{"_id":"6617d6d725192e50cc0a1077","slug":"encounter-with-miscreants-who-robbed-tractor-trolley-three-arrested-shamli-news-c-26-1-sal1002-119376-2024-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: महात्मा ज्योतिराव फूले के जीवन आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: महात्मा ज्योतिराव फूले के जीवन आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाभवन। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रातः कालीन शाखा पर महात्मा ज्योतिराव फूले का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर उनके जीवन आदर्शों के विषय में बताते हुए अनुसरण का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रातः कालीन शाखा गुरु गोविन्द सिंह में हुई। कार्यक्रम में बौद्धिक प्रमुख राकेश कांबोज ने कहा कि ज्योतिराव गोविंद राव फूले एक भारतीय समाज सुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। समाज सुधार के लिए अपना जीवन सर्वस्व ज्योछावर करने वाले महान पुरुष की जयंती हमारे लिए प्रेरणा का संदेश देती है। कुशल सिंघल ने कहा कि ज्योति राव गोविंद राव फूले का जन्म 11 अप्रैल 1827 में हुआ था। इन्हें महात्मा फूले एवं ज्योतिबाफूले नाम से भी जाना जाता है। 1873 में इन्होंने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। समाज के सभी वर्गों को शिक्षित करने, महिलाओं, दलितों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। वह भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे। उनके जन्मोत्सव पर हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज में उनके आदर्शों को पहुंचाना और अपनाने पर जन जागरण करना है। इस अवसर पर भव्य तायल, शुभम गुप्ता, आशीष कुमार, वंश तायल, सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
थानाभवन। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रातः कालीन शाखा पर महात्मा ज्योतिराव फूले का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर उनके जीवन आदर्शों के विषय में बताते हुए अनुसरण का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रातः कालीन शाखा गुरु गोविन्द सिंह में हुई। कार्यक्रम में बौद्धिक प्रमुख राकेश कांबोज ने कहा कि ज्योतिराव गोविंद राव फूले एक भारतीय समाज सुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता थे। समाज सुधार के लिए अपना जीवन सर्वस्व ज्योछावर करने वाले महान पुरुष की जयंती हमारे लिए प्रेरणा का संदेश देती है। कुशल सिंघल ने कहा कि ज्योति राव गोविंद राव फूले का जन्म 11 अप्रैल 1827 में हुआ था। इन्हें महात्मा फूले एवं ज्योतिबाफूले नाम से भी जाना जाता है। 1873 में इन्होंने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। समाज के सभी वर्गों को शिक्षित करने, महिलाओं, दलितों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। वह भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे। उनके जन्मोत्सव पर हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज में उनके आदर्शों को पहुंचाना और अपनाने पर जन जागरण करना है। इस अवसर पर भव्य तायल, शुभम गुप्ता, आशीष कुमार, वंश तायल, सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन