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कूड़ा और घोघी ने पार किया खतरे का निशान
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:59 PM IST
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सिद्धार्थनगर। लगातार जारी बारिश से जिले में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। नदियों के बढ़ने की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को कूड़ा, घोघी और बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गई। लोटन पुल के पास घोघी का जलस्तर सुबह आठ बजे 87.20 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 87 मीटर है। वहीं आलमनगर के पास कूड़ा नदी का जलस्तर 87.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (87.20) से 30 सेमी अधिक है। देर शाम ककरही घाट पर बूढ़ी राप्ती का जलस्तर पर 85.89 मीटर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 85.65 मीटर है। उसका रेलवे पुल के पास भी कूड़ा में उफान जारी है। उधर, राप्ती और बानगंगा नदी और जमुआर, तेलार नाले में पानी भी तीव्र गति से बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए डीएम ने अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार को सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्रों में जाकर बाढ़ राहत की तैयारियों का जायजा लिया।
पिछले चार दिनों से जिले में लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के रास्ते भी नदियों में भरपूर पानी आ रहा है। नतीजा जलस्तर में उफान जारी है। इसके चलते जिले में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। प्रशासन भले ही लाख तैयारियों का दावा करे, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोई भी बांध पानी का दबाव सहने की स्थिति में नहीं है। यही कारण भी है कि लगातार तीन दिनों से बानगंगा के सभी फाटक खोलकर पानी निकाला जा रहा है। इसके बावजूद बानगंगा के जलस्तर में कोई खास कमी नहीं दिख रही। सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह तक राप्ती के जलस्तर में 50 सेमी तक की वृद्धि हुई है। नदियों के तेज प्रवाह से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान भी जोरों पर है।
नदियों का जलस्तर
नदी 10 जुलाई 11 जुलाई
बूढ़ी राप्ती 83.35 मीटर 85.89 मीटर
कूड़ा नदी 87.20 मीटर 87.50 मीटर
राप्ती नदी 82.63 मीटर 83.20 मीटर
बानगंगा 91.20 मीटर 91.80 मीटर
जमुआर 81.73 मीटर 81.93 मीटर
तेलार नाला 86.10 मीटर 86.40 मीटर
खतरे का निशान::
नदी जलस्तर
बूढ़ी राप्ती 85.65 मीटर
कूड़ा 87.0 मीटर
राप्ती 84.90 मीटर
बानगंगा 94.42 मीटर
जमुआर 84.89 मीटर
तेलार 87.50 मीटर
बढ़ते जलस्तर से सहमे लोग
लोटन। घोघी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। घोघी नदी में पानी की वृद्धि सिद्धार्थनगर व महराजगंज दोनों जिलों को प्रभावित करेगी। वहीं कूड़ा नदी के तटों से सटे रसियावल खुर्द, गुल्हरिया, चिवरहिया सहित तमाम गांवों के लोग सहमे हैं। एक ओर धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं, ग्रामसभा रसियावल कलां बांध पर बने पुल का एक तरफ की पंखी दो साल पहले टूट गया था, लेकिन दूसरी तरफ बनी पंखी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों में भय बना हुआ है।
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पिछले चार दिनों से जिले में लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के रास्ते भी नदियों में भरपूर पानी आ रहा है। नतीजा जलस्तर में उफान जारी है। इसके चलते जिले में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। प्रशासन भले ही लाख तैयारियों का दावा करे, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोई भी बांध पानी का दबाव सहने की स्थिति में नहीं है। यही कारण भी है कि लगातार तीन दिनों से बानगंगा के सभी फाटक खोलकर पानी निकाला जा रहा है। इसके बावजूद बानगंगा के जलस्तर में कोई खास कमी नहीं दिख रही। सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह तक राप्ती के जलस्तर में 50 सेमी तक की वृद्धि हुई है। नदियों के तेज प्रवाह से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान भी जोरों पर है।
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नदियों का जलस्तर
नदी 10 जुलाई 11 जुलाई
बूढ़ी राप्ती 83.35 मीटर 85.89 मीटर
कूड़ा नदी 87.20 मीटर 87.50 मीटर
राप्ती नदी 82.63 मीटर 83.20 मीटर
बानगंगा 91.20 मीटर 91.80 मीटर
जमुआर 81.73 मीटर 81.93 मीटर
तेलार नाला 86.10 मीटर 86.40 मीटर
खतरे का निशान::
नदी जलस्तर
बूढ़ी राप्ती 85.65 मीटर
कूड़ा 87.0 मीटर
राप्ती 84.90 मीटर
बानगंगा 94.42 मीटर
जमुआर 84.89 मीटर
तेलार 87.50 मीटर
बढ़ते जलस्तर से सहमे लोग
लोटन। घोघी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। घोघी नदी में पानी की वृद्धि सिद्धार्थनगर व महराजगंज दोनों जिलों को प्रभावित करेगी। वहीं कूड़ा नदी के तटों से सटे रसियावल खुर्द, गुल्हरिया, चिवरहिया सहित तमाम गांवों के लोग सहमे हैं। एक ओर धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं, ग्रामसभा रसियावल कलां बांध पर बने पुल का एक तरफ की पंखी दो साल पहले टूट गया था, लेकिन दूसरी तरफ बनी पंखी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे लोगों में भय बना हुआ है।
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