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राज्यमार्ग उच्चीकरण का श्रेय लेने को मची होड़
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श्रावस्ती। जिले में वर्षों से बहराइच ककरदरी मार्ग को उच्चीकृत कर राज्यमार्ग में बदलने की मांग हो रही थी। यह मांग कई लोकसभा व विधानसभा चुनाव में स्थानीय लोगों का मुद्दा भी था। यह सड़क अतिरिक्त जिला मार्ग से उच्चीकृत कर राज्यमार्ग में तब्दील कर दिया गया है।
इस कार्य का श्रेय लेने के लिए अब सांसद, पूर्व सांसद से लेकर स्थानीय कार्यकर्ता तक सोशल मीडिया पर छाएं हैं। सभी अपने ओर से लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर डालकर दावा कर रहे हैं कि यह परिवर्तन उन्हीं के प्रयासों से हुआ है।
जिले की कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो कई वर्षों से चुनावी मुद्दे के रूप में रही हैं। इन्हीं मुद्दों पर आश्वासन देकर एक सामान्य व्यक्ति माननीय बन जाता है। इसके बाद भी समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। इन्हीं मुख्य समस्या में एक समस्या बहराइच ककरदरी मार्ग की भी थी। अभी तक यह मार्ग अतिरिक्त जिला संपर्क मार्ग के रूप में चिह्नित था। जिसके चलते इसकी चौड़ाई मात्र तीन मीटर थी।
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बहराइच से लेकर ककरदरी तक यह सड़क वर्षों पहले ही ध्वस्त हो चुकी थी। सड़क के नाम पर जगह जगह पर भारी गड्ढे, कटी पटरियां ही थी। वहीं भौगोलिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह क्षेत्र भारत नेपाल सीमा से सटा हुआ है। इसी क्षेत्र के बाद नेपाल देश प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी का आना जाना पूरे क्षेत्र में बना रहता है।
यहां तक कि सीमा क्षेत्र में एसएसबी की बार्डर आउट पोस्ट भी है। इसी के साथ ही यह क्षेत्र दो विधान सभाओं का प्रतिनिधित्व करता है। जमुनहा का आधा हिस्सा श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र व आधा भिनगा विधानसभा क्षेत्र का अंग है। इसलिए दोनों विधानसभा के विधायक इसी सड़क के मुद्दे को उठा कर बराबर सदन तक पहुंचते रहे हैं। लेकिन सड़क की स्थिति अभी तक नहीं सुधरी थी।
अब सरकार ने इस सड़क के साथ साथ बहराइच, भिनगा, तुलसीपुर वाया सिरसिया सहित कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क को राजमार्ग के रूप में उच्चीकृत कर दिया है। इसके चलते अब यह सड़क टू लेन में परिवर्तित हो जाएगी। यही नहीं इस रोड पर अब रोडवेज की बसें भी दौड़ेंगी। इससे आवागमन सुगम होगा।
इन्हीं सब सुविधाओं को देखते हुए सांसद रामशिरोमणि वर्मा, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा, विधायक भिनगा असलम रायनी के साथ ही सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ता व अन्य जन प्रतिनिधियों के समर्थक इस सड़क को उच्चीकृत कराने का श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर अपने द्वारा लिखे पत्र व प्रयासों की स्वयं चर्चा कर रहे हैं। वहीं आम जन फिलहाल किसी को सड़क उच्चीकरण का श्रेय देने के मत में समझौता नहीं कर रहा है।
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इस कार्य का श्रेय लेने के लिए अब सांसद, पूर्व सांसद से लेकर स्थानीय कार्यकर्ता तक सोशल मीडिया पर छाएं हैं। सभी अपने ओर से लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर डालकर दावा कर रहे हैं कि यह परिवर्तन उन्हीं के प्रयासों से हुआ है।
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जिले की कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो कई वर्षों से चुनावी मुद्दे के रूप में रही हैं। इन्हीं मुद्दों पर आश्वासन देकर एक सामान्य व्यक्ति माननीय बन जाता है। इसके बाद भी समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। इन्हीं मुख्य समस्या में एक समस्या बहराइच ककरदरी मार्ग की भी थी। अभी तक यह मार्ग अतिरिक्त जिला संपर्क मार्ग के रूप में चिह्नित था। जिसके चलते इसकी चौड़ाई मात्र तीन मीटर थी।
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बहराइच से लेकर ककरदरी तक यह सड़क वर्षों पहले ही ध्वस्त हो चुकी थी। सड़क के नाम पर जगह जगह पर भारी गड्ढे, कटी पटरियां ही थी। वहीं भौगोलिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह क्षेत्र भारत नेपाल सीमा से सटा हुआ है। इसी क्षेत्र के बाद नेपाल देश प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी का आना जाना पूरे क्षेत्र में बना रहता है।
यहां तक कि सीमा क्षेत्र में एसएसबी की बार्डर आउट पोस्ट भी है। इसी के साथ ही यह क्षेत्र दो विधान सभाओं का प्रतिनिधित्व करता है। जमुनहा का आधा हिस्सा श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र व आधा भिनगा विधानसभा क्षेत्र का अंग है। इसलिए दोनों विधानसभा के विधायक इसी सड़क के मुद्दे को उठा कर बराबर सदन तक पहुंचते रहे हैं। लेकिन सड़क की स्थिति अभी तक नहीं सुधरी थी।
अब सरकार ने इस सड़क के साथ साथ बहराइच, भिनगा, तुलसीपुर वाया सिरसिया सहित कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क को राजमार्ग के रूप में उच्चीकृत कर दिया है। इसके चलते अब यह सड़क टू लेन में परिवर्तित हो जाएगी। यही नहीं इस रोड पर अब रोडवेज की बसें भी दौड़ेंगी। इससे आवागमन सुगम होगा।
इन्हीं सब सुविधाओं को देखते हुए सांसद रामशिरोमणि वर्मा, पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा, विधायक भिनगा असलम रायनी के साथ ही सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ता व अन्य जन प्रतिनिधियों के समर्थक इस सड़क को उच्चीकृत कराने का श्रेय लेने के लिए सोशल मीडिया पर अपने द्वारा लिखे पत्र व प्रयासों की स्वयं चर्चा कर रहे हैं। वहीं आम जन फिलहाल किसी को सड़क उच्चीकरण का श्रेय देने के मत में समझौता नहीं कर रहा है।