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आठ हजार आवेदक कागजात के लिए परेशान
siddharthnagar
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:27 PM IST
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आरटीओ कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। परिवहन विभाग में लाइसेंस और अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करने वाले करीब आठ हजार आवेदक प्रपत्रों (कागजातों) के लिए परेशान हैं। कारण कि नियमानुसार इन्हें औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद एक सप्ताह में कागजात मिल जाने चाहिए पर ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में जब आवेदक परिवहन कार्यालय (एआरटीओ दफ्तर) जा रहे हैं तो उन्हें बताया जा रहा है कि प्रपत्र डाक से भेज दिया गया है, वहीं डाक विभाग के जिम्मेदार कोई भी पत्र पेडिंग न होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि ये कागजात कहां हैं और आवेदक जाएं तो कहां जाएं।
व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ड्राईविंग लाइसेंस, सहित वाहन के सभी प्रकार के कागजातों को ऑनलाइन कर दिया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद कागजात अभ्यर्थी तक पंजीकृत डाक से भेज दिए जाते हैं। बावजूद पिछले करीब एक माह से आठ हजार आवेदक ड्राईविंग लाइसेंस, वाहन खरीद कागज, वाहन स्थानांतरण कागजात के लिए परेशान हैं। कारण कि उन्हें डाक से कागजात नहीं मिले।
दो माह बाद भी नहीं मिला लाइसेंस
सदाकांत तिवारी ने बताया कि लाईंसेस के लिए दो माह पहले अप्लाई किया गया था, लेकिन अब तक लर्निंग के कागजात नहीं आए। एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हैं। नगर निवासी संत कुमार, टेडिय़ा बाजार निवासी दिनेश कुमार, मोहन, खेसरहा निवासी अमित, उग्रसेन, महेंद्र आदि भी ड्राईविंग लाईसेंस न मिलने के कारण परेशान हैं।
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एआरटीओ ने उपमंडलीय डाक निरीक्षक को पत्र भेजा,
एआरटीओ एके शुक्ला ने बताया कि लर्निंग से लेकर सभी कागजात प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पंजीकृत डाक से भेजे जाते है। एक सप्ताह में नियमत: पहुंचाने का नियम है। पर, एक माह से कागजात आवेदकों तक नही पहुंच रहे हैं। ऐसे में आवेदक कार्यालय पहुंच रहे है। जबकि कार्यालय में कोई भी कागजात नहीं है। ऐसे आवेदकों की संख्या करीब आठ हजार है। इसके लिए के उप मंडलीय डाक निरीक्षक को पत्र भी भेजा गया है। दो हजार कागजात मैं स्वयं डाक घर तेतरी बाजार व उसका बाजार में देकर आया हूं।
सहायक अधीक्षक बोले-कोई कागजात लंबित नहीं
डाक घर के सहायक अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जो भी पत्र आता है, उसे दो दिनों के अंदर संबंधित के पास पहुंचा दिया जाता है। कोई भी कागजात पेंडिंग नहीं है। अगर आठ हजार आवेदन लंबित पड़ने की बात कही जा रही है तो यह बातें निराधार हैं।
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व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ड्राईविंग लाइसेंस, सहित वाहन के सभी प्रकार के कागजातों को ऑनलाइन कर दिया गया। कार्य पूर्ण होने के बाद कागजात अभ्यर्थी तक पंजीकृत डाक से भेज दिए जाते हैं। बावजूद पिछले करीब एक माह से आठ हजार आवेदक ड्राईविंग लाइसेंस, वाहन खरीद कागज, वाहन स्थानांतरण कागजात के लिए परेशान हैं। कारण कि उन्हें डाक से कागजात नहीं मिले।
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दो माह बाद भी नहीं मिला लाइसेंस
सदाकांत तिवारी ने बताया कि लाईंसेस के लिए दो माह पहले अप्लाई किया गया था, लेकिन अब तक लर्निंग के कागजात नहीं आए। एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हैं। नगर निवासी संत कुमार, टेडिय़ा बाजार निवासी दिनेश कुमार, मोहन, खेसरहा निवासी अमित, उग्रसेन, महेंद्र आदि भी ड्राईविंग लाईसेंस न मिलने के कारण परेशान हैं।
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एआरटीओ ने उपमंडलीय डाक निरीक्षक को पत्र भेजा,
एआरटीओ एके शुक्ला ने बताया कि लर्निंग से लेकर सभी कागजात प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पंजीकृत डाक से भेजे जाते है। एक सप्ताह में नियमत: पहुंचाने का नियम है। पर, एक माह से कागजात आवेदकों तक नही पहुंच रहे हैं। ऐसे में आवेदक कार्यालय पहुंच रहे है। जबकि कार्यालय में कोई भी कागजात नहीं है। ऐसे आवेदकों की संख्या करीब आठ हजार है। इसके लिए के उप मंडलीय डाक निरीक्षक को पत्र भी भेजा गया है। दो हजार कागजात मैं स्वयं डाक घर तेतरी बाजार व उसका बाजार में देकर आया हूं।
सहायक अधीक्षक बोले-कोई कागजात लंबित नहीं
डाक घर के सहायक अधीक्षक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जो भी पत्र आता है, उसे दो दिनों के अंदर संबंधित के पास पहुंचा दिया जाता है। कोई भी कागजात पेंडिंग नहीं है। अगर आठ हजार आवेदन लंबित पड़ने की बात कही जा रही है तो यह बातें निराधार हैं।