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50 हजार के लिए भांजों ने की मामा की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:19 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। बागपत के सूप गांव निवासी शब्बीर की हत्या पचास हजार रुपये के लिए उसके भांजों ने ही की थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव कनियान-एलम मार्ग पर 16 दिसंबर को बागपत के गांव सूप निवासी शब्बीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शब्बीर के पिता कालू ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस ने इस वारदात का खुलासा कर दिया। सीओ कैराना भूषण वर्मा और थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उन्हें सूचना मिली कि शब्बीर हत्याकांड से जुड़े दो युवक एलम चौकी के समीप खड़े हैं। पुलिस ने दोनों को घेराबंदी करके पकड़ लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम वसीम, साहिल निवासी कनियान बताए और दोनोें शब्बीर के सगे भांजे हैं। पुलिस के मुताबिक वसीम की नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 15 महीने पहले शब्बीर ने उनसे पचास हजार रुपये लिए थे। बार-बार मांगे जाने से पर भी रुपया वापस नहीं किया जा रहा था और न ही नौकरी लगवाई गई।
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इसी कारण वसीम शब्बीर से रंजिश रखने लगा था। 16 दिसंबर को वसीम ने सूप निवासी अपने साथी जमशेद और नौशाद से मामा के बारे में जानकारी जुटाई। गांव कनियान-एलम मार्ग पर वसीम ने अपने भाई साहिल, साथी जमशेद और नौशाद के साथ मिलकर मामा शब्बीर की गोली मारकर हत्या कर दी। चारों आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। उसी दिन से मामले की जांच पड़ताल की जा रही थी। पुलिस ने वसीम की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया है। दोनों के फरार साथियों की तलाश की जा रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव कनियान-एलम मार्ग पर 16 दिसंबर को बागपत के गांव सूप निवासी शब्बीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शब्बीर के पिता कालू ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस ने इस वारदात का खुलासा कर दिया। सीओ कैराना भूषण वर्मा और थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उन्हें सूचना मिली कि शब्बीर हत्याकांड से जुड़े दो युवक एलम चौकी के समीप खड़े हैं। पुलिस ने दोनों को घेराबंदी करके पकड़ लिया।
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पूछताछ में उन्होंने अपने नाम वसीम, साहिल निवासी कनियान बताए और दोनोें शब्बीर के सगे भांजे हैं। पुलिस के मुताबिक वसीम की नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 15 महीने पहले शब्बीर ने उनसे पचास हजार रुपये लिए थे। बार-बार मांगे जाने से पर भी रुपया वापस नहीं किया जा रहा था और न ही नौकरी लगवाई गई।
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इसी कारण वसीम शब्बीर से रंजिश रखने लगा था। 16 दिसंबर को वसीम ने सूप निवासी अपने साथी जमशेद और नौशाद से मामा के बारे में जानकारी जुटाई। गांव कनियान-एलम मार्ग पर वसीम ने अपने भाई साहिल, साथी जमशेद और नौशाद के साथ मिलकर मामा शब्बीर की गोली मारकर हत्या कर दी। चारों आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। उसी दिन से मामले की जांच पड़ताल की जा रही थी। पुलिस ने वसीम की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया है। दोनों के फरार साथियों की तलाश की जा रही है।