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हरियाणा के किसानों ने फूंक दीं झोपड़ियां

Mon, 08 May 2017 12:27 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
शामली, अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 08 May 2017 12:27 AM IST
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Farmers of Haryana hurl huts
fire - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद       लगातार सुलग रहा है। दो दिन पूर्व हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों पर हमला बोल दिया था।  तो अब यूपी के किसानों की ट्यूबवेलों पर बनी झोपड़ियों को आग लगा दी गई। इसको लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा        रहा है। वहीं, बेबस किसानों को पुलिस प्रशासन की तरफ से     कोई मदद नहीं मिल रही है। पुलिस को तहरीर दे दी गई है।
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यमुना खादर में करीब तीन हजार बीघा भूमि पर हरियाणा के किसानों ने अवैध कब्जा कर रखा है। हर साल उक्त जमीन पर फसल बुवाई और फिर कटाई को लेकर यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच संघर्ष होता आया है। 
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तीन दिन पूर्व कैराना क्षेत्र के      गांव मवी के किसान जब भूमि की जुताई करने गई थी, तो हरियाणा       के रीशपुर और नन्हेडा गांव के किसानों ने हमला बोल दिया था और फायरिंग की थी। इस बाबत कैराना थाने में हरियाणा के 17 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 
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वहीं, शनिवार रात में ही  हरियाणा के दबंगों ने गांव मवी के किसानों की ट्यूबवेल पर बनी        पांच झोपड़ियों में आग लगा दी। रविवार सुबह जब मवी के किसान खेतों पर पहुंचे तो घटना का  पता चला। 

इसके बाद पीड़ित किसान रामकुमार और सलीम अहमद निवासी मवी ने कैराना कोतवाली      में अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग                 की। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के         आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

टकराव टालने के लिए लगाई गई पीएसी 
कैराना। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद गरमाने के कारण पुलिस प्रशासन में भी अफरातफरी मची है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीमा पर तैनाती के लिए कैराना कोतवाली में एक प्लाटून पीएसी पहुंच गई है।

पीएसी को हरियाणा यूपी सीमा पर मवी और रीशपुर तथा नन्हेडा के क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है। दोनों राज्यों के किसानों के बीच यह विवाद 1970 से चला आ रहा है। कई बार दोनों राज्यों के किसानों में गोलियां चली और संघर्ष हुए। बीते कुछ दिनों से भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इसको गंभीरता से लेते  हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा ने यूपी हरियाणा सीमा पर एहतियातन चौकसी बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज            से एक प्लाटून पीएसी भेज दी है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि पीएसी के जवानों को उन स्थानों पर तैनात किया जाएगा, जहां किसानों में          टकराव की स्थिति बनी हुई है।

सांसद के दर पर पहुंचे पीड़ित किसान 
कैराना। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद गरमाने के बाद यूपी के किसान पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये से आहत हैं। हरियाणा के किसान लगातार दबंगई कर रहे हैं, लेकिन यूपी का पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। पीड़ित किसानों ने कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह से मुलाकात कर मामले में गंभीरता से कार्रवाई कराने की मांग की।

रविवार दोपहर गांव मवी के किसान इकट्ठा होकर मायापुर फार्म हाउस पर पहुंचे और भाजपा सांसद हुकुम सिंह से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि एक तो हरियाणा के दबंगों ने यूपी के किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। यूपी के किसान अपने खेतों पर जुताई करने अथवा फसल काटने जाते हैं, तो हरियाणा के दबंग उन्हें पीटते हैं और फायरिंग करते हैं। हरियाणा का पुलिस प्रशासन उन दबंगों की पूरी मदद करता है, जबकि यूपी का पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।


तीन दिन पूर्व यूपी के किसानों पर हमला करने और फायरिंग करने के मामले में कैराना थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई है। यूपी के किसानों की जमीन से हरियाणा के किसानों का अवैध कब्जा हटवाएं तथा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोपियों की गिरफ्तारी कराई जाए। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा से फोन पर वार्ता करके मवी के किसानों की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने की बात कही। 
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