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बदहाल मार्गों की रिपोर्ट तलब
शाामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:11 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से खस्ताहाल राज्यमार्ग और प्रमुख मार्गों की रिपोर्ट तलब की है। फरमान के बाद लोक निर्माण विभाग के जिले के अफसर दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर, पानीपत- खटीमा मार्ग व एक साल पूर्व तैयार किए मेरठ-करनाल समेत जिले के मार्गों के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
वेस्ट यूपी के सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद जिलों को जोड़ने वाला दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन सात साल से अधूरा पड़ा हुआ है। हैदराबाद की निर्माण एजेंसी ने वर्ष 2014 में निर्माण से हाथ खींच लिए जाने के बाद फोरलेन का कार्य अधर में है। 25 जुलाई 2016 को राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने निर्माण एजेंसी के टेंडर को निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिला का दूसरा फोरलेन मेरठ-करनाल एक साल पूर्व बनकर तैयार हो गया था।
पंजाब-हरियाणा, राजस्थान के भारी वाहनों के आवागमन के कारण एक साल में इस मार्ग की हालत दयनीय हो गई है। पानीपत-खटीमा मार्ग भी खस्ताहाल में है। सूबे में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से खस्ताहाल मार्गों की मरम्मत के लिए शासन गंभीर है।
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उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दो दिन पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, विशेष सचिव की पहली बैठक में जिले के अधिकारियों से खस्ताहाल मार्गों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि जिले के राजमार्गों व जिला मार्गों की सूची बनाकर पड़ताल कराकर रिपोर्ट शासन को शीघ्र भेजी जाएगी। डीएम सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएम के आदेश के बाद सीडीओ यशु रुस्तगी, एसडीएम एक डिप्टी कलक्टर को सड़कों की जांच सौंपी गई है।
जांच टीम में सीडीओ एवं एसडीएम के साथ एक सहायक अभियंता को शामिल किया गया है। 28 मार्च तक सभी सड़कों की जांच रिपोर्ट उनके माध्यम से शासन को जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दायरे में कैराना बाईपास, ऊन-थानाभवन मार्ग, टपराना से अगड़ीपुर मार्ग समेत कई सड़कें शामिल है।
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वेस्ट यूपी के सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद जिलों को जोड़ने वाला दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन सात साल से अधूरा पड़ा हुआ है। हैदराबाद की निर्माण एजेंसी ने वर्ष 2014 में निर्माण से हाथ खींच लिए जाने के बाद फोरलेन का कार्य अधर में है। 25 जुलाई 2016 को राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों ने निर्माण एजेंसी के टेंडर को निरस्त करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिला का दूसरा फोरलेन मेरठ-करनाल एक साल पूर्व बनकर तैयार हो गया था।
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पंजाब-हरियाणा, राजस्थान के भारी वाहनों के आवागमन के कारण एक साल में इस मार्ग की हालत दयनीय हो गई है। पानीपत-खटीमा मार्ग भी खस्ताहाल में है। सूबे में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से खस्ताहाल मार्गों की मरम्मत के लिए शासन गंभीर है।
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उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दो दिन पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, विशेष सचिव की पहली बैठक में जिले के अधिकारियों से खस्ताहाल मार्गों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि जिले के राजमार्गों व जिला मार्गों की सूची बनाकर पड़ताल कराकर रिपोर्ट शासन को शीघ्र भेजी जाएगी। डीएम सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएम के आदेश के बाद सीडीओ यशु रुस्तगी, एसडीएम एक डिप्टी कलक्टर को सड़कों की जांच सौंपी गई है।
जांच टीम में सीडीओ एवं एसडीएम के साथ एक सहायक अभियंता को शामिल किया गया है। 28 मार्च तक सभी सड़कों की जांच रिपोर्ट उनके माध्यम से शासन को जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दायरे में कैराना बाईपास, ऊन-थानाभवन मार्ग, टपराना से अगड़ीपुर मार्ग समेत कई सड़कें शामिल है।