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ज्ञान वृक्ष के समान होता है कठोर : विजय कौशल
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शामली में कैराना रोड पर श्रीराम कथा करते विजय कौशल जी महाराज।
- फोटो : SHAMLI
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ज्ञान वृक्ष के समान होता है कठोर : विजय कौशल
शामली। संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि संत के हृदय की सेवा करना ही सरोवर में स्नान करना है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ज्ञान और जानकी जी भक्ति की प्रतीक है। ज्ञान वृक्ष के समान कठोर होता है, जबकि भक्ति लता के समान सुकुमार होती है। महापुरुषों की कोई जाति धर्म नहीं होता। महापुरुष किसी जाति विशेष की धरोहर नहीं होते वह संपूर्ण समाज के होते हैं।
मंगलवार को कैराना रोड स्थित जे.जे फार्म विवाह मंडप में चौथे दिन श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने प्रभु श्रीराम और जानकी जी के विवाह का मांगलिक प्रसंग प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इसी प्रसंग में सीताजी की विदाई की चर्चा के दौरान माहौल भावुक हो गया। आज की कथा में संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि आज हमने महापुरुषों और देवी-देवताओं को भी जातियों- धर्म के सांचे में ढाल लिया है, जबकि महापुरुष किसी जाति विशेष की धरोहर नहीं होते वह संपूर्ण समाज के होते हैं।
महाराज श्री ने कहा कि प्रभु श्री राम छोटे भाई लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ में शामिल हुए। इससे पूर्व पुष्प वाटिका में जानकी जी गौरी पूजन के लिए पहुंचती है तो उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु को प्राप्त करने के लिए हमें तीन काम करने पड़ते हैं। हमें बाग में जाना पड़ता है, सरोवर में स्नान करना पड़ता है और गौरी पूजन करना होता है। सत्संग ही हमारे लिए बाग है, संत के हृदय की सेवा करना ही सरोवर में स्नान करना है और भगवान के प्रति ईष्ट के प्रति श्रद्धा रखना ही गौरी पूजन है।
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प्रभु श्रीराम ज्ञान के प्रतीक हैं और जानकी जी भक्ति की प्रतीक हैं। ऋषि वाल्मीकि, भगवान परशुराम, संत रविदास तथा अन्य महापुरुषों, देवी देवताओं को भी हम जाति के चश्मे से देखने लगे हैं, जबकि महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं होते महापुरुष पूरे समाज की धरोहर होते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वभाव का अंतर बताते हुए कहते हैं कि राम अपने मधुर स्वभाव से पहचाने जाते है, जबकि श्रीकृष्ण अपने प्रभाव से जाने जाते हैं। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, अंजना बंसल, अखिल बंसल, सारिका बंसल, राजीव मलिक, महेश गोयल, रोबिन गर्ग, सपन मित्तल, प्रदीप पुंडीर, प्रदीप मंगल, मुकेश गोयल, सुनील गोयल, अशोक बंसल, पूर्व आईजी विजय गर्ग, एसपी शामली अजय कुमार सपत्नीक उपस्थित रहे।
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शामली। संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि संत के हृदय की सेवा करना ही सरोवर में स्नान करना है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ज्ञान और जानकी जी भक्ति की प्रतीक है। ज्ञान वृक्ष के समान कठोर होता है, जबकि भक्ति लता के समान सुकुमार होती है। महापुरुषों की कोई जाति धर्म नहीं होता। महापुरुष किसी जाति विशेष की धरोहर नहीं होते वह संपूर्ण समाज के होते हैं।
मंगलवार को कैराना रोड स्थित जे.जे फार्म विवाह मंडप में चौथे दिन श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने प्रभु श्रीराम और जानकी जी के विवाह का मांगलिक प्रसंग प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इसी प्रसंग में सीताजी की विदाई की चर्चा के दौरान माहौल भावुक हो गया। आज की कथा में संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि आज हमने महापुरुषों और देवी-देवताओं को भी जातियों- धर्म के सांचे में ढाल लिया है, जबकि महापुरुष किसी जाति विशेष की धरोहर नहीं होते वह संपूर्ण समाज के होते हैं।
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महाराज श्री ने कहा कि प्रभु श्री राम छोटे भाई लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ में शामिल हुए। इससे पूर्व पुष्प वाटिका में जानकी जी गौरी पूजन के लिए पहुंचती है तो उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु को प्राप्त करने के लिए हमें तीन काम करने पड़ते हैं। हमें बाग में जाना पड़ता है, सरोवर में स्नान करना पड़ता है और गौरी पूजन करना होता है। सत्संग ही हमारे लिए बाग है, संत के हृदय की सेवा करना ही सरोवर में स्नान करना है और भगवान के प्रति ईष्ट के प्रति श्रद्धा रखना ही गौरी पूजन है।
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प्रभु श्रीराम ज्ञान के प्रतीक हैं और जानकी जी भक्ति की प्रतीक हैं। ऋषि वाल्मीकि, भगवान परशुराम, संत रविदास तथा अन्य महापुरुषों, देवी देवताओं को भी हम जाति के चश्मे से देखने लगे हैं, जबकि महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं होते महापुरुष पूरे समाज की धरोहर होते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वभाव का अंतर बताते हुए कहते हैं कि राम अपने मधुर स्वभाव से पहचाने जाते है, जबकि श्रीकृष्ण अपने प्रभाव से जाने जाते हैं। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, अंजना बंसल, अखिल बंसल, सारिका बंसल, राजीव मलिक, महेश गोयल, रोबिन गर्ग, सपन मित्तल, प्रदीप पुंडीर, प्रदीप मंगल, मुकेश गोयल, सुनील गोयल, अशोक बंसल, पूर्व आईजी विजय गर्ग, एसपी शामली अजय कुमार सपत्नीक उपस्थित रहे।
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