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वित्तविहीन शिक्षकों ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:36 PM IST
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शिक्षकों ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली। वित्तविहीन शिक्षकों का मांगों को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार छठे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने मांग पूरी न होने पर धरना स्थल पर ही मुख्यमंत्री का पुतला फूंकते हुए विरोध प्रकट किया। वहीं, मूल्यांकन में अपात्र परीक्षक लगाने की डीएम से शिकायत करते हुए नियंत्रक से सूचना के अधिकार के तहत लगाए गए परीक्षकों की योग्यता और अनुभव की जानकारी मांगी।
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बृहस्पतिवार को भी आरके इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर मांगों को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों का मूल्यांकन बहिष्कार और धरना जारी रहा। वित्तविहीन शिक्षकों ने सरकार द्वारा दिए जाने वाले मानदेय बंद करने और मांग पूरी न करने का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंककर विरोध प्रकट किया। मेेरठ के प्रांतीय संयुक्त मंत्री मनोज शर्मा भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को संगठन की ओर से मूल्यांकन में अपात्र परीक्षक लगाने की शिकायत की। मूल्यांकन नियंत्रक से सूचना के अधिकार के तहत लगाएं गए परीक्षकों की सूची, उनकी योग्यता, पढ़ाया जाने वाला विषय और उनका पढ़ाने का अनुभव सहित अन्य सूचनाएं मांगी। इससे मूल्यांकन में अपात्र परीक्षक लगाए जाने का मामला उजागर हो सकें और भविष्य में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ न हो। प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल जांगड़ा ने कहा कि धरने को छठा दिन हो गया है। अभी तक कोई भी सरकार का जन प्रतिनिधि धरने पर नहीं पहुंचा। इससे शिक्षकों में रोष है। उन्होंने शिक्षकों से आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। धरने की अध्यक्षता पारुल मलिक और संचालन राजपाल शर्मा ने किया। इस दौरान श्रीचंद, सुरेंद्र, भूपेंद्र, उपासना, सूची तरार, सपना, सीमा, रेनू, ललिता, रजनी, संजीव, विनय, ओमप्रकाश, ओमवीर तोमर, अश्वनी, मोहित, शिवकुमार, रामनाथ, श्रीपाल आदि मौजूद रहे।
चेतनारायण शिक्षक संघ ने जानी शिक्षकों की समस्या
शामली। माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनारायण गुट के प्रदेशीय अधिकारियों के साथ मूल्यांकन केंद्र का दौरा किया। उन्होंने कमरों में घूमकर शिक्षकों की समस्याएं जानी और संगठन की नीतियों से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष ओमवीर तोमर, जिलाध्यक्ष डाक्टर अनुराग शर्मा, जिला मंत्री नीरज बेनीवाल, जिला संयोजक प्रदीप मलिक, महिला जिला उपाध्यक्ष सरोज मलिक ने बताया कि किस प्रकार संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि 14-15 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय सम्मेलन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज गोरखपुर में होगा। संगठन की आठ मुख्य मांगें थी जो मान ली गई है और पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर संघ संघर्ष कर रहा है। इस अवसर पर पुष्पेंद्र हुड्डा, अनुज राठी, रवि पंवार, राजनाथ सिंह, अर्जुन राम, नीरज कुमार, हरभजन सिंह आदि मौजूद रहे।
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30 अप्रैल को दिल्ली में महारैली होगी
शामली।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रांतीय महामंत्री हरकेश सिंह व प्रांतीय उपाध्यक्ष बाकर हुसैन के नेतृत्व में मूल्यांकन केंद्र पर शिक्षकों से मुलाकात की। सभी शिक्षकों से संगठन की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने सभी शिक्षकों को बताया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग के साथ ही अन्य मांगों को लेकर 30 अप्रैल को दिल्ली में महारैली होगी। सभी शिक्षक साथियों को पहुंचकर रैली को सफल बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने संगठन की कुछ मांगों को मान लिया तो कुछ जल्द ही मान ली जाएगी। अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब भर्ती आयोग के द्वारा होगी। सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का गठन कर लिया है। अब अल्पसंख्यक विद्यालयों में एलटी ग्रेड व अन्य पदों पर भर्ती केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। वहीं, जल्द ही सरकार संगठन की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग भी स्वीकार करेगी। संगठन के जिलाध्यक्ष पप्पू बोकड़िया ने संगठन के सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और सभी शिक्षकों से दिल्ली चलने का आह्वान किया। इस दौरान अनिल कुमार, अशोक, बाबूलाल, जगत सिंह, विश्राम, राजनाथ, शंबूनाथ, राकेश, संजीव, नकुल प्रसाद व संतलाल आदि रहे।
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