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नेपाल के इंच टेप से ठगे जा रहे लोग
siddharthnagar
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:56 PM IST
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बालू
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सिद्धार्थनगर। नेपाल के इंच टेप का सहारा लेकर गिट्टी, बालू और मोरंग खरीदने वाले लोगों को ठगा जा रहा है। जानकारों की मानें तो पांच मीटर का नेपाली इंच टेप भारतीय टेप से एक इंच है कम है। ऐसे में एक ट्रक सामग्री लेने पर करीब 12 से 15 फीट का या फिर 500 से 1500 रुपये का नुकसान नागरिकों को हो रहा है।
नेपाल सीमा पर नेपाली और चाइनीज वस्तुओं की बिक्री चर्चा आम है। मौजूदा समय में नेपाल के इंच टेप का प्रयोग जिले में खूब हो रहा है। मापन में कम होने के कारण गिट्टी, बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले लोग इसका उपयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमटी राय ने बताया कि हम लोग मेटल वायर मीटर इंच टेप का प्रयोग करते है, जो बेहद सटीक माना जाता है। इसके अलावा टॉप लाइन इंच टेप भी अच्छा है। गिट्टी बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले पांच मीटर के इंच टेप का प्रयोग करते हैं। सबसे बड़ा 100 मीटर का इंच टेप होता है। इसका प्रयोग बड़ी-बड़ी साइटों में किया जाता है। नेपाल के इंच टेप की तो हम लोग इसका उपयोग नहीं करते हैं। हालांकि जानकार बताते हैं कि मापन में यह कुछ कम है। बाट माप निरीक्षक एचएन पांडेय ने बताया कि अभियान चलाकर मामले की जांच की जाएगी। अगर ऐसा कहीं भी हो रहा है तो यह घटतौली की श्रेणी में आता है। इसकी जांच की जाएगी।
मौजूदा समय में है यह है रेट
सादा बालू - 31 से 32 रुपये फीट
गिट्टी - 75 से 77 फीट
लाल मोरंग - 100 से 105 फीट
सभी रेट थोक दर के है।
बोले व्यापारी, नेपाली इंच टेप का साइज कम
गिट्टी, बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले राकेश कुमार ने बताया भारतीय इंच टेप की तुलना में नेपाल के इंच टेप साइज में कुछ कम है। यही वजह है कि इसका प्रयोग अब वे लोग नहीं कर रहे हैं। नेपाल में जो इंच टेप प्रयोग होता है। वह चाइना से बनकर आता है। इस कारण साइज में फर्क है। व्यापारी विजय कुमार ने बताया कि पहले नेपाल से गिट्टी आती थी, तब नेपाली इंच टेप का प्रयोग किया जाता था। लेकिन जब से नेपाल से गिट्टी आना बंद हुई है तब से भारतीय इंच टेप का प्रयोग किया जा रहा है।
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घटतौली की जांच हो
शहर के रहने वाले रिंकू जायसवाल ने बताया कि बॉर्डर से सटे होने के कारण जिले में नेपाल के इंच टेप का प्रयोग जमकर किया जा रहा है। मामले की जांच होनी चाहिए, जिससे की घटतौली की बात लोगों के सामने आ सके और लोग इसे लेकर जागरूक हो सकें। राकेश कुमार ने बताया कि नेपाल से जब गिट्टी आती थी, तो इसकी शिकायत की गई थी। लेकिन नेपाल से गिट्टी का काम बंद होने के बाद यह लगा कि अब नेपाल के इंच टेप का प्रयोग नहीं होता होगा। लेकिन अभी भी कई दुकानदार इसका प्रयोग कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। कुछ ऐसी ही बातें मो. इब्राहीम, रामकुमार व संदीप ने भी बर्ताइं। इन लोगों ने जांच कर ऐसा करने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।
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नेपाल सीमा पर नेपाली और चाइनीज वस्तुओं की बिक्री चर्चा आम है। मौजूदा समय में नेपाल के इंच टेप का प्रयोग जिले में खूब हो रहा है। मापन में कम होने के कारण गिट्टी, बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले लोग इसका उपयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमटी राय ने बताया कि हम लोग मेटल वायर मीटर इंच टेप का प्रयोग करते है, जो बेहद सटीक माना जाता है। इसके अलावा टॉप लाइन इंच टेप भी अच्छा है। गिट्टी बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले पांच मीटर के इंच टेप का प्रयोग करते हैं। सबसे बड़ा 100 मीटर का इंच टेप होता है। इसका प्रयोग बड़ी-बड़ी साइटों में किया जाता है। नेपाल के इंच टेप की तो हम लोग इसका उपयोग नहीं करते हैं। हालांकि जानकार बताते हैं कि मापन में यह कुछ कम है। बाट माप निरीक्षक एचएन पांडेय ने बताया कि अभियान चलाकर मामले की जांच की जाएगी। अगर ऐसा कहीं भी हो रहा है तो यह घटतौली की श्रेणी में आता है। इसकी जांच की जाएगी।
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मौजूदा समय में है यह है रेट
सादा बालू - 31 से 32 रुपये फीट
गिट्टी - 75 से 77 फीट
लाल मोरंग - 100 से 105 फीट
सभी रेट थोक दर के है।
बोले व्यापारी, नेपाली इंच टेप का साइज कम
गिट्टी, बालू और मोरंग का व्यापार करने वाले राकेश कुमार ने बताया भारतीय इंच टेप की तुलना में नेपाल के इंच टेप साइज में कुछ कम है। यही वजह है कि इसका प्रयोग अब वे लोग नहीं कर रहे हैं। नेपाल में जो इंच टेप प्रयोग होता है। वह चाइना से बनकर आता है। इस कारण साइज में फर्क है। व्यापारी विजय कुमार ने बताया कि पहले नेपाल से गिट्टी आती थी, तब नेपाली इंच टेप का प्रयोग किया जाता था। लेकिन जब से नेपाल से गिट्टी आना बंद हुई है तब से भारतीय इंच टेप का प्रयोग किया जा रहा है।
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घटतौली की जांच हो
शहर के रहने वाले रिंकू जायसवाल ने बताया कि बॉर्डर से सटे होने के कारण जिले में नेपाल के इंच टेप का प्रयोग जमकर किया जा रहा है। मामले की जांच होनी चाहिए, जिससे की घटतौली की बात लोगों के सामने आ सके और लोग इसे लेकर जागरूक हो सकें। राकेश कुमार ने बताया कि नेपाल से जब गिट्टी आती थी, तो इसकी शिकायत की गई थी। लेकिन नेपाल से गिट्टी का काम बंद होने के बाद यह लगा कि अब नेपाल के इंच टेप का प्रयोग नहीं होता होगा। लेकिन अभी भी कई दुकानदार इसका प्रयोग कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। कुछ ऐसी ही बातें मो. इब्राहीम, रामकुमार व संदीप ने भी बर्ताइं। इन लोगों ने जांच कर ऐसा करने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।