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पोस्टमार्टम के लिए घंटों भटके पीड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2017 12:11 AM IST
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शामली। कैराना में फांसी के फंदे से लटकी मिली विवाहिता की मौत के मामले में परिजनों को शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए घंटों तक भटकना पड़ा। मामला एएसपी के संज्ञान में पहुंचा तो एएसपी ने कैराना पुलिस को फटकार लगाई। तब जाकर पोस्टमार्टम हो सका।
दरअसल, कैराना पुलिस ने विवाहिता के पिता की ओर से ससुरालियों पर फांसी लगाकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शामली भेज दिया था। लेकिन पंचायतनामा के कागजात पूरे नहीं होने के कारण शामली में डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू नहीं किया। बेटी खोने के गम में परेशान मायके पक्ष के लोग नेताओं के चक्कर में भी इधर-उधर घूमते रहे और डॉक्टरों को फोन कराते रहे। डॉक्टरों ने पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के संबंधी कागजात नहीं भेजने की बात कही। इस दौरान परिजनों ने कई बार कैराना कोतवाली के चक्कर भी लगाए। लेकिन औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाईं।
दोपहर पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट में एएसपी अनिल कुमार झा से मुलाकात की और सारी बात बताई। इसके बाद एएसपी ने कैराना कोतवाली पुलिस को इस लापरवाही के लिए जमकर फटकार लगाई। इसके बाद ही औपचारिकताएं पूरी कराकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का ऐसा ही रवैया रहता है।
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दरअसल, कैराना पुलिस ने विवाहिता के पिता की ओर से ससुरालियों पर फांसी लगाकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शामली भेज दिया था। लेकिन पंचायतनामा के कागजात पूरे नहीं होने के कारण शामली में डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू नहीं किया। बेटी खोने के गम में परेशान मायके पक्ष के लोग नेताओं के चक्कर में भी इधर-उधर घूमते रहे और डॉक्टरों को फोन कराते रहे। डॉक्टरों ने पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के संबंधी कागजात नहीं भेजने की बात कही। इस दौरान परिजनों ने कई बार कैराना कोतवाली के चक्कर भी लगाए। लेकिन औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाईं।
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दोपहर पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट में एएसपी अनिल कुमार झा से मुलाकात की और सारी बात बताई। इसके बाद एएसपी ने कैराना कोतवाली पुलिस को इस लापरवाही के लिए जमकर फटकार लगाई। इसके बाद ही औपचारिकताएं पूरी कराकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का ऐसा ही रवैया रहता है।
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