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मरीजों से पूछा, डॉक्टरों का कैसा है व्यवहार
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:30 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव और जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राज शेखर ने कैराना क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बुधवार को विशेष सचिव डॉ. राज शेखर, डीएम इंद्र विक्रम सिंह के साथ विकास खंड कार्यालय पहुंचे।
यहां पर उन्होंने पूछा कि गांव के विकास के लिए रुपया किस तरह आता है। जिस पर बीडीओ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि गांव के विकास के लिए लखनऊ से पैसा सीधे ऑनलाइन ग्राम पंचायतों को मिलता है। गांव के विकास कार्यों के लिए एक लाख से अधिक पक्के सामान की खरीदारी टेंडर के द्वारा की जाती है। ब्लाक के कुल 42 गांवों में से 10 गांव में मनरेगा के अंतर्गत कार्य कराए जा रहे हैं।
इसमें 27 प्रतिशत महिलाएं व पांच प्रतिशत एससी कोटे के मजदूर कार्य करते हैं। मजदूरों का भुगतान 15 दिन के अंदर ऑनलाइन हो जाता है। डीएम ने बताया कि 2016-17 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इस कारण 2017-18 में कोई शौचालय नहीं दिया गया। जिले में ईंट व अन्य सामान सस्ता होने के कारण पिछले डीएम ने शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार के स्थान पर 10 हजार देकर अधिक शौचालय बनवाए।
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विशेष सचिव के पूछने पर बताया कि यहां पर स्टाफ की कमी रहती है। उधर विशेष सचिव ने निर्देश दिए कि गांव में पानी की निकासी के लिए गांव में नाले बनवाये जाये तथा गांव में कच्चे तालाब खुदवा कर उसमें पानी डाला जाए। इसके लिए कार्य योजना बना कर शासन को भेजे।
इसके बाद विशेष सचिव सामुदायिक स्वास्थ्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली दवाईयों व डाक्टरों के व्यवहार के बारे में पूछा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सलीम ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन करता है। महिला डॉक्टर व सर्जन नहीं है। अस्पताल में सांप के काटे की एंटी स्नैक दवाई व एंटी रेबीज मौजूद हैं।
विशेष सचिव ने दवाइयों के बारे में जानकारी लेने के बाद कहा कि अस्पताल में एक्सपायर होने से पहले ही दवाइयों को मरीज को देनी चाहिए तथा एक्सपायर होने के बाद उसका रजिस्टर बना कर अलग कर देनी चाहिए। नेत्र रोग विभाग के बारे में देखा कि यहां पर सुविधा नहीं होने के कारण केवल चश्मे का नंबर बता कर मरीज को भेज दिया जाता है।
स्वच्छता के लिए अफसर कार्ययोजना बनाएं
शामली। उप्र लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने गांवों में मनरेगा से तालाब की खुदाई कर जल निकासी हेतु पक्की नालियों का निर्माण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि जनपद ओडीएफ घोषित हो चुका है, अब गांवों की स्वच्छता हेतु कार्य योजना बनाकर ओडीएफ प्लस पर कार्य करें।
बुधवार को उप्र लोनिवि के विशेष सचिव एवं नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने थाना कांधला, विकास खंड कैराना कार्यालय, सरकारी चिकित्सालय कैराना तथा ऊन ब्लाक के वेदखेड़ी गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने बेदखेड़ी गांव में चौपाल लगाकर जन समस्याओं को सुनकर निराकरण करने के लिए निर्देश दिए। मौके पर ब्लाक कैराना के बामनौली गांव निवासी सोनू ने गांव के तालाब में जल भराव की शिकायत करते हुए समस्या समाधान किए जाने की
मांग की। जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने ग्रामीणों से जल की बर्बादी रोकने का अनुरोध किया। गांव की जल भराव की समस्या पर कार्ययोजना बनाकर समस्याओं का समाधान कराए जाने के अधिकारियों को निर्देश है। डीडीओ बलराम कुमार ने
डीआरडीए में केवल सहायक अभियंता की तैनाती है। स्टाफ की कमी होने के कारण कार्य बाधित हो रहा है।
उन्होंने शासन से स्टाफ की नियुक्ति की मांग की। नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने जिला पंचायत राज अधिकारी को गांव में सफाई कर्मी की तैनाती रोस्टर के अनुसार सभी गांव में नियुक्ति करने के निर्देश दिए।
उधर, नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर के साथ डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा, सीडीओ रेणू तिवारी, डीडीओ बलराम कुमार, एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार अभय राज पांडेय सीओ थानाभवन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे थे।
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यहां पर उन्होंने पूछा कि गांव के विकास के लिए रुपया किस तरह आता है। जिस पर बीडीओ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि गांव के विकास के लिए लखनऊ से पैसा सीधे ऑनलाइन ग्राम पंचायतों को मिलता है। गांव के विकास कार्यों के लिए एक लाख से अधिक पक्के सामान की खरीदारी टेंडर के द्वारा की जाती है। ब्लाक के कुल 42 गांवों में से 10 गांव में मनरेगा के अंतर्गत कार्य कराए जा रहे हैं।
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इसमें 27 प्रतिशत महिलाएं व पांच प्रतिशत एससी कोटे के मजदूर कार्य करते हैं। मजदूरों का भुगतान 15 दिन के अंदर ऑनलाइन हो जाता है। डीएम ने बताया कि 2016-17 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इस कारण 2017-18 में कोई शौचालय नहीं दिया गया। जिले में ईंट व अन्य सामान सस्ता होने के कारण पिछले डीएम ने शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार के स्थान पर 10 हजार देकर अधिक शौचालय बनवाए।
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विशेष सचिव के पूछने पर बताया कि यहां पर स्टाफ की कमी रहती है। उधर विशेष सचिव ने निर्देश दिए कि गांव में पानी की निकासी के लिए गांव में नाले बनवाये जाये तथा गांव में कच्चे तालाब खुदवा कर उसमें पानी डाला जाए। इसके लिए कार्य योजना बना कर शासन को भेजे।
इसके बाद विशेष सचिव सामुदायिक स्वास्थ्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली दवाईयों व डाक्टरों के व्यवहार के बारे में पूछा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सलीम ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन करता है। महिला डॉक्टर व सर्जन नहीं है। अस्पताल में सांप के काटे की एंटी स्नैक दवाई व एंटी रेबीज मौजूद हैं।
विशेष सचिव ने दवाइयों के बारे में जानकारी लेने के बाद कहा कि अस्पताल में एक्सपायर होने से पहले ही दवाइयों को मरीज को देनी चाहिए तथा एक्सपायर होने के बाद उसका रजिस्टर बना कर अलग कर देनी चाहिए। नेत्र रोग विभाग के बारे में देखा कि यहां पर सुविधा नहीं होने के कारण केवल चश्मे का नंबर बता कर मरीज को भेज दिया जाता है।
स्वच्छता के लिए अफसर कार्ययोजना बनाएं
शामली। उप्र लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने गांवों में मनरेगा से तालाब की खुदाई कर जल निकासी हेतु पक्की नालियों का निर्माण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि जनपद ओडीएफ घोषित हो चुका है, अब गांवों की स्वच्छता हेतु कार्य योजना बनाकर ओडीएफ प्लस पर कार्य करें।
बुधवार को उप्र लोनिवि के विशेष सचिव एवं नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने थाना कांधला, विकास खंड कैराना कार्यालय, सरकारी चिकित्सालय कैराना तथा ऊन ब्लाक के वेदखेड़ी गांव में विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने बेदखेड़ी गांव में चौपाल लगाकर जन समस्याओं को सुनकर निराकरण करने के लिए निर्देश दिए। मौके पर ब्लाक कैराना के बामनौली गांव निवासी सोनू ने गांव के तालाब में जल भराव की शिकायत करते हुए समस्या समाधान किए जाने की
मांग की। जिले के नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने ग्रामीणों से जल की बर्बादी रोकने का अनुरोध किया। गांव की जल भराव की समस्या पर कार्ययोजना बनाकर समस्याओं का समाधान कराए जाने के अधिकारियों को निर्देश है। डीडीओ बलराम कुमार ने
डीआरडीए में केवल सहायक अभियंता की तैनाती है। स्टाफ की कमी होने के कारण कार्य बाधित हो रहा है।
उन्होंने शासन से स्टाफ की नियुक्ति की मांग की। नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर ने जिला पंचायत राज अधिकारी को गांव में सफाई कर्मी की तैनाती रोस्टर के अनुसार सभी गांव में नियुक्ति करने के निर्देश दिए।
उधर, नोडल अधिकारी डॉ. राजशेखर के साथ डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा, सीडीओ रेणू तिवारी, डीडीओ बलराम कुमार, एसडीएम कैराना दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार अभय राज पांडेय सीओ थानाभवन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे थे।