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अंडर ग्राउंड रेलवे समपार मार्ग के निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने रोका कार्य
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:31 PM IST
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ग्रामीणों ने रोकवाया अंडरपास का निर्माण
बढ़नी। ग्राम मड़नी के पास मानव रहित समपार फाटक को बंद कर अंडर पास बनाने के लिए हो रही खुदाई कार्य को सैकड़ों ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी से आवागमन में होने वाली संभावित दिक्कत को ध्यान में रखते हुए विरोध जताते हुए बंद करवा दिया। शुक्रवार को ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत रेलवे बोर्ड सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेज समस्या को दूर करने की मांग की है।
बढ़नी रेलवे स्टेशन से दो किमी पश्चिम स्थित मड़नी गांव के पास रेलवे का मानव रहित समपार फाटक है। रेल मंत्रालय की पहल पर मानव रहित फाटक को बंद कर अंडर पास बनाया जा रहा था। शुक्रवार की सुबह रेलवे के ठेकेदार मानव रहित समपार से सटे पूर्व तरफ खुदाई कार्य जेसीबी से कराने लगा। जानकारी होते ही ग्राम मड़नी के ग्रामीण इस फाटक को बंद कर मौके पर जुट गए। ग्राम प्रधान जमील अहमद सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने यह कहते हुए एतराज जताया कि ऐसा होने से रास्ते में बरसात के दिनों में बाढ़ का पानी वर्ष भर जमा रहेगा। आक्रोशित ग्रामीणों ने खुदाई कर रही जेसीबी को मौके से विरोध करते हुए भगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी लाइन से बड़ी लाइन बनने के समय भी पानी निकास के लिए लगे बड़े ह्यूप पाइप को बंद कर दिया गया है। गांव के अशफाक अहमद, नरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश गुप्त, मो.सलीम, राजेंद्र यादव, रामनरेश यादव, मुबारक, मो.हमजा, राजेंद्र सिंह आदि ने इसकी लिखित शिकायत रेलवे बोर्ड दिल्ली, स्थानीय सांसद, जिलाधिकारी, विधायक शोहरतगढ़ व रेल उच्चाधिकारियों को भेजकर पुरानी जल निकासी ब्यवस्था को फिर से बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में सीनियर सेक्शन इंजीनियर बढ़नी मनोहर प्रसाद ने कहा कि मामले से संबंधित लिखित शिकायत मिली है। ग्रामीणों की शिकायत प्रथम दृष्टया जायज प्रतीत होती है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है । समस्या का हर संभव समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा ।
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बढ़नी। ग्राम मड़नी के पास मानव रहित समपार फाटक को बंद कर अंडर पास बनाने के लिए हो रही खुदाई कार्य को सैकड़ों ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी से आवागमन में होने वाली संभावित दिक्कत को ध्यान में रखते हुए विरोध जताते हुए बंद करवा दिया। शुक्रवार को ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत रेलवे बोर्ड सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेज समस्या को दूर करने की मांग की है।
बढ़नी रेलवे स्टेशन से दो किमी पश्चिम स्थित मड़नी गांव के पास रेलवे का मानव रहित समपार फाटक है। रेल मंत्रालय की पहल पर मानव रहित फाटक को बंद कर अंडर पास बनाया जा रहा था। शुक्रवार की सुबह रेलवे के ठेकेदार मानव रहित समपार से सटे पूर्व तरफ खुदाई कार्य जेसीबी से कराने लगा। जानकारी होते ही ग्राम मड़नी के ग्रामीण इस फाटक को बंद कर मौके पर जुट गए। ग्राम प्रधान जमील अहमद सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने यह कहते हुए एतराज जताया कि ऐसा होने से रास्ते में बरसात के दिनों में बाढ़ का पानी वर्ष भर जमा रहेगा। आक्रोशित ग्रामीणों ने खुदाई कर रही जेसीबी को मौके से विरोध करते हुए भगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी लाइन से बड़ी लाइन बनने के समय भी पानी निकास के लिए लगे बड़े ह्यूप पाइप को बंद कर दिया गया है। गांव के अशफाक अहमद, नरेंद्र सिंह, ओम प्रकाश गुप्त, मो.सलीम, राजेंद्र यादव, रामनरेश यादव, मुबारक, मो.हमजा, राजेंद्र सिंह आदि ने इसकी लिखित शिकायत रेलवे बोर्ड दिल्ली, स्थानीय सांसद, जिलाधिकारी, विधायक शोहरतगढ़ व रेल उच्चाधिकारियों को भेजकर पुरानी जल निकासी ब्यवस्था को फिर से बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में सीनियर सेक्शन इंजीनियर बढ़नी मनोहर प्रसाद ने कहा कि मामले से संबंधित लिखित शिकायत मिली है। ग्रामीणों की शिकायत प्रथम दृष्टया जायज प्रतीत होती है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है । समस्या का हर संभव समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा ।
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