ट्रंप को पेंटागन अधिकारियों पर जासूसी का शक: करीब 50 का कराया पॉलीग्राफ टेस्ट; आखिर क्या है ये मामला?
ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मीडिया में लीक होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर पेंटागन के करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। जांच का मकसद यह पता लगाना था कि वर्गीकृत सूचनाएं पत्रकारों तक किसने पहुंचाईं।
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अमेरिका में अधिकारियों पर अविश्वास और जांच का यह पहला और दुर्लभ मामला है। ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मीडिया तक पहुंचने के बाद पेंटागन के करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अधिकारियों से पूछा गया कि क्या उन्होंने वर्गीकृत जानकारी पत्रकारों को दी और क्या उन्होंने अमेरिकी हथियारों के कम होते भंडार से जुड़ी सूचनाएं साझा कीं। जांच अगस्त में की गई। रिपोर्टों में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट मिसाइलों के इंटरसेप्टर जैसे महत्वपूर्ण हथियारों के भंडार में कमी की जानकारी सामने आने के बाद पेंटागन में लीक की तलाश तेज हुई। करीब 1,500 से 2,000 अधिकारी और कर्मचारी ज्वाइंट स्टाफ में काम करते हैं, जो दुनिया भर में अमेरिकी सैन्य अभियानों और युद्ध योजनाओं के समन्वय का काम करता है।
बड़े पैमाने पर पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने पहला मामला
अमेरिकी सैन्य इतिहास में इस स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने का यह पहला मामला है। नौसेना के पूर्व शीर्ष कानूनी अधिकारी रियर एडमिरल डोनाल्ड जे. गुटर ने कहा कि उन्होंने इतने व्यापक स्तर और इतने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच पॉलीग्राफ का इस्तेमाल पहले कभी नहीं देखा।
ट्रंप के निर्देश पर हुई पूछताछ
ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मीडिया में सामने आने के बाद पेंटागन ने लीक की जांच तेज कर दी। करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं उन्होंने वर्गीकृत सूचनाएं पत्रकारों के साथ तो साझा नहीं कीं।
हथियारों के भंडार की जानकारी लीक होने से मचा हड़कंप
जांच के केंद्र में अमेरिकी हथियारों के कम होते भंडार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां थीं। रिपोर्टों में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट मिसाइलों के इंटरसेप्टर जैसे महत्वपूर्ण हथियारों के स्टॉक में कमी की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद यह पता लगाने की कोशिश शुरू हुई कि ये गोपनीय सूचनाएं मीडिया तक आखिर कैसे पहुंचीं।
ज्वाइंट स्टाफ में 2,000 तक अधिकारी-कर्मचारी
करीब 1,500 से 2,000 अधिकारी और कर्मचारी ज्वाइंट स्टाफ में काम करते हैं। यह संस्था दुनिया भर में अमेरिकी सैन्य अभियानों और युद्ध योजनाओं के समन्वय में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में यहां से संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने की आशंका को बेहद गंभीरता से लिया गया।
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अमेरिकी सैन्य इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर टेस्ट
अमेरिकी सैन्य इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर और इतने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। नौसेना के पूर्व शीर्ष कानूनी अधिकारी रियर एडमिरल डोनाल्ड जे. गुटर ने कहा कि उन्होंने इतने व्यापक स्तर पर और इतने वरिष्ठ अधिकारियों के बीच पॉलीग्राफ का इस्तेमाल पहले कभी नहीं देखा।