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Shamli News: पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों के पोषण पर सवाल
Sun, 06 Sep 2026 01:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:02 AM IST
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शामली। जिला अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में डाइटिशियन का महत्वपूर्ण पद रिक्त है। करीब तीन साल से संचालित इस केंद्र में कुपोषित बच्चों को डाइटिशियन की नियुक्ति के बिना ही पोषण संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में बच्चों के लिए निर्धारित पोषण प्रबंधन और डाइट प्लान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला अस्पताल 16 अगस्त 2021 में चालू हुआ था। इसके बाद करीब तीन साल पहले 10 बेड के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की शुरुआत की गई थी। एनआरसी में पांच साल तक के कुपोषित बच्चों को 14 दिन तक भर्ती कर उपचार के साथ उनके पोषण करने का मानक निर्धारित है। इसके लिए शासन स्तर से स्टाफ की नियुक्ति की गई है, लेकिन डाइटिशियन और स्टाफ नर्स के दो पद रिक्त चल रहे हैं।
डाइटिशियन का कार्य पुरुष स्टाफ नर्स (स्वास्थ्यकर्मी) ही संभाल रहा है। इससे बच्चों के निर्धारित पोषण प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में कुपोषित लगभग 2300 और अति कुपोषित लगभग 400 बच्चे हैं। पिछले वर्ष केंद्र में 103 बच्चे भर्ती हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 69 बच्चों को भर्ती किया जा चुका है।
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एनआरसी में स्वीकृत पद और नियुक्त स्टाफ
स्वीकृत पद नियुक्त रिक्त पद
डाइटिशियन एक एक
चिकित्सक एक एक
स्टाफ नर्स चार दो
कुक एक एक
स्वीपर एक एक
पोषण पुनर्वास केंद्र में डाइटिशियन का पद रिक्त चल रहा है। इनके स्थान पर पुरुष स्टाफ नर्स द्वारा बच्चों के वजन के आधार पर चार्ट द्वारा निर्धारित डाइट के अनुसार बच्चों को पोषित किया जा रहा है। डाइटिशियन और अन्य पदों पर नियुक्ति के संबंध में शासन को पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. मनोज कुमार अखौरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल 16 अगस्त 2021 में चालू हुआ था। इसके बाद करीब तीन साल पहले 10 बेड के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की शुरुआत की गई थी। एनआरसी में पांच साल तक के कुपोषित बच्चों को 14 दिन तक भर्ती कर उपचार के साथ उनके पोषण करने का मानक निर्धारित है। इसके लिए शासन स्तर से स्टाफ की नियुक्ति की गई है, लेकिन डाइटिशियन और स्टाफ नर्स के दो पद रिक्त चल रहे हैं।
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डाइटिशियन का कार्य पुरुष स्टाफ नर्स (स्वास्थ्यकर्मी) ही संभाल रहा है। इससे बच्चों के निर्धारित पोषण प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले में कुपोषित लगभग 2300 और अति कुपोषित लगभग 400 बच्चे हैं। पिछले वर्ष केंद्र में 103 बच्चे भर्ती हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 69 बच्चों को भर्ती किया जा चुका है।
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एनआरसी में स्वीकृत पद और नियुक्त स्टाफ
स्वीकृत पद नियुक्त रिक्त पद
डाइटिशियन एक एक
चिकित्सक एक एक
स्टाफ नर्स चार दो
कुक एक एक
स्वीपर एक एक
पोषण पुनर्वास केंद्र में डाइटिशियन का पद रिक्त चल रहा है। इनके स्थान पर पुरुष स्टाफ नर्स द्वारा बच्चों के वजन के आधार पर चार्ट द्वारा निर्धारित डाइट के अनुसार बच्चों को पोषित किया जा रहा है। डाइटिशियन और अन्य पदों पर नियुक्ति के संबंध में शासन को पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. मनोज कुमार अखौरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल