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Shravasti News: थाईलैंड से आनंद बोधि पहुंचे अनुयायियों ने की प्रार्थना
Sun, 20 Apr 2025 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sun, 20 Apr 2025 02:20 AM IST
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तपोस्थली स्थित आनंद बोधि पर प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को अनुयायियों से गुलजार रही। थाईलैंड से 28 सदस्यीय दल शनिवार को तपोस्थली पहुंचा। इस दौरान दल के सदस्यों ने आनंद बोधि पर भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में प्रार्थना की।
इस दौरान भिक्षु देवानंद ने कहा कि पुराणों में श्रावस्ती कौशल नरेश राजा प्रसेनजित के वैभवशाली राजधानी के रूप में वर्णित है। यहां के भग्नावशेषों से जुड़े तथ्य श्रावस्ती के वैभवशाली व पौराणिक नगर होने की पुष्टि करते हैं। बौद्ध धर्म की प्रसिद्ध पुस्तक विनय पटिक में जेतवन की विस्तृत व्याख्या की गई है। इसमें बताया गया है कि आनंद बोधि वृक्ष बोधगया की शाखा है। इसी के नीचे ध्यान करते हुए तथागत को आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यहां का कण-कण बुद्ध की करुणा व ज्ञान से ओतप्रोत है। गंधकुटी को श्रावस्ती का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। बुद्ध की प्रिय स्थली के रूप में विख्यात श्रावस्ती में लगभग 36 देशों के लाखों मतावलंबी प्रतिवर्ष आते हैं। गंधकुटी को पुष्पों से सजाकर दीप प्रज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनकल्याण व विश्व शांति की कामना करते हैं। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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इस दौरान भिक्षु देवानंद ने कहा कि पुराणों में श्रावस्ती कौशल नरेश राजा प्रसेनजित के वैभवशाली राजधानी के रूप में वर्णित है। यहां के भग्नावशेषों से जुड़े तथ्य श्रावस्ती के वैभवशाली व पौराणिक नगर होने की पुष्टि करते हैं। बौद्ध धर्म की प्रसिद्ध पुस्तक विनय पटिक में जेतवन की विस्तृत व्याख्या की गई है। इसमें बताया गया है कि आनंद बोधि वृक्ष बोधगया की शाखा है। इसी के नीचे ध्यान करते हुए तथागत को आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यहां का कण-कण बुद्ध की करुणा व ज्ञान से ओतप्रोत है। गंधकुटी को श्रावस्ती का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। बुद्ध की प्रिय स्थली के रूप में विख्यात श्रावस्ती में लगभग 36 देशों के लाखों मतावलंबी प्रतिवर्ष आते हैं। गंधकुटी को पुष्पों से सजाकर दीप प्रज्वलित कर श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनकल्याण व विश्व शांति की कामना करते हैं। इस दौरान काफी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।
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