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एक शिक्षिका के भरोसे 127 बच्चों की पढ़ाई

Wed, 29 Jun 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 12:36 AM IST
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Education of 127 children on the basis of one teacher
गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव पलठेडी प्राइमरी स्कूल में बिना शिक्षक के क्लाश रूम में बैठे छात्र - फोटो : SHAMLI
एक शिक्षिका के भरोसे 127 बच्चों की पढ़ाई
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गढ़ी पुख्ता। क्षेत्र के गांव पलठेड़ी में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही शिक्षिका के चल रहा है। स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक शिक्षिका अंशु गणित की शिक्षिका हैं। उनके अलावा विद्यालय में किसी और शिक्षक की नियुक्ति नहीं है। विद्यालय कक्षा 6 से कक्षा 8 तक है, जिसमें 127 छात्र-छात्राए पंजीकृत हैं। जबकि 30 बच्चों पर एक शिक्षक की नियुक्ति होना जरूरी है। स्कूल में प्रधानाचार्य की नियुक्ति भी नहीं है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पास शिक्षण कार्य के अलावा भी कई कार्य होते हैं। जिसमें डीबीटी पंजीकरण, सत्यापन कराना, निर्वाचन में बीएलओ ड्यूटी, स्वास्थ्य विभाग के योजनाएं, मिड-डे मील वितरण, स्कूल भवन निर्माण कार्य, छात्रवृत्ति वितरण, पुस्तक वितरण, बैग वितरण, यूनिफॉर्म वितरण और परीक्षा ड्यूटी सहित तमाम अन्य काम शामिल हैं। इस तरह एक विद्यालय का बहुत कार्य होता है। ऐसे में शिक्षिका अंशु करीब एक वर्ष से यह जिम्मेदारी निभा रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता।
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एक शिक्षक होने से सभी विषय नहीं पढ़ पाते
कक्षा आठ की छात्रा शाहीली ने बताया कि उसके स्कूल में लगभग 127 छात्र-छात्राओं पर मात्र एक अध्यापिका हैं। ऐसे में सभी कक्षाएं एक साथ चलती हैं। इस वजह से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कक्षा सात की छात्रा शाहयम ने बताया कि स्कूल में एक ही टीचर होने से सभी विषयों की कक्षा संचालित नहीं हो पाती है। जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान होता है।
कक्षा छह का छात्र दीपांशु का कहना था कि एक ही टीचर होने की वजह से सभी कक्षाओं को एक साथ पढ़ाया जाता है। इसलिए कभी भी हमारा कोर्स पूरा नहीं हो पाता। कई विषय तो एकदम छूट जाते हैं। अगर एक से अधिक टीचर होते तो हमें अलग-अलग विषयों को अलग-अलग टीचर से पढ़ने का मौका मिलता।
वर्जन...
एकल विद्यालयों की सूची शासन को भेजी गई है। वहीं से तबादले होकर नए शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
- सीमा चौहान, बीईओ ऊन
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