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गर्भस्थ शिशु की मौत पर बढनी पीएचसी में हंगामा
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:20 PM IST
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बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। गर्भ में बच्चे की मौत और महिला के पेट में इंफेक्शन के चलते गुरुवार को बढ़नी पीएचसी पर जमकर हंगामा हुआ। नाराज घर वाले पीएचसी के सामने धरने पर बैठ गए और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चले बवाल के बाद सीएमओ डॉ. रतन कुमार खुद मौके पर पहुंचे और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजनों का आक्रोश शांत हुआ।
बढ़नी के वार्ड नंबर तीन लोहियानगर निवासी जगदंबा ने बताया कि उनकी पत्नी वंदना मिश्रा (32) को आठ माह से अधिक समय का गर्भ था। सिर में दर्द व बुखार की शिकायत पर इलाज के लिए पीएचसी लेकर आए। पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ.वीके सिंह को उनके सरकारी आवास पर दिखाया। जिसके बदले में उन्होंने 50 रुपये फीस भी लिया। दवा खाने के बाद वंदना मिश्र के पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया तो उन्हें लेकर वे फिर पीएचसी पर गए। जहां बार-बार बुलाने के बाद भी कोई भी चिकित्सक नहीं निकला। मजबूरन नजदीक के एक निजी अस्पताल पर लेकर गए जहां ऑपरेशन से बच्चा हुआ, जिसकी दवा के इंफेक्शन के कारण पेट में ही मृत्यु हो चुकी थी। पीड़िता के घर वालों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी शिकायत करने वे जब डॉक्टर के पास गए तो वह गाली गलौज करने लगे। इससे गुस्साए परिजन धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. रतन ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही संवेदनशील है। मामले की लिखित शिकायत मिली है। जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बढ़नी के वार्ड नंबर तीन लोहियानगर निवासी जगदंबा ने बताया कि उनकी पत्नी वंदना मिश्रा (32) को आठ माह से अधिक समय का गर्भ था। सिर में दर्द व बुखार की शिकायत पर इलाज के लिए पीएचसी लेकर आए। पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ.वीके सिंह को उनके सरकारी आवास पर दिखाया। जिसके बदले में उन्होंने 50 रुपये फीस भी लिया। दवा खाने के बाद वंदना मिश्र के पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया तो उन्हें लेकर वे फिर पीएचसी पर गए। जहां बार-बार बुलाने के बाद भी कोई भी चिकित्सक नहीं निकला। मजबूरन नजदीक के एक निजी अस्पताल पर लेकर गए जहां ऑपरेशन से बच्चा हुआ, जिसकी दवा के इंफेक्शन के कारण पेट में ही मृत्यु हो चुकी थी। पीड़िता के घर वालों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी शिकायत करने वे जब डॉक्टर के पास गए तो वह गाली गलौज करने लगे। इससे गुस्साए परिजन धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलने पर सीएमओ डॉ. रतन ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही संवेदनशील है। मामले की लिखित शिकायत मिली है। जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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