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कांवड़ मेलों में सीडी और डीवीडी का क्रेज हुआ खत्म
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:47 AM IST
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शामली।
कांवड़ मेलों में सीडी और डीवीडी का क्रेज कम हो गया है। अब नाम मात्र के लिए ही केवल सीडी-डीवीडी नजर आ रही हैं। कांवड़िये एसडी कार्ड, पैन ड्राइव और फोर जी मोबाइल से ही भोले के भजनों का आनंद ले रहे हैं। जिस कारण सीडी और डीवीडी विक्रेताओं की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
चार से पांच वर्ष पहले कांवड़ मेलों में सीडी-डीवीडी की दुकानें सजती थी, लेकिन अब सीडी-डीवीडी का क्रेज कम हो गया है। सीडी प्लेयर, होम थियेटर व अन्य म्यूजिक सिस्टम अब पैन ड्राइव, एसडी कार्ड और डायरेक्ट मोबाइल में ही संचालित हो रहा है। जिससे कांवड़ मेलों में सीडी और डीवीडी की दुकानें नाम मात्र को ही नजर आ रही हैं। शहर के हनुमान धाम पर लगे मेले में दुकानदार सुभाष ने बताया कि कई वर्षों से सीडी और डीवीडी का क्रेज घटता जा रहा है। उन्होंने बताया कि अबकी बार बाजार में कोई नई सीडी और डीवीडी भोले के भजनों की नहीं आई है। पिछले वर्ष तो दुकान से किराए के खर्च के साथ कुछ बचत भी हो गई थी। इस बार दुकान पर पुरानी सीडी डीवीडी रखी हैं, लेकिन कोई लेने को तैयार नहीं है। जब से फोर जी मोबाइल फोन और अन्य सुविधा बढ़ी हैं तब से बिक्री बंद हो गई है। सब भोले के लेटेस्ट भजन और फिल्में मोबाइल, एसडी कार्ड और पैन ड्राइव का उपयोग कर देख रहे हैं। जिस कारण सारा धंधा चौपट हो गया है। वहीं, शहर के कबाड़ी बाजार स्थित सीडी, डीवीडी विक्रेता सुनील और राजेश ने बताया कि अबकी बार तो धंधा बिल्कुल चौपट है। दुकान का किराया भी निकालना मुश्किल हो गया है।
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कांवड़ मेलों में सीडी और डीवीडी का क्रेज कम हो गया है। अब नाम मात्र के लिए ही केवल सीडी-डीवीडी नजर आ रही हैं। कांवड़िये एसडी कार्ड, पैन ड्राइव और फोर जी मोबाइल से ही भोले के भजनों का आनंद ले रहे हैं। जिस कारण सीडी और डीवीडी विक्रेताओं की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
चार से पांच वर्ष पहले कांवड़ मेलों में सीडी-डीवीडी की दुकानें सजती थी, लेकिन अब सीडी-डीवीडी का क्रेज कम हो गया है। सीडी प्लेयर, होम थियेटर व अन्य म्यूजिक सिस्टम अब पैन ड्राइव, एसडी कार्ड और डायरेक्ट मोबाइल में ही संचालित हो रहा है। जिससे कांवड़ मेलों में सीडी और डीवीडी की दुकानें नाम मात्र को ही नजर आ रही हैं। शहर के हनुमान धाम पर लगे मेले में दुकानदार सुभाष ने बताया कि कई वर्षों से सीडी और डीवीडी का क्रेज घटता जा रहा है। उन्होंने बताया कि अबकी बार बाजार में कोई नई सीडी और डीवीडी भोले के भजनों की नहीं आई है। पिछले वर्ष तो दुकान से किराए के खर्च के साथ कुछ बचत भी हो गई थी। इस बार दुकान पर पुरानी सीडी डीवीडी रखी हैं, लेकिन कोई लेने को तैयार नहीं है। जब से फोर जी मोबाइल फोन और अन्य सुविधा बढ़ी हैं तब से बिक्री बंद हो गई है। सब भोले के लेटेस्ट भजन और फिल्में मोबाइल, एसडी कार्ड और पैन ड्राइव का उपयोग कर देख रहे हैं। जिस कारण सारा धंधा चौपट हो गया है। वहीं, शहर के कबाड़ी बाजार स्थित सीडी, डीवीडी विक्रेता सुनील और राजेश ने बताया कि अबकी बार तो धंधा बिल्कुल चौपट है। दुकान का किराया भी निकालना मुश्किल हो गया है।
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