाई जगदीश परिवार के साथ बंगलूरु रवाना हो गए। वहीं, मौत के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। लोगों का कहना है कि उसने क्षेत्र के हजारों बेरोजगार को वहां ले जाकर रोजगार दिया था।
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम सभा चिल्हिया के रहने वाले विजय चौरसिया कंस्ट्रक्शन लाइन बिल्डर में है। क्षेत्र के हजारों लोग को उनके माध्यम से रोजगार मिला है। वह करीब 25 वर्षो से चौरसिया कंस्ट्रक्शन कंपनी चला रहा है। विजय के साथ उसका भाई सबसे छोटा भाई विजय प्रकाश चौरसिया (40) पुत्र रामदेव भी रहता था। वह कंपनी में होने वाले कामों का हिसाब देखता था। बताया जा रहा है कि रोज की तरह सोमवार की देर शाम घर पर आया था। वह अपने कमरे में चला गया था। कुछ ही देर बाद परिवार के अन्य सदस्यों को गोली चलने की आवाज सुनाई पड़ी। कमरे में जाकर देखा तो विजय प्रकाश गोली लगने से खून से लथपथ हाल में जमीन पर पड़ा था। बताया गया कि उसने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, विजय प्रकाश की मौत की खबर मिलने के बाद से ही गांव में कोहराम मच गया। गांव में पिता के साथ रह रहे मझले भाई जगदीश परिवार के साथ बंगलूरु रवाना हो गए। वहीं, मौत के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। लोगों का कहना है कि उसने क्षेत्र के हजारों बेरोजगार को वहां ले जाकर रोजगार दिया था।
विज्ञापन