आतंकी कनेक्शन: बुढ़ाना मदरसे में जांच एजेंसियों ने खंगाले रिकॉर्ड, पांच घंटे गहन जांच के बाद लौटी टीमें
अहमदाबाद में तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया विभाग ने बुढ़ाना के दाऊद अरबिया दारुल उलूम अजीजिया मदरसे में जांच की। टीमों ने छात्रों, मौलाना और संचालक से बातचीत कर पुराना रिकॉर्ड कब्जे में लिया। विभाग पुराने मामलों की कड़ियां भी खंगाल रहा है।
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अहमदाबाद में बुढ़ाना मदरसे से जुड़े दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को आईबी, एलआईयू और स्पेशल ब्रांच की टीम ने दाऊद अरबिया दारुल उलूम अजीजिया मदरसे में पहुंचकर लगभग पांच घंटे तक जांच-पड़ताल की। टीमों ने दस्तावेज़, उपस्थिति रजिस्टर और एडमिशन रिकॉर्ड की जांच की और कई कागजात कब्जे में लिए।
गुजरात एटीएस ने पांच दिन पहले तीन युवकों को पकड़ा था, जिनमें शामली के झिंझाना निवासी आजाद और लखीमपुर खीरी के सुहैल का नाम भी शामिल है। दोनों कुछ समय पहले बुढ़ाना के इसी मदरसे में पढ़ चुके थे, जिसके बाद से खुफिया विभाग क्षेत्र में लगातार तथ्य जुटाने में लगा है।
टीमों ने मदरसे में बच्चों, मौलाना और स्टाफ से बातचीत की। यह जानने की कोशिश की गई कि आजाद और सुहैल यहां कितने समय तक रहे, उनका व्यवहार कैसा था और वे किस प्रकार की पढ़ाई कर रहे थे। टीम ने कमरों, लाइब्रेरी और आवासीय हिस्सों का भी निरीक्षण किया ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की संभावना को जांचा जा सके।
यह भी पढ़ें: लगी फटकार: कूड़ा निस्तारण में लापरवाही पर एनजीटी नाराज, मेरठ निगम से मांगी विस्तृत आख्यामदरसा संचालक दाऊद ने बताया कि झिंझाना निवासी आजाद कुछ समय यहां पढ़ाई करता था लेकिन लॉकडाउन के दौरान वापस चला गया था। उसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। वहीं, लखीमपुर खीरी निवासी सुहैल 5 नवंबर को पिता के बीमार होने की सूचना देकर छुट्टी लेकर अपने घर चला गया था। दोनों के प्रवेश फॉर्म, उपस्थिति रजिस्टर और अन्य दस्तावेज टीमों को सौंप दिए गए।