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अस्पतालों में जिंदगी से जूझते बच्चे, बेबस अभिभावक

Thu, 12 Oct 2017 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Thu, 12 Oct 2017 12:09 AM IST
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Children struggling with life in hospitals, helpless parents
Gasoline in Shamli - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली।  सरशादी लाल शुगर मिल के डिस्टलरी से मंगलवार को हुई जहरीली गैस के रिसाव के कारण अभी भी नौ बच्चे अस्पतालों में जिंदगी से जूझ रहे हैं। डॉक्टर दुर्गेश आर्य ने बताया कि उनके यहां भर्ती बच्चों की सेहत पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को ऑक्सीजन और नैबुलाइजर के अलावा जरूरी दवाएं दी जा रही है। 
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मंगलवार को गैस रिसाव के कारण बच्चों के बीमार होने पर सीएचसी शामली के साथ ही शहर के प्राइवेट अस्पतालों में बीमार बच्चों को उपचार के लिए लाया गया था। शाम को अधिकांश बच्चे उपचार के बाद घर भेज दिए गए थे, लेकिन शहर के अनंता हॉस्पिटल में छह बच्चों को उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया था। 
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बुधवार सुबह उनमें से श्वेता और कीर्ति को हालत में सुधार होने पर छुट्टी देकर घर भेज दिया गया, जबकि अनुज पुत्र नीरज निवासी शामली, श्रुति पुत्री दीपक, निवासी शामली, अक्षित पुत्र         नरेश शर्मा शामली का उपचार चलता रहा। 
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इसी बीच गांव खेड़ीकरमू से छात्रा नेहा सैनी पुत्र रामपाल को हालत बिगड़ने पर अनंता हॉस्पिटल लाकर भर्ती कराया गया, उसके कुछ देर बाद ही मोहल्ला दयानंदनगर निवासी छात्रा खुशी को भी इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन बच्चों की हालत पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई, जिस कारण इनका उपचार चल रहा है।  

करनाल रोड स्थित संवेदना (तोमर) नर्सिंगहोम में भी बुधवार को लिलौन निवासी छात्र बादल और छात्रा श्वेता को भर्ती कराया गया। इसके अलावा शिखर गुप्ता के नर्सिंगहोम में शामली निवासी छात्र विशेष को दोबारा तबीयत खराब होने पर भर्ती कराया गया। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शामली निवासी छात्रा निकिता को दोपहर में लाकर भर्ती कराया गया।

बुधवार शाम तक सभी नौ बच्चों का इन अस्पतालों में उपचार चलता रहा।  अनंता हॉस्पिटल के डाक्टर दुर्गेश आर्य ने बताया कि उनके यहां भर्ती बच्चों का ऑक्सीजन और नैबुलाइजर के अलावा जरूरी दवाओं से उपचार किया जा रहा है।  

मदद के लिए आए आगे
हादसे के बाद शहर के प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने मदद की। अस्पतालों में भर्ती बच्चों का उपचार किया। उपचार में आ रहे खर्चे की मांग भी अभिभावकों से नहीं की गई। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि घटना के बाद जितने भी सामाजिक लोगों और अस्पताल संचालकों ने सहयोग किया, वह बधाई के पात्र हैं।  

भाकियू नेता, कांग्रेसियों ने जाना बच्चों का हाल 
शामली। गैस रिसाव के कारण बीमार हुए बच्चों का हाल जानने के लिए बुधवार को भी राजनीतिक और अन्य संगठनों के लोग अस्पताल पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शामली सीएचसी और अन्य अस्पतालों में पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुढ़ाना रोड अनंता हास्पिटल  में पहुंचकर बच्चों का हाल जाना। कांग्रेसियों ने गैस हादसे के लिए शामली चीनी मिल को दोषी मानते हुए कार्रवाई कराने की मांग की। इस दौरान बाबूखान, जेेके जैन, राजेश, हरीश चौधरी, अनिल राठी, सुधीर पंवार और ठाकुर लाखन सिंह आदि मौजूद रहे।   

बस भी लौटी खाली
शामली।  शुगर मिल की डिस्टलरी से हुए गैस रिसाव के बाद बुधवार को भी दहशत का माहौल रहा। बच्चों को लेने गांव में पहुंची स्कूली वैन भी खाली लौट आईं। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजकर चिंता में पूरी तरह से डूब गए।


शामली शुगर मिल के बायोगैस प्लांट के पास ही मोहल्ला दयानंदनगर में कौशांबी पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल में करीब 300 बच्चों का पंजीकरण है, लेकिन बुधवार को सिर्फ 150 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। गांव सिंभालका, झाल और बरलाजट से स्कूल वैन खाली लौट आई। परिजनों ने बच्चों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया। वहीं, शहर से जो बच्चे स्कूल में पहुंचे, उनके अभिभावक कॉल करके जानकारी लेते रहे। स्कूल प्रधानाचार्य उमेश शर्मा ने बताया कि बुधवार को केवल 150 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। 
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