{"_id":"60f8644c8ebc3e79ae03f6b0","slug":"accidents-have-happened-before-while-crossing-the-river-shamli-news-mrt5484246175","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी पार करते हुए पहले भी हो चुके हैं हादसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी पार करते हुए पहले भी हो चुके हैं हादसे
विज्ञापन
कांधला। गांव मतनावली के पास कृष्णा नदी पर पुल नहीं है। ऐसे में खेतों पर जाने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करके जाना पड़ता है। खेतों पर आते-जाते हुए पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं।
ग्राम प्रधान रविंद्र के अनुसार पिछले तीन वर्षों के भीतर इस स्थान पर नदी पार करते समय कई हादसे हो चुके हैं। गांव निवासी मोहित की तीन वर्ष पूर्व नदी पार करते समय मौत हो गई थी। उसके बाद गांव के ओर दो लोग नदी पार करते समय डूब गए थे, लेकिन गांव के लोगों को समय से सूचना मिल जाने पर उन्हें बचा लिया गया था। उनमें से एक युवक रामू को गंदे पानी में रहने के कारण गंभीर बीमारी ने घेर लिया था। करीब तीन माह पूर्व एक गांव के एक व्यक्ति का घोड़ा नदी में चारा लाते समय फंस गया था। घोड़े की मौत हो गई थी।
ग्रामीणों ने कई बार पुल बनाने की मांग की है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। यदि ग्रामीण नदी पार न करें तो उन्हें करीब सात किलोमीटर की दूरी तय कर गांव किवाना के रास्ते दूसरी तरफ जाना पड़ता है। यदि नदी पर पुल का निर्माण करा दिया जाए तो गांव लिसाढ़, फुगाना, किवाना के साथ ही करनाल-मेरठ हाईवे पर भी जाने का रास्ता आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
------------------
बुजुर्ग दादी पर आई तीन बेटियों की जिम्मेदारी
कांधला। नीटू कश्यप अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाला इकलौता व्यक्ति था। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा। दंपती की मौत के बाद उनकी तीन छोटी बेटियों की जिम्मेदारी बुजुर्ग दादी पर आ गई है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान रविंद्र के अनुसार पिछले तीन वर्षों के भीतर इस स्थान पर नदी पार करते समय कई हादसे हो चुके हैं। गांव निवासी मोहित की तीन वर्ष पूर्व नदी पार करते समय मौत हो गई थी। उसके बाद गांव के ओर दो लोग नदी पार करते समय डूब गए थे, लेकिन गांव के लोगों को समय से सूचना मिल जाने पर उन्हें बचा लिया गया था। उनमें से एक युवक रामू को गंदे पानी में रहने के कारण गंभीर बीमारी ने घेर लिया था। करीब तीन माह पूर्व एक गांव के एक व्यक्ति का घोड़ा नदी में चारा लाते समय फंस गया था। घोड़े की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कई बार पुल बनाने की मांग की है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। यदि ग्रामीण नदी पार न करें तो उन्हें करीब सात किलोमीटर की दूरी तय कर गांव किवाना के रास्ते दूसरी तरफ जाना पड़ता है। यदि नदी पर पुल का निर्माण करा दिया जाए तो गांव लिसाढ़, फुगाना, किवाना के साथ ही करनाल-मेरठ हाईवे पर भी जाने का रास्ता आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
------------------
बुजुर्ग दादी पर आई तीन बेटियों की जिम्मेदारी
कांधला। नीटू कश्यप अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाला इकलौता व्यक्ति था। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा। दंपती की मौत के बाद उनकी तीन छोटी बेटियों की जिम्मेदारी बुजुर्ग दादी पर आ गई है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।