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मांगों को लेकर लेखपालों का कार्य बहिष्कार
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भिनगा तहसील में प्रदर्शन करते लेखपाल।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर राजस्व लेखपालों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस दौरान लेखपालों ने भिनगा, इकौना व जमुनहा तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले प्रदर्शन किया। लेखपालों ने तहसीलों में अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।
भिनगा तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि हमारा संघ एसीपी विसंगति दूर करने की मांग कर रहा है। हमारा कहना है कि 30 नवंबर 1994 से पूर्व नियुक्त लेखपालों को सोलह वर्ष की सेवा का द्वितीय एसीपी के रूप में ग्रेड पे 4200 जबकि 30 नवंबर 1994 के बाद नियुक्त लेखपालों को सोलह वर्ष की समान सेवा पर ग्रेड पे 2800 ही प्राप्त हो रहा है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
लेखपाल के कार्य में वृद्धि एवं विशिष्ट व तकनीकि महत्व के दृष्टिगत प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 से बढ़ा कर 2800 करने की मांग की जा रही है। साथ ही 2001 में चयनित व 2003-04 में प्रशिक्षित लेखपालों को प्रशासनिक विलंब के कारण नियुक्ति एक अप्रैल 2005 के बाद होने के आधार पर पुरानी पेंशन से वंचित किया गया है। उनके प्रशिक्षणकाल को वेतन रहित सेवा काल माना गया है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
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तहसील अध्यक्ष जयंत सिंह ने कहा कि राजस्व परिषद की संस्तुति के अनुसार विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता दिलाया जाए। नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर दो पहिया वाहन भत्ता अनुमन्य किया जाए। मंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक किया जाए।
कृषि विभाग की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय एवं इंसेंटिव के लिए 18 रुपये प्रति खाता व लाभार्थी लेखपालों को भुगतान किया जाए। इस दौरान लेखपालों ने भिनगा इकौना व जमुनहा तहसीलों में अपनी मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भिनगा में राम करन गुप्ता, संतोष कुमार यादव, अर्जुन पटेल, ध्रुव कुमार, कृष्ण चंद्र मिश्रा, दिनेश वर्मा, दिलीप कुमार यादव सहित कई अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
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भिनगा तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद मिश्र ने कहा कि हमारा संघ एसीपी विसंगति दूर करने की मांग कर रहा है। हमारा कहना है कि 30 नवंबर 1994 से पूर्व नियुक्त लेखपालों को सोलह वर्ष की सेवा का द्वितीय एसीपी के रूप में ग्रेड पे 4200 जबकि 30 नवंबर 1994 के बाद नियुक्त लेखपालों को सोलह वर्ष की समान सेवा पर ग्रेड पे 2800 ही प्राप्त हो रहा है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
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लेखपाल के कार्य में वृद्धि एवं विशिष्ट व तकनीकि महत्व के दृष्टिगत प्रारंभिक ग्रेड पे 2000 से बढ़ा कर 2800 करने की मांग की जा रही है। साथ ही 2001 में चयनित व 2003-04 में प्रशिक्षित लेखपालों को प्रशासनिक विलंब के कारण नियुक्ति एक अप्रैल 2005 के बाद होने के आधार पर पुरानी पेंशन से वंचित किया गया है। उनके प्रशिक्षणकाल को वेतन रहित सेवा काल माना गया है। इस विसंगति को दूर किया जाए।
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तहसील अध्यक्ष जयंत सिंह ने कहा कि राजस्व परिषद की संस्तुति के अनुसार विशेष भत्ता एवं स्टेशनरी भत्ता दिलाया जाए। नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर दो पहिया वाहन भत्ता अनुमन्य किया जाए। मंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित कर राजस्व उप निरीक्षक किया जाए।
कृषि विभाग की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश की भांति प्रशासनिक व्यय एवं इंसेंटिव के लिए 18 रुपये प्रति खाता व लाभार्थी लेखपालों को भुगतान किया जाए। इस दौरान लेखपालों ने भिनगा इकौना व जमुनहा तहसीलों में अपनी मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भिनगा में राम करन गुप्ता, संतोष कुमार यादव, अर्जुन पटेल, ध्रुव कुमार, कृष्ण चंद्र मिश्रा, दिनेश वर्मा, दिलीप कुमार यादव सहित कई अन्य लेखपाल मौजूद रहे।