फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Putting old bricks in the public toilet

पुराने ईंट से बना रहे सामुदायिक शौचालय

Wed, 16 Sep 2020 09:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 09:06 PM IST
विज्ञापन
Putting old bricks in the public toilet
श्रावस्ती। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में प्रथम चरण के दौरान 168 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 38 गांवों में छह सीटर व शेष 130 गांवों में चार सीटर शौचालय का निर्माण होना है। करीब छह लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस सामुदायिक शौचालय में ग्राम पंचायतों की ओर से पुरानी ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। इसका प्रमाण हरिहरपुररानी के लक्ष्मनपुर इटवरिया गांव में देखने को मिला।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिन गांवों के सभी घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है वहां पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। पहले चरण में 168 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। इसमें से 38 ग्राम पंचायतों में छह सीटर शौचालय का निर्माण होगा, जबकि 130 ग्राम पंचायतों में चार सीटर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। छह सीटर शौचालय पर सात लाख पचास हजार रुपये तथा चार सीटर पर पांच लाख 70 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है।
विज्ञापन

शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग की राशि से सामग्री की खरीद की जानी है। वहीं श्रम का पैसा मनरेगा योजना से खर्च होगा। इस निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश भी दिया गया है। इसका जिले में कितना अनुपालन हो रहा है, इसका प्रमाण हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के लक्ष्मनपुर इटवरिया गांव में देखने को मिला। जहां ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से सामुदायिक शौचालय निर्माण में पुरानी ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। यही स्थिति कमोवेश अन्य गांवों की भी है। जहां पुरानी या दोयम दर्जे की ईंट व मानक के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह भी होनी है व्यवस्था
सामुदायिक शौचालय में बच्चों व दिव्यांगों की सुविधा के लिए सीट, स्नानागार, हाथ धोने का स्थान के साथ शौचालय में विद्युत व्यवस्था, जल भंडारण के लिए ओवर हेड टैंक, बोरिंग व हैंडपंप की व्यवस्था होगी। जिसकी देखरेख के लिए ग्राम पंचायत व प्रधान के साथ ही सामुदायिक निगरानी समिति भी गठित होनी है। जिसमें तीन से लेकर पांच सदस्य होंगे। इसमें से एक महिला सदस्य अनिवार्य है।

एडीएम योगानंद पांडेय ने बताया कि लक्ष्मनपुर इटवरिया में हो रहे गुणवत्ता विहीन निर्माण के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। बीडीओ को भेज कर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि गुणवत्ता विहीन कार्य हो रहा है तो उसे तोड़वा कर फिर से निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed