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पूर्व विधायक के घर हुई चोरी की जांच करने मुजफ्फरनगर से पहुंचे एसपी क्राइम
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डीजीपी ने एसपी क्राइम मुजफ्फरनगर को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर के मोहल्ला काकानगर में करीब तीन माह पहले पूर्व विधायक पंकज मलिक के घर में चोरी और तोड़फोड़ करने के मामले में डीजीपी के निर्देश पर एसपी क्राइम मुजफ्फरनगर ने फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना करते हुए कई लोगों के बयान दर्ज किए।
शामली काकानगर स्थित पूर्व विधायक पंकज मलिक के आवास में करीब तीन माह पहले 17 अक्तूबर की रात को चोरी हुई थी। इस दौरान बदमाशों ने घर में रखे गमले आदि में भी तोड़फोड़ की थी। पूर्व विधायक की तरफ से शहर कोतवाली में एलईडी और सोने चांदी के जेवर चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के समय पंकज मलिक घर पर नहीं थे और केयर टेकर भी कहीं गया हुआ था। पूर्व विधायक ने इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश होने की आशंका जताते हुए अधिकारियों से गहनता से जांच करने की मांग की थी। कुछ दिन पहले पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए एक युवक को चोरी करने के आरोप गिरफ्तार कर उसके पास से एलईडी बरामद की थी। पुलिस के इस खुलासे पर पूर्व विधायक संतुष्ट नहीं हुए थे।
पूर्व विधायक पंकज मलिक के पिता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि वे शामली पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। पूर्व सांसद का कहना है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, उससे लगता है कि एक से अधिक लोगों ने वारदात की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें यह जानकारी दी थी कि दो लोगों से सोने व चांदी के जेवर मिले हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई। इसके अलावा उन्हें यह भी पता चला था कि एलईडी जहां से बरामद हुई थी, उस व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर छोड़ दिया था और मात्र एक आरोपी के पास से बरामद होना बताकर जेल भेज दिया। उस आरोपी की चार्जशीट भी पुलिस द्वारा कोर्ट में नहीं भेजी गई, जिसके चलते वह भी जमानत पर आ गया। उन्होंने इन सब बातों से लखनऊ में डीजीपी को अवगत कराया था। डीजीपी ने एसपी क्राइम मुजफ्फरनगर आरबी चौरसिया को स्वयं जांच करने का निर्देश दिया था। बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम फोरेंसिक टीम के साथ पूर्व विधायक के आवास पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचने वाले कई लोगों के बयान दर्ज किए। फोरेंसिक टीम ने कई नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि मुजफ्फरनगर के एसपी क्राइम ने टीम के साथ पहुंचकर घटना स्थल की जांच कर कई लोगों के बयान लिए है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर के मोहल्ला काकानगर में करीब तीन माह पहले पूर्व विधायक पंकज मलिक के घर में चोरी और तोड़फोड़ करने के मामले में डीजीपी के निर्देश पर एसपी क्राइम मुजफ्फरनगर ने फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना करते हुए कई लोगों के बयान दर्ज किए।
शामली काकानगर स्थित पूर्व विधायक पंकज मलिक के आवास में करीब तीन माह पहले 17 अक्तूबर की रात को चोरी हुई थी। इस दौरान बदमाशों ने घर में रखे गमले आदि में भी तोड़फोड़ की थी। पूर्व विधायक की तरफ से शहर कोतवाली में एलईडी और सोने चांदी के जेवर चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के समय पंकज मलिक घर पर नहीं थे और केयर टेकर भी कहीं गया हुआ था। पूर्व विधायक ने इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश होने की आशंका जताते हुए अधिकारियों से गहनता से जांच करने की मांग की थी। कुछ दिन पहले पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए एक युवक को चोरी करने के आरोप गिरफ्तार कर उसके पास से एलईडी बरामद की थी। पुलिस के इस खुलासे पर पूर्व विधायक संतुष्ट नहीं हुए थे।
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पूर्व विधायक पंकज मलिक के पिता पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि वे शामली पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। पूर्व सांसद का कहना है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, उससे लगता है कि एक से अधिक लोगों ने वारदात की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें यह जानकारी दी थी कि दो लोगों से सोने व चांदी के जेवर मिले हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई। इसके अलावा उन्हें यह भी पता चला था कि एलईडी जहां से बरामद हुई थी, उस व्यक्ति को पुलिस ने पकड़कर छोड़ दिया था और मात्र एक आरोपी के पास से बरामद होना बताकर जेल भेज दिया। उस आरोपी की चार्जशीट भी पुलिस द्वारा कोर्ट में नहीं भेजी गई, जिसके चलते वह भी जमानत पर आ गया। उन्होंने इन सब बातों से लखनऊ में डीजीपी को अवगत कराया था। डीजीपी ने एसपी क्राइम मुजफ्फरनगर आरबी चौरसिया को स्वयं जांच करने का निर्देश दिया था। बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम फोरेंसिक टीम के साथ पूर्व विधायक के आवास पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंचने वाले कई लोगों के बयान दर्ज किए। फोरेंसिक टीम ने कई नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने बताया कि मुजफ्फरनगर के एसपी क्राइम ने टीम के साथ पहुंचकर घटना स्थल की जांच कर कई लोगों के बयान लिए है।
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