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पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड की कवायद: बनत, सिलावर और जिला मुख्यालय पर की जा रही भूमि की तलाश

Sat, 12 Mar 2022 11:32 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:32 PM IST
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Dumping yard will be made of old vehicles
शामली। व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत जिले में पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड बनाने के लिए भूमि की तलाश जिला मुख्यालय, बनत रोड और सिलावर समेत कई जगह पर की जा रही है। भूमि चयन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा।
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केंद्र सरकार ने इस वर्ष बजट सत्र में व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अगस्त में लागू किया था। जिले में इस पॉलिसी पर अब काम शुरू हो गया है। तीन माह पूर्व प्रदेश के परिवहन आयुक्त धीरज शाहू का डंपिंग यार्ड स्थापना के लिए मिलने पर एआरटीओ मुंशीलाल ने डीएम से मिलकर डंपिंग यार्ड की स्थापना के लिए दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। डीएम ने एसडीएम सदर को भूमि तलाश करने के निर्देश दिए थे। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय, बनत रोड और सिलावर आदि कई गांवों में दो एकड़ भूमि तलाश की जा रही है। निर्माणाधीन एआरटीओ कार्यालय के पास जिला मुख्यालय पर भूमि प्राथमिकता पर रहेगी। अप्रैल माह में भूमि का निरीक्षण करके चयन कर लिया जाएगा। भूमि चयन के बाद शासन को भेजकर पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड बनाने के लिए बजट मांगा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर भूमि उपलब्ध होने के बाद तहसील स्तर पर कैराना, ऊन और शामली में भूमि तलाश की जाएगी। डंपिंग यार्ड बनाने के लिए प्राइवेट लोगों से भूमि और भवन के लिए सहयोग लिया जा रहा है।
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परिवहन थाना भी बनेगा
एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि डंपिंग यार्ड की भूमि उपलब्ध होने के बाद परिवहन थाना संचालित किया जाएगा। यार्ड में जिले के 10-15 साल पुराने वाहनों को परिवहन थाने के सुपुर्द किया जाएगा। परिवहन थानों में थाना प्रभारी संबंधित स्टॉफ तैनात होगा। उन्होंने बताया कि जिले में 10-15 साल हल्के-भारी डीजल और पेट्रोल के दो हजार वाहन है।
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क्या है व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी
इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। ये टेस्ट वाहनों के इंजन इंजन की हालत, उनका एमिशन स्टेटस और फ्यूल एफिशिएंसी, सेफ्टी जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रेप में भेज दिया जाएगा। व्यवसायिक वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
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