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एटीएम से कैश निकालने के मामले में रिपोर्ट दर्ज

Tue, 06 Mar 2018 10:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Tue, 06 Mar 2018 10:54 PM IST
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Report in case of cash withdrawal from ATM
शामली के धीमानपुरा रोड पर इंडियन ओवरसीज के बैंक प्रबंधक से जानकारी लेते कोतवाली प्रभारी। - फोटो : अमर उजाला
शामली में इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम से 18 लाख रुपये निकालने के मामले में शाखा प्रबंधक की तरफ से अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली, जिसमें आरोपी कैद हो गया है, लेकिन चेहरा स्पष्ट नहीं दिखा। मामले में जांच के साथ ही आरोपी को तलाश करने में पुलिस जुटी है।
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धीमानपुरा के पास स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक नितेश कुमार ने शामली कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि शाखा के बगल में ही बैंक का एटीएम है। एटीएम मशीन की दो कैश कैसेट कुछ दिनों से खराब थी। इस संबंध में 12 फरवरी को एनसीआर एटीएम सर्विस के इंजीनियर को कॉल करके शिकायत दर्ज कराई गई थी। वहीं, तीन मार्च को बैंक कर्मचारी राजीव कुमार और धर्मेंद्र गिरी द्वारा एटीएम में 28 लाख रुपये रखे थे। अगले दिन चार मार्च की दोपहर करीब साढ़े 11 बजे एक युवक आया और ठीक करने के नाम पर एटीएम मशीन को खोलने लगा। इसी दौरान एटीएम के पास मौजूद जनरेटर ऑपरेटर यशपाल ने उसको टोका तो युवक ने खुद को एनसीआर कंपनी का कर्मी बताया। उधर, पांच मार्च को ग्राहकों ने बैंक कर्मियों को बताया कि एटीएम से रुपये नहीं निकल रहे हैं। इस पर मैनेजर और अन्य बैंक कर्मचारियों ने एटीएम चेक कराया, तो पता चला कि उसमें से 100-100 रुपये नोट वाली कैश कैसेट में 2013 नोट और दो-दो हजार के नोट वाले कैसेट में 818 नोट थे, जो मशीन में नहीं मिले। सोमवार को ही बैंक कर्मियों ने आला अफसरों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद रीजनल ऑफिस की टीम ने शामली पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
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मंगलवार को शाखा प्रबंधक नितेश कुमार की तरफ से शामली कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया कि कैश निकालने वाले ने खुद को एनसीआर कंपनी का कर्मी बताया और एटीएम में से 18,37,300 रुपये निकालकर ले गया। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने पर मंगलवार को कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम ने घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की जांच की। सीसीटीवी फुटेज भी देखी गई, जिसमें एक युवक दिखाई दिया, लेकिन उसका चेहरा ठीक से पहचान में नहीं आ पाया। युवक ने मुंह पर कपड़ा भी बांध रखा था।
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बैंक शाखा प्रबंधक की तरफ से दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज देखी गई, बैंक कर्मियों से भी पूछताछ की गई। गंभीरता से जांच की जा रही है, जल्दी ही खुलासा किया जाएगा। - अवनीश गौतम, कोतवाली प्रभारी, शामली।
बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में शामली। चंद मिनटों में एटीएम से कैश निकालने के बाद आरोपी फरार हो गया था। मौके पर मौजूद जनरेटर ऑपरेटर तथा बंतीखेड़ा शाखा के प्रबंधक भी आरोपी के इरादे को भांप नहीं पाए। युवक के शातिराना अंदाज से हर कोई सकते में हैं तथा कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दरअसल, चार मार्च को बैंक के एटीएम से युवक ने 18 लाख 37 हजार रुपये निकाले। उस दिन रविवार का दिन था और बैंक बंद था। इसी कारण बाजार में भीड़भाड़ नहीं थी। जनरेटर ऑपरेटर यशपाल के अनुसार एटीएम से कैश निकालने वाला युवक सीधे एटीएम में घुसा और आधा शटर गिराकर मशीन खोलने लगा। उसने टोका तो युवक ने खुद को सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का कर्मी बताया। जिस पर वह भी कुछ नहीं कह सका। इसी दौरान इंडियन ओवरसीज बैंक बंतीखेड़ा के शाखा प्रबंधक रोबिन बंसल भी वहां आ गए थे। उन्होंने भी जानकारी तो उन्हें भी युवक ने खुद को सर्विस प्रोवाइडर कंपनी का कर्मी बताया। महज पांच से आठ मिनट में पूरा घटनाक्रम हुआ और आरोपी युवक कैश लेकर चला गया। इस घटनाक्रम को लेकर बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवक ने एटीएम खोला किस तरह। क्योंकि एटीएम खोलने के लिए चाबी के साथ ही गोपनीय पासवर्ड की जरूरत भी होती है। इसके अलावा दो कैश कैसेट खराब होने की जानकारी 12 फरवरी को एनसीआर एटीएम सर्विस के इंजीनियर को दी गई थी। वहीं, तीन मार्च को बैंक कर्मचारियों ने एटीएम में 28 लाख रुपये रखे थे। चार मार्च को वारदात हुई। यानि कैश कैसेट खराब होने की सूचना लीक हुई। सवाल यह है कि कोई सर्विस प्रोवाइडर कंपनी यदि किसी कर्मचारी को एटीएम की तकनीकी खराबी को ठीक करने भेजती है तो क्या वह स्थानीय शाखा को सूचना दिए बिना एटीएम को ठीक कर सकता है। एक सवाल यह भी जब एटीएम की कैश कैसेट खराब थी तो उसमें कैश क्यों डाला गया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। सर्विलांस और एसओजी टीम भी इस मामले का खुलासा करने में लगाई गई हैं।
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