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अक्टूबर में 925, मार्च में 169 रुपये में खरीदी बाल्टी
siddharthnagar
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:37 PM IST
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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बाद अब राज्य सरकार के बजट से भी सामानों की खरीदारी में अनियमितता उजागर हुई है। जिस फर्म से कोटेशन पर सामान महंगे दामों पर खरीदे गए, बाद में उसी फर्म ने टेंडर प्रक्रिया में वही सामान आधे से भी कम कीमत पर दिए है। अक्टूबर 2017 में 925 रुपये में खरीदी गई बाल्टी मार्च 2018 में महज 169 रुपये में ही क्रय कर ली गई। ई-टेंडरिंग के मानकों को दरकिनार कर सितंबर-अक्टूबर में ही 19.35 लाख के सामान सिर्फ कोटेशन पर खरीद लिए गए हैं।
सर्जिकल उपकरणों की खरीद के लिए स्वास्थ्य विभाग की जिला क्रय समिति ने 16 सितंबर 2017 को कोटेशन मांगे गए थे। लखनऊ की तीन फर्मों ने एक साथ कोटेशन उपलब्ध कराए। सबसे कम रेट के आधार पर यश सर्जिकल के रेट मंजूर करते हुए सामानों की आपूर्ति के आर्डर जारी कर दिए गए। 21 सितंबर, 10 व 27 अक्टूबर की तीन तिथियों में जारी आर्डर पर 19.35 लाख रुपये के सामान खरीदे गए।इन्हीं सामानों के लिए बीते 26 मार्च को जब टेंडर हुआ तो उसमें कोटेशन देने वाली फर्मों ने अधिकांश सामानों की दरें पूर्व की अपेक्षा आधे से भी कम दर्शाई हैं। सीएमओ डॉ.वेदप्रकाश शर्मा का कहना था कि सामानों की जो भी खरीदारी हुई, वह नियमानुसार ही है। कहीं कोई वित्तीय अनियमितता नहीं की गई है। सारे दस्तावेज कार्यालय में सुरक्षित हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है। खरीदारी के लिए कोटेशन, ई-टेंडरिंग, जेम पोर्टल सभी साधनों का सहारा लिया गया है। जब जैसे सस्ता रेट मिला, उसे खरीदा गया।
कोटेशन पर लिए गए दोगुने से अधिक दाम
सिद्धार्थनगर। आरटीआई से मिली सूचना पर गौर करें तो अक्टूबर में हॉस्पिटल बेड के लिए कोटेशन पर 8800 रुपये में खरीदा गया है, जबकि मार्च में हुए टेंडर में 3720 रुपये की दर स्वीकृत हुई है। इसी तरह स्टील की बड़ी आलमारी 12100 रुपये की दर से कोटेशन पर खरीदी गई है। टेंडर में यह दर 4640 रुपये मंजूर हुई। बेड साइड लॉकर को कोटेशन पर 2420 व टेंडर में 1799 पर खरीदा गया। फुट स्टेप को 2350, बकेट्स को 925 रुपये पर कोटेशन में खरीदा गया, जबकि टेंडर में इनके रेट क्रमश: 760 व 169 रुपये रखी गई है।
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प्रमुख सचिव से की धांधली की शिकायत
सिद्धार्थनगर। सदर ब्लॉक के भीमापार निवासी देवेश मणि ने स्वास्थ्य विभाग में सर्जिकल सामानों की खरीद में हुई वित्तीय अनियमितता की शिकायत विभाग के प्रमुख सचिव से की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि सिर्फ दो महीनों में ही 19.35 लाख रुपये की खरीद में लाखों रुपये की अनियमितता सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि पूरे वित्तीय सत्र में यह गड़बड़ी बड़े पैमाने पर की गई होगी। ई-टेंडरिंग से बचने के लिए टुकड़े-टुकड़े में सामान मंगाए गए, जिससे व्यय राशि एक लाख से कम रहे। हब कटर, स्टील आलमारी, एक्स-रे फिल्म, हॉस्पिटल बेड, ऑक्सीजन ट्राली, बेड साइड लॉकर, प्लास्टिक चेयर, डस्टबिन, बाल्टी आदि बाजार दर से 10 गुने दाम पर खरीदे गए हैं।
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सर्जिकल उपकरणों की खरीद के लिए स्वास्थ्य विभाग की जिला क्रय समिति ने 16 सितंबर 2017 को कोटेशन मांगे गए थे। लखनऊ की तीन फर्मों ने एक साथ कोटेशन उपलब्ध कराए। सबसे कम रेट के आधार पर यश सर्जिकल के रेट मंजूर करते हुए सामानों की आपूर्ति के आर्डर जारी कर दिए गए। 21 सितंबर, 10 व 27 अक्टूबर की तीन तिथियों में जारी आर्डर पर 19.35 लाख रुपये के सामान खरीदे गए।इन्हीं सामानों के लिए बीते 26 मार्च को जब टेंडर हुआ तो उसमें कोटेशन देने वाली फर्मों ने अधिकांश सामानों की दरें पूर्व की अपेक्षा आधे से भी कम दर्शाई हैं। सीएमओ डॉ.वेदप्रकाश शर्मा का कहना था कि सामानों की जो भी खरीदारी हुई, वह नियमानुसार ही है। कहीं कोई वित्तीय अनियमितता नहीं की गई है। सारे दस्तावेज कार्यालय में सुरक्षित हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है। खरीदारी के लिए कोटेशन, ई-टेंडरिंग, जेम पोर्टल सभी साधनों का सहारा लिया गया है। जब जैसे सस्ता रेट मिला, उसे खरीदा गया।
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कोटेशन पर लिए गए दोगुने से अधिक दाम
सिद्धार्थनगर। आरटीआई से मिली सूचना पर गौर करें तो अक्टूबर में हॉस्पिटल बेड के लिए कोटेशन पर 8800 रुपये में खरीदा गया है, जबकि मार्च में हुए टेंडर में 3720 रुपये की दर स्वीकृत हुई है। इसी तरह स्टील की बड़ी आलमारी 12100 रुपये की दर से कोटेशन पर खरीदी गई है। टेंडर में यह दर 4640 रुपये मंजूर हुई। बेड साइड लॉकर को कोटेशन पर 2420 व टेंडर में 1799 पर खरीदा गया। फुट स्टेप को 2350, बकेट्स को 925 रुपये पर कोटेशन में खरीदा गया, जबकि टेंडर में इनके रेट क्रमश: 760 व 169 रुपये रखी गई है।
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प्रमुख सचिव से की धांधली की शिकायत
सिद्धार्थनगर। सदर ब्लॉक के भीमापार निवासी देवेश मणि ने स्वास्थ्य विभाग में सर्जिकल सामानों की खरीद में हुई वित्तीय अनियमितता की शिकायत विभाग के प्रमुख सचिव से की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि सिर्फ दो महीनों में ही 19.35 लाख रुपये की खरीद में लाखों रुपये की अनियमितता सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि पूरे वित्तीय सत्र में यह गड़बड़ी बड़े पैमाने पर की गई होगी। ई-टेंडरिंग से बचने के लिए टुकड़े-टुकड़े में सामान मंगाए गए, जिससे व्यय राशि एक लाख से कम रहे। हब कटर, स्टील आलमारी, एक्स-रे फिल्म, हॉस्पिटल बेड, ऑक्सीजन ट्राली, बेड साइड लॉकर, प्लास्टिक चेयर, डस्टबिन, बाल्टी आदि बाजार दर से 10 गुने दाम पर खरीदे गए हैं।