Shamli: डीएम से मिला रालोद प्रतिनिधिमंडल, पीड़ित किसानों को मुआवजे की मांग, मंत्री ने किया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र
Shamli News : रालोद प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीएम से मिला। इस दौरान पीड़ित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की गई।
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शामली में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के निर्देश पर क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंदर चेयरमैन के नेतृत्व में शामली सदर विधायक प्रसन्न चौधरी और थानाभवन विधायक अशरफ अली सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र सिंह से संपूर्ण समाधान दिवस में मिले। इस दौरान उन्होंने यमुना में पानी के तेज बहाव के कारण टूटे बांध से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने को लेकर ज्ञापन दिया। अवगत कराया गया है कि किसानों की सैकड़ो बीघा से ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल तबाह हो गई है और कटान अभी भी जारी है। जिसे रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं वह पर्याप्त नहीं है।
वहीं, आने वाले एक-दो दिन में मौसम विभाग की ओलावृष्टि की घोषणा को को देखते हुए किसानों के और नुकसान की संभावनाएं जताईं हैं। किसानों की फसलों का मुआयना करा कर उन्हें जल्द ही मुआवजे देने की मांग की गई। विधायक अशरफ अली ने बताया कि डीएम ने टीमें गठित कर शासन को मामले से अवगत कराने को कहा है। कहा कि मामले को जल्द ही विस में भी उठाया जाएगा। रालोद किसानों के साथ है।
कांग्रेस ने भी बैठक कर किसानों को मुआवजे की मांग उठाई। जिला कांग्रेस कमेटी ने गढ़ीपुख्ता में किसानों के साथ बैठक की व भारी बारिश होने से फसल की नुकसान की जानकारी ली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी ने कहा कि मकानों में कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। गढ़ीपुख्ता नगर पंचायत में कुछ लोग कच्चे मकानों में डरकर रह रहे हैं। क्योंकि इनकी कभी भी छत गिर सकती है।
शासन-प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। भारी बारिश से बर्बाद हुई फसल का सरकार को सर्वे कराकर मुआवजा देना चाहिए और आपदा घोषित किया जाना चाहिए।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और अधिकारियों ने किया बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा
यमुना का जलस्तर बढ़ने के पश्चात कैराना के समीप तटबंध टूट जाने से तटबंध से सटीक किसानों के खेतों पर समस्या का पहाड़ टूट गया। तटबंध टूट जाने के बाद खंड विकास क्षेत्र के गांव डून्डूखेड़ा, ईस्सौपुरटील और गढ़ी रामकौर के दर्जनों किसानों के खेत में यमुना का पानी तेजी के साथ घुस गया था। यमुना के पानी ने डून्डूखेड़ा के अधिकांश कृषि के भूभाग पर अपना कब्जा कर लिया था। किसानों के खेत जलमग्न हो जाने के बाद किसानों को मौके से भागना पड़ा था। खेतों में पानी घुसने से किसानों की करीब हजारो बीघा धान, ईंख, मक्का की फसल जलमग्न हो गई थी। यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के साथ अन्य किसानों के खेतों में भी पानी तेजी के साथ घुसने लगा है। जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
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किसान सुरेंद्र, भूपेंद्र, राजपाल सहित अन्य किसानों का कहना है कि वर्ष 2013 में इस्सोपुर टील से लेकर कैराना तक यमुना नदी पर तटबन्ध का निर्माण कराया गया था। जिसमें यमुना नदी के जलस्तर के बढ़ने के बाद भी किसानों की फसल को कोई नुकसान नहीं होता था, लेकिन रेत खनन माफियाओं ने तटबंध को लगातार क्षति पहुंचाई, परिणाम स्वरूप कैराना के पास तटबन्ध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया और सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई। रविवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने एसडीएम कैराना निकिता शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को हर संभव सरकार से मदद दिलाने का भी आश्वासन दिया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि किसानों की कई हजार बीघा फसल नष्ट हुई है।उक्त मामले में प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही सरकार के द्वारा पीड़ित किसानों को नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिया जाएगा।