{"_id":"6a981c78f29ad3ae5f09ebdb","slug":"nirmala-yadav-from-shikohabad-has-been-appointed-as-member-of-the-ram-mandir-trust-2026-09-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काैन हैं प्रो. निर्मला यादव: राम मंदिर ट्रस्ट की नई सदस्य, आरएसएस और मंदिर आंदोलन से जुड़ा है परिवार का इतिहास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काैन हैं प्रो. निर्मला यादव: राम मंदिर ट्रस्ट की नई सदस्य, आरएसएस और मंदिर आंदोलन से जुड़ा है परिवार का इतिहास
Wed, 02 Sep 2026 06:24 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 02 Sep 2026 06:24 PM IST
सार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शिकोहाबाद की प्रो. निर्मला यादव को नया सदस्य बनाया गया है। प्रो. यादव का परिवार आरएसएस की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके परिवार की राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका रही है।
विज्ञापन
प्रो. निर्मला यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की सर्वोच्च संस्था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शिकोहाबाद के प्रतिष्ठित उरावर हाउस की बहू प्रो. निर्मला यादव को ट्रस्टी सदस्य मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विभिन्न सेवा प्रकल्पों में लंबे समय से समर्पित भाव से राष्ट्र उत्थान के कार्यों से जुड़ीं प्रो. निर्मला यादव को इस दायित्व की प्राप्ति से जिले और उनके अवागढ़ (एटा) स्थित मायके में खुशी की लहर है।
प्रो. निर्मला यादव ने हिंदी में पीएचडी की है। वर्ष 1999 में महज 34 वर्ष की अायु में वे शिकोहाबाद के बीडीएम डिग्री कॉलेज की प्राचार्या नियुक्त हुई थीं। वर्ष 1999 से 2006 तक बीडीएम डिग्री कॉलेज में शैक्षणिक सुधारों और कड़े नियमों का नेतृत्व करने के बाद, उन्होंने फिरोजाबाद के प्रतिष्ठित एमजी बालिका पीजी कॉलेज में प्राचार्या का पदभार संभाला और 2021 में सेवानिवृत्त हुईं। वर्तमान में वह राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की उपाध्यक्ष के रूप में शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पति के निधन के पश्चात उन्होंने स्वयं को पूर्ण रूप से संघ की विचारधारा और समाज सेवा के लिए समर्पित कर रखा है।
विज्ञापन
प्रो. निर्मला यादव ने हिंदी में पीएचडी की है। वर्ष 1999 में महज 34 वर्ष की अायु में वे शिकोहाबाद के बीडीएम डिग्री कॉलेज की प्राचार्या नियुक्त हुई थीं। वर्ष 1999 से 2006 तक बीडीएम डिग्री कॉलेज में शैक्षणिक सुधारों और कड़े नियमों का नेतृत्व करने के बाद, उन्होंने फिरोजाबाद के प्रतिष्ठित एमजी बालिका पीजी कॉलेज में प्राचार्या का पदभार संभाला और 2021 में सेवानिवृत्त हुईं। वर्तमान में वह राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की उपाध्यक्ष के रूप में शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पति के निधन के पश्चात उन्होंने स्वयं को पूर्ण रूप से संघ की विचारधारा और समाज सेवा के लिए समर्पित कर रखा है।
विज्ञापन
प्रो. निर्मला यादव का पारिवारिक इतिहास
प्रो. निर्मला यादव का ससुराल पक्ष और उरावर हाउस का इतिहास देश सेवा, सैन्य योगदान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राममंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा है। प्रो. निर्मला यादव के ससुर स्वः सूर्य कुमार यादव भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे आरएसएस में सक्रिय हुए और संघ के विभाग संचालक के दायित्व का निर्वहन किया।
प्रो. निर्मला यादव का ससुराल पक्ष और उरावर हाउस का इतिहास देश सेवा, सैन्य योगदान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राममंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा है। प्रो. निर्मला यादव के ससुर स्वः सूर्य कुमार यादव भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे आरएसएस में सक्रिय हुए और संघ के विभाग संचालक के दायित्व का निर्वहन किया।
प्रो. निर्मला यादव के पति स्व. हरेंद्र यादव बाबा ने वकालत की पढ़ाई पूरी की थी, परंतु कानून के पेशे के बजाय उन्होंने संघ की विचारधारा को चुना। वर्ष 1980 से 2002 तक आरएसएस में सक्रिय रहे हरेंद्र बाबा वर्ष 1992 के ऐतिहासिक राममंदिर आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे। भाजपा ने उन्हें शिकोहाबाद नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकट दिया था, जिसे त्यागकर उन्होंने संगठन सेवा को प्राथमिकता दी थी। वर्ष 2021 में कासगंज के सोरों जी में रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिलने से उनकी असमयिक और रहस्यमयी मृत्यु हो गई थी।
निर्मला यादव के जेठ स्व. योगेंद्र सिंह यादव अपने वायुसेना अधिकारी पिता से प्रेरित होकर संघ में आए और जिला संचालक तक रहे। वे आपातकाल के दौरान जेल गए थे और बाद में 1992 के अयोध्या आंदोलन के दौरान भी कारागार में बंद रहे। प्रो. निर्मला यादव की एक पुत्री श्वेता हैं, जिनका विवाह जोधपुर में हुआ है और उनके दामाद मुकेश कुमार वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। शिकोहाबाद स्थित उरावर हाउस में उनकी जेठानी बीना यादव, पुत्रवधू सीमा यादव और नातिन योना यादव इस उपलब्धि पर बेहद गौरवान्वित हैं।
जल्द अयोध्या जाकर ग्रहण करेंगी पदभार
प्रो. निर्मला यादव को ट्रस्टी नियुक्त होने की जानकारी बुधवार को मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली, तो उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार का धन्यवाद दिया। फोन पर हुई बातचीत में प्रो. निर्मला यादव ने कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए अत्यंत भावुक और गौरवशाली क्षण है। उन्होंने कहा, यह मेरे पूरे परिवार पर प्रभु श्रीराम की असीम अनुकंपा का परिणाम है। ट्रस्टी के रूप में जो दायित्व मुझे सौंपा गया है, उसके लिए मैं दिन-रात कड़ी मेहनत करूंगी और पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ इस पद की मर्यादा का पालन करूंगी। वर्तमान में वह आगरा के दयालबाग क्षेत्र में अपना नया मकान बनवा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शीघ्र ही अयोध्या पहुंचकर औपचारिक रूप से अपना दायित्व ग्रहण करेंगी और मंदिर ट्रस्ट के भावी प्रकल्प में अपना योगदान देना शुरू करेंगी।
प्रो. निर्मला यादव को ट्रस्टी नियुक्त होने की जानकारी बुधवार को मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली, तो उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार का धन्यवाद दिया। फोन पर हुई बातचीत में प्रो. निर्मला यादव ने कहा कि यह उनके और उनके परिवार के लिए अत्यंत भावुक और गौरवशाली क्षण है। उन्होंने कहा, यह मेरे पूरे परिवार पर प्रभु श्रीराम की असीम अनुकंपा का परिणाम है। ट्रस्टी के रूप में जो दायित्व मुझे सौंपा गया है, उसके लिए मैं दिन-रात कड़ी मेहनत करूंगी और पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ इस पद की मर्यादा का पालन करूंगी। वर्तमान में वह आगरा के दयालबाग क्षेत्र में अपना नया मकान बनवा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शीघ्र ही अयोध्या पहुंचकर औपचारिक रूप से अपना दायित्व ग्रहण करेंगी और मंदिर ट्रस्ट के भावी प्रकल्प में अपना योगदान देना शुरू करेंगी।