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सेहत पर भारी पड़ रहा मौसम का बदलाव

Fri, 07 Sep 2018 11:29 PM IST
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:29 PM IST
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सेहत पर भारी पड़ रहा मौसम का बदलाव
शामली। मौसम का बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, तो बीमारियां फैलने लगी हैं। जिले में अब तक कई लोगों की मौत जानलेवा बुखार की वजह से हो चुकी है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था ढुलमुल हैं। गांवों में दवाओं का छिड़काव तक नहीं हो पाया है।
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पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। किसी दिन तेज बरसात होती है, तो किसी ने दिन कड़ाके की धूप निकलती है। इस वजह से नजला, जुकाम, खांसी और गले की बीमारियां बढ़ने लगी हैं। वहीं, बरसात के कारण गांवों में गंदगी फैलने की वजह से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इस वजह से गांवों में बीमारियां फैलने लगी हैं। खासकर कैराना और कांधला क्षेत्र में बुुखार का प्रकोप ज्यादा बना हुआ है।
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अस्पताल में बढ़ गई मरीजों की संख्या
बुखार, नजला-जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शामली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे करीब 80 मरीज प्रतिदिन आते थे, लेकिन अब यह संख्या 110 तक पहुंच गई है। खासकर बच्चों में इसकी समस्या ज्यादा बनी हुई है। सीएचसी शामली के बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर अनुपम सक्सेना ने बताया कि बुखार, उल्टी, दस्त, खून की कमी, वजन कम, जुकाम, खांसी, निमोनिया और खुजली के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। डेंगू, चिकनगुनिया अथवा मलेरिया का कोई मरीज नहीं आया है।
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अब तक हुई कई मौत
जिले में जानलेवा बुखार की वजह से एक सप्ताह के भीतर कई मौत हो चुकी हैं। कैराना क्षेत्र के गांव पंजीठ निवासी विकास प्रजापति की तीन सितंबर को मौत हुई, जबकि गांव गंगेरू निवासी इस्लाम और इलियास तथा कैराना कस्बा निवासी हामिद की छह सितंबर को मौत हुई।

नहीं हुआ कीटनाशक दवा का छिड़काव
बीमारियां फैलने के बावजूद गांवों में दवाओं का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। गांव गंगेरू, पंजीठ और अन्य कई गांवों के लोग उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर इसकी शिकायत भी कर चुके हैं। वहीं, शामली सीएचसी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में दवाओं का अभाव है। ऐसे में मरीजों को बाहरी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आवश्यक सावधानियां
- छतों पर पानी का जमाव न होने दें, ताकि मच्छर न पल सकें।
- खुले स्थान में नहीं सोना चाहिए, मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- मौसम के बदलाव की वजह से फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें।
- बीमार होने पर तत्काल उचित उपचार लिया जाए तथा ब्लड टेस्ट कराया जाए
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