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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   There are high-profile crimes, the police remained clement

अपराध कर रहे रसूखदार, पुलिस बनी मेहरबान

Fri, 07 Oct 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Fri, 07 Oct 2016 12:56 AM IST
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शामली में संविधान में कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई आम आदमी हो या खास। मगर पुलिस इसे नहीं मानती। तभी तो रसूखदारों का मामला सामने आते ही कार्रवाई के नाम पर पुलिस ठिठक जाती है। बुधवार रात कैराना रोड पर पोल्ट्री फार्म में मजदूरी मांगने पर नेपाली मजदूरों को पीटने के मामले में भी यही हुआ। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि कोई तहरीर ही नहीं आई। 
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शामली-कैराना मार्ग पर स्थित पोल्ट्री फार्म में 25 से ज्यादा नेपाली मजदूर कार्य करते थे। मजदूरों ने आरोप लगाया था कि कई महीने से उन्हें मजदूरी नहीं दी गई तथा मजदूरी मांगने पर पीटा गया तथा बंधक भी बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर शामली कोतवाली पुलिस भी रात में ही फैक्ट्री पर पहुंच गई थी। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ही मजदूरों को फैक्ट्री से निकला गया। 
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इसके बाद मजदूरों को वहां से भेज दिया। नेपाली मजदूर चीख चीखकर पुलिस से कह रहे थे कि उनके साथ ज्यादती की गई है, लेकिन पुलिस पर इसका कोई असर नहीं हुआ। तभी तो बृहस्पतिवार तक भी फैक्ट्री संचालक अथवा मजदूरों को बंधक बनाकर पीटने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। शामली कोतवाली प्रभारी सतीश राय का कहना है कि मजदूरों की तरफ से तहरीर ही नहीं मिली, जिस कारण मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। 
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श्रम विभाग भी बना रहता है मौन ःपोल्ट्री फार्म में नेपाली मजदूरों को बंधक बनाकर पिटाई के मामले में श्रम विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है। श्रम विभाग की जिम्मेदारी है कि वह फैक्ट्री और अन्य उपक्रमों में जांच करती है कि वहां श्रमिकों से ली जा रही सेवाओं के बदले उनका मानदेय (मजदूरी) दी जा रही है या नहीं। यह भी देखा जाता है कि कहीं पर किशोरों से श्रम तो नहीं कराया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण कराने में भी नियमों के पालन कराने की जवाबदेही होती है, लेकिन श्रम विभाग ने भी पोल्ट्री फार्म प्रकरण में संज्ञान नहीं लिया। 


कानून सबके लिए बराबर है। अपराध करने वाला कोई भी हो, शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पोल्ट्री फार्म में नेपाली मजदूरों से मारपीट के मामले में यदि तहरीर दी गई, तो कार्रवाई जरूर होगी। - विजय भूषण, पुलिस अधीक्षक
 
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