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मीटर लगाया, बिजली मिली नहीं, फिर भी आ रहा बिल
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मीटर लगा, बिजली नहीं फिर भी आ रहा बिल
पीएम सौभाग्य योजना में गड़बड़ी, 70 फीसदी घरों को बिजली का इंतजार
कनेक्शन के नाम पर टांग दिया घरों में मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बिजली निगम की लापरवाही कहें या फिर जल्दबाजी। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन के नाम पर मीटर लगा दिया, तार जोड़ दिए। लेकिन घरों में बिजली नहीं पहुंची। इसके बाद भी बिजली बिल का आना शुरू हो गया है। यह कहानी एक दो घरों की नहीं है बल्कि सौभाग्य योजना के तहत 70 प्रतिशत घरों की कहानी कुछ ऐसी ही है। इस दिशा में जिम्मेदार भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं। लेकिन उनका निदान नहीं हो पा रहा है।
बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र कठौतिया रामनाथ के गांव गदाखौवा में बिजली के पोल एवं केबल दौड़ाने के बाद बिना ट्रांसफॉर्मर व बंच कंडक्टर लगाए सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीणों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दे दिया गया। गांव में करीब 100 लोगों ने तीन माह पूर्व कनेक्शन कराया। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के घर पर मीटर, एक बोर्ड और एलईडी बल्ब लगा दिया और मीटर को केबल बिना बंच कंडक्टर से जोड़े कनेक्शनों को कंप्यूटर से ऑनलाइन कर दिया जिससे विभागीय अधिकारी संस्था के काम की वाहवाही कर सकें। इसका असर यह हुआ कि पिछले तीन दिनों से गांव के अधिकतर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर 1100 से लेकर 1600 रुपये तक बिजली बकाया बिल का मैसेज आने लगा है। जबकि इन घरों में अब तक बल्ब तक नहीं जले और न ही कनेक्शन है।
गांव निवासी गुरु प्रसाद, प्रभावती, सैफूला, कलावती, लीलावती, विट्टा, भानमती, अमीरुननिशा, मोमिना, कैबुननिशा, पंचम, सितारा खातून, सबुना आदि ने कहा कि करीब तीन माह पूर्व घरों में मीटर, बोर्ड व एलईडी बल्ब लगाए गए थे। मीटर को केबल बंच कंडक्टर में लगे बाक्स से नहीं जोड़ा गया। इसकी वजह से बिजली नहीं मिली। कहा कि एक तो बिजली भी अब तक नहीं मिली। उस पर गरीबी में बिजली का बिल कैसे दिया जाए। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। जहां पर शिकायतें मिलती हैं वहां तत्काल बिजली कनेक्शन दिया जाता है।
मीटर लगा, बिजली नहीं फिर भी आ रहा बिल
पीएम सौभाग्य योजना में गड़बड़ी, 70 फीसदी घरों को बिजली का इंतजार
कनेक्शन के नाम पर टांग दिया घरों में मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बिजली निगम की लापरवाही कहें या फिर जल्दबाजी। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन के नाम पर मीटर लगा दिया, तार जोड़ दिए। लेकिन घरों में बिजली नहीं पहुंची। इसके बाद भी बिजली बिल का आना शुरू हो गया है। यह कहानी एक दो घरों की नहीं है बल्कि सौभाग्य योजना के तहत 70 प्रतिशत घरों की कहानी कुछ ऐसी ही है। इस दिशा में जिम्मेदार भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं। लेकिन उनका निदान नहीं हो पा रहा है।
बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र कठौतिया रामनाथ के गांव गदाखौवा में बिजली के पोल एवं केबल दौड़ाने के बाद बिना ट्रांसफॉर्मर व बंच कंडक्टर लगाए सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीणों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दे दिया गया। गांव में करीब 100 लोगों ने तीन माह पूर्व कनेक्शन कराया। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के घर पर मीटर, एक बोर्ड और एलईडी बल्ब लगा दिया और मीटर को केबल बिना बंच कंडक्टर से जोड़े कनेक्शनों को कंप्यूटर से ऑनलाइन कर दिया जिससे विभागीय अधिकारी संस्था के काम की वाहवाही कर सकें। इसका असर यह हुआ कि पिछले तीन दिनों से गांव के अधिकतर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर 1100 से लेकर 1600 रुपये तक बिजली बकाया बिल का मैसेज आने लगा है। जबकि इन घरों में अब तक बल्ब तक नहीं जले और न ही कनेक्शन है।
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गांव निवासी गुरु प्रसाद, प्रभावती, सैफूला, कलावती, लीलावती, विट्टा, भानमती, अमीरुननिशा, मोमिना, कैबुननिशा, पंचम, सितारा खातून, सबुना आदि ने कहा कि करीब तीन माह पूर्व घरों में मीटर, बोर्ड व एलईडी बल्ब लगाए गए थे। मीटर को केबल बंच कंडक्टर में लगे बाक्स से नहीं जोड़ा गया। इसकी वजह से बिजली नहीं मिली। कहा कि एक तो बिजली भी अब तक नहीं मिली। उस पर गरीबी में बिजली का बिल कैसे दिया जाए। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। जहां पर शिकायतें मिलती हैं वहां तत्काल बिजली कनेक्शन दिया जाता है।
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