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-वर्ष 2023 में नए भवन में शिफ्ट होपाएगा कलक्ट्रेट -साढ़े छह साल बाद भी शामली नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण अधूरा,
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-वर्ष 2023 में नए भवन में शिफ्ट हो पाएगा कलक्ट्रेट
-चार ब्लॉक में से कोई भी तैयार नहीं, खिड़की-दरवाजे नहीं लगे
सयुंक्त कार्यालय ब्लॉक का नहीं डाला गया लिंटर, नजारत ब्लॉक में चल रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेेेसी
फोटो समाचार
शामली। साढे़ साल से पूर्वी यमुना नहर किनारे गोहरनी गांव के जंगल नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण जारी है। फिलहाल कलक्ट्रेट कार्यालय के पांच ब्लॉक में से दो डीएम कोर्ट ब्लॉक पर प्लास्टर हो पाया है। उनमें खिड़की-दरवाजों का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के निर्माण की धीमी गति के चलते स्पष्ट है कि यह 31 दिसंबर के बाद पूरा हो पाएगा।
28 सितंबर 2011 को जिला घोषित होने के बाद नवीन जिला मुख्यालय के लिए पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट-बधेव भैसवाल गांवों की 265 एकड़ भूमि आरक्षित की गई थी। गत 30 मार्च 2015 में शासन से 10 करोड़ 40 लाख 24 हजार रुपये की प्रथम किश्त स्वीकृति की थी। बाद में 33 करोड़ 63 लाख 46 हजार रुपये की पुनरीक्षित लागत भेजी गई थी। राजकीय निर्माण निगम को कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का कार्य पूरा करने के लिए पहले नवंबर 2017 बाद मेेें नवंबर 2018 निर्धारित की गई। धनराशि उपलब्ध न होने से कलक्ट्रेट कार्यालय भवन की परियोजना अधूरी पड़ी रही।
तत्कालीन डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने शासन में पैरवी करते हुए अधूरे कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए शासन से धनराशि मांग की। दिसंबर 2019 में यूपी कैबिनेट की बैठक में कलक्ट्रेट निर्माण के लिए 29 करोड़ 59 लाख 53 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई। कलक्ट्रेट भवन निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। कलक्ट्रेट के चार ब्लॉक में सिर्फ डीएम आफिस ब्लॉक और कोर्ट ब्लॉक पर प्लास्टर व पेंट हो पाया है। फिनीशिंग,खिड़की-दरवाजे और जाली कार्य अधूरा है। संयुक्त ब्लॉक का छत का लिंटर भी नहीं डल पाया है। लिंटर डालने के लिए सेटरिंग की गई है। नजारत ब्लॉक में चिनाई चल रही है। कलक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में मुख्य गेट से लेकर कार्यालय परिसर में जाने के लिए सड़क और फर्श अधूरा है। कलक्ट्रेट कार्यालय में धीमी गति से कार्य को देखते हुुए 31 दिसंबर से पूर्व कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण होना संभव नहीं लग रहा है।
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राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता ब्रज बिहारी चाहर का कहना है कि फिलहाल डीएम कार्यालय और कोर्ट ब्लॉक की टचिंग, खिड़की-दरवाजे लगने और जाली का कार्य अधूरा है। हालाकि 20 सितंबर 2022 को समूचे कलक्ट्रेट कार्यालय के डीएम ब्लॉक, कोर्ट ब्लॉक, सभी ब्लॉक कार्यालयों का पूरा करने का लक्ष्य डीएम जसजीत कौर की ओर से दिया गया है।
कलक्ट्रेट के अनावसीय कार्यालय भवन में यह है
डीएम आफिस, पार्किंग, डीएम विश्राम कक्ष, डीएम स्टेनो कक्ष, डीएम कोर्ट रूम, बैंक, कोर्ट स्टाफ रूम, वेटिंग हाल, शौचालय, कमेटी रूम, प्रवेश गैलरी, एनआईसी रूम, वीडियो कांफ्रेसिंग रूम, ई डिजिटल मैनेजर रूम, डीजीसी रूम, जनरल शौचालय शामिल हैं।
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-चार ब्लॉक में से कोई भी तैयार नहीं, खिड़की-दरवाजे नहीं लगे
सयुंक्त कार्यालय ब्लॉक का नहीं डाला गया लिंटर, नजारत ब्लॉक में चल रहा निर्माण
संवाद न्यूज एजेेेसी
फोटो समाचार
शामली। साढे़ साल से पूर्वी यमुना नहर किनारे गोहरनी गांव के जंगल नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण जारी है। फिलहाल कलक्ट्रेट कार्यालय के पांच ब्लॉक में से दो डीएम कोर्ट ब्लॉक पर प्लास्टर हो पाया है। उनमें खिड़की-दरवाजों का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कलक्ट्रेट कार्यालय भवन के निर्माण की धीमी गति के चलते स्पष्ट है कि यह 31 दिसंबर के बाद पूरा हो पाएगा।
28 सितंबर 2011 को जिला घोषित होने के बाद नवीन जिला मुख्यालय के लिए पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट-बधेव भैसवाल गांवों की 265 एकड़ भूमि आरक्षित की गई थी। गत 30 मार्च 2015 में शासन से 10 करोड़ 40 लाख 24 हजार रुपये की प्रथम किश्त स्वीकृति की थी। बाद में 33 करोड़ 63 लाख 46 हजार रुपये की पुनरीक्षित लागत भेजी गई थी। राजकीय निर्माण निगम को कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का कार्य पूरा करने के लिए पहले नवंबर 2017 बाद मेेें नवंबर 2018 निर्धारित की गई। धनराशि उपलब्ध न होने से कलक्ट्रेट कार्यालय भवन की परियोजना अधूरी पड़ी रही।
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तत्कालीन डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने शासन में पैरवी करते हुए अधूरे कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए शासन से धनराशि मांग की। दिसंबर 2019 में यूपी कैबिनेट की बैठक में कलक्ट्रेट निर्माण के लिए 29 करोड़ 59 लाख 53 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई। कलक्ट्रेट भवन निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। कलक्ट्रेट के चार ब्लॉक में सिर्फ डीएम आफिस ब्लॉक और कोर्ट ब्लॉक पर प्लास्टर व पेंट हो पाया है। फिनीशिंग,खिड़की-दरवाजे और जाली कार्य अधूरा है। संयुक्त ब्लॉक का छत का लिंटर भी नहीं डल पाया है। लिंटर डालने के लिए सेटरिंग की गई है। नजारत ब्लॉक में चिनाई चल रही है। कलक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में मुख्य गेट से लेकर कार्यालय परिसर में जाने के लिए सड़क और फर्श अधूरा है। कलक्ट्रेट कार्यालय में धीमी गति से कार्य को देखते हुुए 31 दिसंबर से पूर्व कलक्ट्रेट कार्यालय भवन का निर्माण होना संभव नहीं लग रहा है।
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राजकीय निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता ब्रज बिहारी चाहर का कहना है कि फिलहाल डीएम कार्यालय और कोर्ट ब्लॉक की टचिंग, खिड़की-दरवाजे लगने और जाली का कार्य अधूरा है। हालाकि 20 सितंबर 2022 को समूचे कलक्ट्रेट कार्यालय के डीएम ब्लॉक, कोर्ट ब्लॉक, सभी ब्लॉक कार्यालयों का पूरा करने का लक्ष्य डीएम जसजीत कौर की ओर से दिया गया है।
कलक्ट्रेट के अनावसीय कार्यालय भवन में यह है
डीएम आफिस, पार्किंग, डीएम विश्राम कक्ष, डीएम स्टेनो कक्ष, डीएम कोर्ट रूम, बैंक, कोर्ट स्टाफ रूम, वेटिंग हाल, शौचालय, कमेटी रूम, प्रवेश गैलरी, एनआईसी रूम, वीडियो कांफ्रेसिंग रूम, ई डिजिटल मैनेजर रूम, डीजीसी रूम, जनरल शौचालय शामिल हैं।