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कांवड़ यात्रा व बरसात ने रोक दी विकास की रफ्तार
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शामली में बारिश के चलते रूका सेहटा पुल का निर्माण कार्य।
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बरसात के चलते जिले में हाईवे, शामली बाईपास और फ्लाईओवर निर्माण ठिठक गया है। पहले कांवड़ यात्रा की वजह से 15 दिन निर्माण प्रभावित रहा। अब बरसात के चलते निर्माण पर असर पड़ रहा है। अगस्त में बारिश नहीं रुकी तो निर्माण कार्य सितंबर में शुरू हो सकेगा।
मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास के फ्लाईओवर निर्माण की रफ्तार पिछले करीब एक माह से थमी है। अगस्त में बारिश नहीं रुकी तो निर्माण कार्य और भी प्रभावित होगा। जुलाई में कांवड़ यात्रा में 15 दिन और शिवरात्रि के बाद अगस्त के महीने में रुक-रुक हो रही बारिश से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास पर बलवा में रेलवे पुल, सिंभालका और सेहटा में फ्लाईओवर निर्माण रुका हुआ है।
इसी तरह पानीपत-खटीमा हाईवे पर कंडेला से बलवा गेट तक, पूर्वी यमुना नहर पुल और कैराना में यमुना पर पुल निर्माण रुका हुआ है। पानीपत-खटीमा हाईवे की जद में बनत बाईपास पर कृष्णा नदी पुल और एक सर्विस लेन का कार्य प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर, मेरठ-करनाल हाईवे का बिड़ौली में यमुना पुल, बिड़ौली, कस्बा म्यान, केरटू, अहमदगढ़, झिंझाना गाड़ीवाला में फ्लाईओवर, शामली के मुंडेट कलां में पूर्वी यमुना नहर पुल, गोहरनी और शामली के जंगल में रेलवे क्रासिंग पर पुल और बाईपास कार्य प्रभावित हुआ है।
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र बालियान ने बताया कि कांवड़ यात्रा में सभी रूट बंद होने बाद अब बारिश के चलते विकास कार्य बंद हैं। शामली बाईपास का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। बारिश रुके तो बलवा में रेलवे पुल पर गार्डर रखने और सिंभालका फ्लाईओवर का आधा एप्रोच रोड को काला करने तथा सेहटा फ्लाईओवर का लिंटर डालने का काम शुरू होगा। हल्की बूंदाबांदी के बाद भी निर्माण कार्य शुरू होने में पांच से सात दिन का समय लगता है। अच्छी बारिश के बाद कम से कम पंद्रह दिन बाद काम शुरू हो पाता है। अगस्त में बारिश इसी तरह रुक-रुककर होती रही तो सितंबर में निर्माण शुरू होंगे।
कोट
बरसात में मिट्टी, रोड़ी और सड़क पर काली परत डालने का कार्य प्रभावित होता है।-जीतूराम, प्रोजेक्ट मैनेजर पानीपत-खटीमा हाईवे
बरसात के चलते निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। बारिश बंद होने के बाद ही शुरू किया जा सकेगा।-गिरजेश त्रिपाठी, महाप्रबंधक
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शामली। बरसात के चलते जिले में हाईवे, शामली बाईपास और फ्लाईओवर निर्माण ठिठक गया है। पहले कांवड़ यात्रा की वजह से 15 दिन निर्माण प्रभावित रहा। अब बरसात के चलते निर्माण पर असर पड़ रहा है। अगस्त में बारिश नहीं रुकी तो निर्माण कार्य सितंबर में शुरू हो सकेगा।
मेरठ-करनाल, पानीपत-खटीमा और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास के फ्लाईओवर निर्माण की रफ्तार पिछले करीब एक माह से थमी है। अगस्त में बारिश नहीं रुकी तो निर्माण कार्य और भी प्रभावित होगा। जुलाई में कांवड़ यात्रा में 15 दिन और शिवरात्रि के बाद अगस्त के महीने में रुक-रुक हो रही बारिश से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास पर बलवा में रेलवे पुल, सिंभालका और सेहटा में फ्लाईओवर निर्माण रुका हुआ है।
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इसी तरह पानीपत-खटीमा हाईवे पर कंडेला से बलवा गेट तक, पूर्वी यमुना नहर पुल और कैराना में यमुना पर पुल निर्माण रुका हुआ है। पानीपत-खटीमा हाईवे की जद में बनत बाईपास पर कृष्णा नदी पुल और एक सर्विस लेन का कार्य प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर, मेरठ-करनाल हाईवे का बिड़ौली में यमुना पुल, बिड़ौली, कस्बा म्यान, केरटू, अहमदगढ़, झिंझाना गाड़ीवाला में फ्लाईओवर, शामली के मुंडेट कलां में पूर्वी यमुना नहर पुल, गोहरनी और शामली के जंगल में रेलवे क्रासिंग पर पुल और बाईपास कार्य प्रभावित हुआ है।
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र बालियान ने बताया कि कांवड़ यात्रा में सभी रूट बंद होने बाद अब बारिश के चलते विकास कार्य बंद हैं। शामली बाईपास का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है। बारिश रुके तो बलवा में रेलवे पुल पर गार्डर रखने और सिंभालका फ्लाईओवर का आधा एप्रोच रोड को काला करने तथा सेहटा फ्लाईओवर का लिंटर डालने का काम शुरू होगा। हल्की बूंदाबांदी के बाद भी निर्माण कार्य शुरू होने में पांच से सात दिन का समय लगता है। अच्छी बारिश के बाद कम से कम पंद्रह दिन बाद काम शुरू हो पाता है। अगस्त में बारिश इसी तरह रुक-रुककर होती रही तो सितंबर में निर्माण शुरू होंगे।
कोट
बरसात में मिट्टी, रोड़ी और सड़क पर काली परत डालने का कार्य प्रभावित होता है।-जीतूराम, प्रोजेक्ट मैनेजर पानीपत-खटीमा हाईवे
बरसात के चलते निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। बारिश बंद होने के बाद ही शुरू किया जा सकेगा।-गिरजेश त्रिपाठी, महाप्रबंधक