{"_id":"5f64e79c8ebc3e74b05773e1","slug":"get-vaccinations-on-time-srawasti-news-lko540807370","type":"story","status":"publish","title_hn":"समय पर करवाएं टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समय पर करवाएं टीकाकरण
विज्ञापन
श्रावस्ती। गर्भावस्था की पुष्टि के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा व एएनएम की सलाह लें। समय पर टीकाकरण के साथ ही संस्थागत प्रसव कराएं। प्रसव के बाद पांच वर्ष तक बच्चों का नियमित टीकाकरण कराना कदापि न भूलें। इस दौरान बच्चों को उचित पोषक आहार देती रहें।
यह बातें शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान भिनगा में कही। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र पर लाभार्थियों के अभिभावकों से पोषण एवं स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा की जा रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से 06 माह पूर्ण करने वाले बच्चों के घर जाकर उनका अन्नप्राशन कराया जा रहा हैं। गर्भवती व धात्री महिलाओं के गृह भ्रमण के दौरान उन्हें परामर्श दिया जा रहा हैं। इन गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छह माह से दो वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह उनको ऊपरी आहार दें।
विज्ञापन
इसके लिए उन्हें पुस्तिका मुहैया कराई जा रही है। जिसमें खाद्य पदार्थों की विविधता, मात्रा, साफ सफाई के संबंध में सलाह दी गई है। ऊपरी आहार देने से पूर्व हाथ को साबुन से धोना न भूलें। ऊपरी आहार देने के लिए कटोरी चम्मच का उपयोग करें। इससे अभिभावक को बच्चे को दिए जाने वाले ऊपरी आहार की मात्रा का पता चलता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गर्भवती को स्वास्थ्य जांच कराने, टीटी के टीके लगवाने, आयरन की गोली, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने, कम से कम चार बार एएनसी चेकअप स्वास्थ्य केन्द्र पर कराने, पोषक आहार लेने एवं प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराने की सलाह दी।
विज्ञापन
यह बातें शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान भिनगा में कही। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र पर लाभार्थियों के अभिभावकों से पोषण एवं स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा की जा रही है।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से 06 माह पूर्ण करने वाले बच्चों के घर जाकर उनका अन्नप्राशन कराया जा रहा हैं। गर्भवती व धात्री महिलाओं के गृह भ्रमण के दौरान उन्हें परामर्श दिया जा रहा हैं। इन गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छह माह से दो वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह उनको ऊपरी आहार दें।
विज्ञापन
इसके लिए उन्हें पुस्तिका मुहैया कराई जा रही है। जिसमें खाद्य पदार्थों की विविधता, मात्रा, साफ सफाई के संबंध में सलाह दी गई है। ऊपरी आहार देने से पूर्व हाथ को साबुन से धोना न भूलें। ऊपरी आहार देने के लिए कटोरी चम्मच का उपयोग करें। इससे अभिभावक को बच्चे को दिए जाने वाले ऊपरी आहार की मात्रा का पता चलता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गर्भवती को स्वास्थ्य जांच कराने, टीटी के टीके लगवाने, आयरन की गोली, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने, कम से कम चार बार एएनसी चेकअप स्वास्थ्य केन्द्र पर कराने, पोषक आहार लेने एवं प्रसव स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराने की सलाह दी।