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Shamli News: शामली से अखिलेश यादव साधेंगे पश्चिमी यूपी का सियासी गणित
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी अब पश्चिम उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण साधने में जुट गई है। इसी सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का 21-22 अगस्त को शामली दौरा तय हुआ है। अखिलेश यादव शामली में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन वेस्ट यूपी के कई प्रमुख नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान अखिलेश यादव पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल को समर्थकों समेत सपा में शामिल कराएंगे। साथ ही शामली विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन को पश्चिमी यूपी में सफलता मिली थी। शामली की तीनों सीटों पर गठबंधन ने जीत हासिल की थी। लेकिन अब लोकसभा चुनाव में रालोद भाजपा के साथ है, ऐसे में सपा अपने दम पर मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है।
सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार ने बताया कि पार्टी अब हारी हुई सीटों पर सबसे पहले अपने प्रत्याशी घोषित करेगी, जिससे रणनीति समय रहते मजबूत हो सके। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव का शामली दौरा पार्टी संगठन के लिए निर्णायक साबित होगा।
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- क्या कहता है इतिहास
- कैराना विधानसभा सीट से सपा विधायक नाहिद हसन लगातार तीन बार जीत चुके हैं।
- शामली और थानाभवन सीटें रालोद के पास हैं।
- सपा इन सीटों पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहती है।
- बंसल परिवार की एंट्री से वैश्य मतदाता साधने की कोशिश
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल और उनके पुत्र अखिल बंसल की सपा में एंट्री से वैश्य समाज को साधने की कोशिश की जाएगी। बंसल परिवार का व्यापारिक समाज में प्रभाव माना जाता है। अखिलेश यादव की यह रणनीति भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
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शामली। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी अब पश्चिम उत्तर प्रदेश में सियासी समीकरण साधने में जुट गई है। इसी सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का 21-22 अगस्त को शामली दौरा तय हुआ है। अखिलेश यादव शामली में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन वेस्ट यूपी के कई प्रमुख नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान अखिलेश यादव पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल को समर्थकों समेत सपा में शामिल कराएंगे। साथ ही शामली विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद गठबंधन को पश्चिमी यूपी में सफलता मिली थी। शामली की तीनों सीटों पर गठबंधन ने जीत हासिल की थी। लेकिन अब लोकसभा चुनाव में रालोद भाजपा के साथ है, ऐसे में सपा अपने दम पर मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है।
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सपा नेता प्रो. सुधीर पंवार ने बताया कि पार्टी अब हारी हुई सीटों पर सबसे पहले अपने प्रत्याशी घोषित करेगी, जिससे रणनीति समय रहते मजबूत हो सके। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव का शामली दौरा पार्टी संगठन के लिए निर्णायक साबित होगा।
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- क्या कहता है इतिहास
- कैराना विधानसभा सीट से सपा विधायक नाहिद हसन लगातार तीन बार जीत चुके हैं।
- शामली और थानाभवन सीटें रालोद के पास हैं।
- सपा इन सीटों पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहती है।
- बंसल परिवार की एंट्री से वैश्य मतदाता साधने की कोशिश
पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल और उनके पुत्र अखिल बंसल की सपा में एंट्री से वैश्य समाज को साधने की कोशिश की जाएगी। बंसल परिवार का व्यापारिक समाज में प्रभाव माना जाता है। अखिलेश यादव की यह रणनीति भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।