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तेंदुए की दहशत के बीच जगनपुर के जंगल में लगाया पिंजरा

Tue, 09 Aug 2022 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:24 AM IST
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Cage set up in Jaganpur forest for leopard
ग्राम प्रधान राकेश ने जंगल में तेंदुए को देखे जाने का किया दावा
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दो दिन पहले कुत्ते को उठाकर ले गया था तेंदुआ, नहीं मिले अवशेष
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। जगनपुर के जंगल में तेंदुआ देखे जाने पर ग्रामीणों में दहशत है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने देर शाम जंगल में पिंजरा लगा दिया। जिसमें तेंदुए को आकर्षित करने के लिए कुत्ता बांधा है। वहीं, सुबह में ग्राम प्रधान ने भी जंगल में तेंदुआ देखे जाने का दावा किया है।
बीते तीन दिन से जगनपुर के जंगल में तेंदुए की दहशत के चलते किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। दो दिन पहले भी एक किसान ने देखा था कि तेंदुआ कुत्ते को उठाकर ले जा रहा है। वहीं, सोमवार को ग्राम प्रधान राकेश ने बताया कि वह सुबह करीब साढे़ नौ बजे खेतों पर जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने दो बार जंगल में तेंदुए को घूमते देखा। इसके बाद उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को फोन करके जानकारी दी। सोमवार दोपहर करीब दो बजे वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने टीम के साथ जगनपुर पहुंचकर जंगल में सर्च अभियान चलाया। वहीं, देर शाम वन विभाग के बीट प्रभारी संदीप राणा ने कांधला के कनियान के जंगल में लगाए दो पिंजरों में से एक जगनपुर के जंगल में लगा दिया। पिंजरे के अंदर तेदुए का आकर्षित करने के लिए कुत्ते को बांधा है।
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तेदुए का प्रिय भोजन कुत्ता व बकरी
वन विभाग के बीट प्रभारी संदीप राणा ने बताया कि पिंजरे के अंदर कुत्ते को बांधा गया है। उसके भोंकने की आवाज सुनकर तेंदुआ उसे खाने के लिए पिंजरे के अंदर घुसेगा। उसी समय पिंजरे का दरवाजा बंद हो जाएगा।
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नहीं मिले फुट प्रिंट और शिकार हुए जानवर के अवशेष
जगनपुर के ग्रामीण जंगल में तेंदुआ देखे जाने का दावा कर रहे हैं। वहीं, वन विभाग के बीट प्रभारी संदीप राणा ने बताया कि उन्होंने टीम के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया था। कहीं भी तेंदुए के पंजों के निशान नहीं मिले। इसके अतिरिक्त तेंदुआ यदि किसी जानवर को शिकार बनाता तो उसके अवशेष जरूर मिलते। साथ ही जानवर के अवशेषों से आसपास के किसानों को बदबू जरूर आती। वहीं, ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर जंगल में एक पिंजरा लगा दिया है।
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