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फॉर्च्यूनर लूटने वाले बदमाशों की हुई पहचान, धरपकड़ को पुलिस दे रही दबिश
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शामली। शहर कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े होटल के बाहर फारच्यूनर गाड़ी को लूटकर ले जाने की कोशिश करने वाले बदमाशों की पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस ने इस घटना में बाहरी गैंग को चिन्हित किया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिशें दे रही हैं।
सोमवार को शाम करीब चार बजे कैराना रोड पर पूर्वी यमुना नहर पुल के निकट होटल के बाहर चार-पांच सशस्त्र बदमाशों ने चालक शिवकुमार निवासी गांव जमालपुर बांगर थाना मीरापुर जिला मुजफ्फरनगर पर पिस्टल के बट से वार कर फारच्यूनर गाड़ी लूट ली थी, लेकिन बदमाश गाड़ी को कुछ कदम चलाने के बाद ले जाने में विफल रहे थे। चालक के शोर मचाने पर हड़बड़ाहट में बदमाश फायरिंग करते हुए गाड़ी छोड़ भाग गए थे। बदमाशों की एक पिस्टल व कारतूस गाड़ी में रह गई थी, जिसे पुलिस ने कब्जे मेें ले लिया था। घटना के वक्त चालक गाड़ी में अपनी सीट पर बैठा था जबकि उसके गांव के गाड़ी मालिक सिंचाई विभाग के ठेकेदार विजय कुमार होटल पर चाय पीने गए हुए थे।
ठेकेदार की तरफ से शहर कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों के चेहरे कैद हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है। एसएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों के गैंग की लगभग पहचान हो गई है। घटना के अंजाम देने वाला गैंग बाहर का है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया जाएगा।
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गाड़ी लूटकर बड़ी वारदात कर सकते थे बदमाश
पुलिस का मानना है कि जिस तरह से बदमाशों ने गाड़ी को लूटकर ले जाने की कोशिश की, उससे लग रहा है कि उनका मकसद गाड़ी लूटना ही था। इसके बाद किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना रही हो, लेकिन यह संयोग रहा कि बदमाश गाड़ी लूटने के बाद भी ले जाने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद ही असलियत का पता चल सकेगा।
घटना के दौरान बेखौफ थे बदमाश
गाड़ी को लूटकर ले जाने की कोशिश करने वाले बदमाश शातिर होने के साथ बेखौफ थे और उन्होंने दुस्साहिक ढंग से वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उनके चेहरे खुले हुए थे, उनके मुंह पर किसी तरह का कपड़ा या मास्क आदि नहीं था। चेहरे ढके न होने से पुलिस शुरूआत से ही यह मानकर चल रही थी कि बदमाश जिले से बाहर के रहे होंगे। इस आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आसपास के जिलों व प्रदेशों में बदमाशों की पहचान शुरू कर दी थी, जिसमें पुलिस को करीब करीब सफलता मिल चुकी है।
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सोमवार को शाम करीब चार बजे कैराना रोड पर पूर्वी यमुना नहर पुल के निकट होटल के बाहर चार-पांच सशस्त्र बदमाशों ने चालक शिवकुमार निवासी गांव जमालपुर बांगर थाना मीरापुर जिला मुजफ्फरनगर पर पिस्टल के बट से वार कर फारच्यूनर गाड़ी लूट ली थी, लेकिन बदमाश गाड़ी को कुछ कदम चलाने के बाद ले जाने में विफल रहे थे। चालक के शोर मचाने पर हड़बड़ाहट में बदमाश फायरिंग करते हुए गाड़ी छोड़ भाग गए थे। बदमाशों की एक पिस्टल व कारतूस गाड़ी में रह गई थी, जिसे पुलिस ने कब्जे मेें ले लिया था। घटना के वक्त चालक गाड़ी में अपनी सीट पर बैठा था जबकि उसके गांव के गाड़ी मालिक सिंचाई विभाग के ठेकेदार विजय कुमार होटल पर चाय पीने गए हुए थे।
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ठेकेदार की तरफ से शहर कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों के चेहरे कैद हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है। एसएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों के गैंग की लगभग पहचान हो गई है। घटना के अंजाम देने वाला गैंग बाहर का है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया जाएगा।
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गाड़ी लूटकर बड़ी वारदात कर सकते थे बदमाश
पुलिस का मानना है कि जिस तरह से बदमाशों ने गाड़ी को लूटकर ले जाने की कोशिश की, उससे लग रहा है कि उनका मकसद गाड़ी लूटना ही था। इसके बाद किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना रही हो, लेकिन यह संयोग रहा कि बदमाश गाड़ी लूटने के बाद भी ले जाने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद ही असलियत का पता चल सकेगा।
घटना के दौरान बेखौफ थे बदमाश
गाड़ी को लूटकर ले जाने की कोशिश करने वाले बदमाश शातिर होने के साथ बेखौफ थे और उन्होंने दुस्साहिक ढंग से वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उनके चेहरे खुले हुए थे, उनके मुंह पर किसी तरह का कपड़ा या मास्क आदि नहीं था। चेहरे ढके न होने से पुलिस शुरूआत से ही यह मानकर चल रही थी कि बदमाश जिले से बाहर के रहे होंगे। इस आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आसपास के जिलों व प्रदेशों में बदमाशों की पहचान शुरू कर दी थी, जिसमें पुलिस को करीब करीब सफलता मिल चुकी है।