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बिचौलियों पर अकुंश लगाने के धान खरीद की आनलाइन पंजीकरण सुविधा
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:00 AM IST
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शामली। बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में धान खरीद हेतु आनलाइन पंजीकरण की सुविधा किसानों को दी है। खाद्य विभाग के पोर्टल डब्ल्यू-डब्ल्यू एफसीएस यूपी इनआईसीस इन पर 31 अगस्त तक किसानों द्वारा पंजीयन किए जाएंगे।
डिप्टी आरएमओ निहारिका ने बताया कि किसान पंजीयन प्रक्रिया के संबंध में विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण हेतु सभी जानकारी उपलब्ध हैं। धान के किसानों की आनलाइन पंजीकरण 26 जुलाई से शुरू हो चुका है। किसान अपना पंजीकरण किसी भी जनसेवा केंद्र व साइबर कैफे से करा सकते हैं। प्रदेश में पहली बार बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग के पंजीयन पोर्टल को राजस्व विभाग के आन लाइन पोर्टल से जोड़ा गया है। जिससे की भूमि का एसडीएम, तहसीलदार के माध्यम से फसल के रकबे का आनलाइन सत्यापन कराया जा सकेगा। बाद में सभी एसडीएम को एनआईसी द्वारा खाद्य विभाग के पोर्टल पर लॉगिन व पासवर्ड शीघ्र ही उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों के पंजीयन कराने के लिए तहसील क्षेत्र के क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों और विपणन निरीक्षकों से स्थानीय स्तर पर सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीयन हेतु किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, खतौनी की खाता संख्या, को पंजीयन प्रपत्र में भरना होगा। खतौनी की खाता संख्या के आधार पर राजस्व विभाग के पोर्टल भूलेख के माध्यम से भूमि का रकबा, स्वत: ही प्रदर्शित होगा। जिससे किसान को अपनी हिस्सेदारी एवं बोए गए धान के रकबे की फीड करना होगा। सत्यापन के बाद जिले की उत्पादकता व फसल के रकबे के आधार पर अधिकतम बेची जाने वाली मात्रा का आंकलन पंजीयन माड्यूल द्वारा पंजीयन प्रपत्र पर अंकित हो जाएगा। किसान इस मात्रा से अधिक धान क्रय केंद्र पर नहीं बेच सकेंगे। एसडीएम के सत्यापन के बाद पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
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डिप्टी आरएमओ निहारिका ने बताया कि किसान पंजीयन प्रक्रिया के संबंध में विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण हेतु सभी जानकारी उपलब्ध हैं। धान के किसानों की आनलाइन पंजीकरण 26 जुलाई से शुरू हो चुका है। किसान अपना पंजीकरण किसी भी जनसेवा केंद्र व साइबर कैफे से करा सकते हैं। प्रदेश में पहली बार बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग के पंजीयन पोर्टल को राजस्व विभाग के आन लाइन पोर्टल से जोड़ा गया है। जिससे की भूमि का एसडीएम, तहसीलदार के माध्यम से फसल के रकबे का आनलाइन सत्यापन कराया जा सकेगा। बाद में सभी एसडीएम को एनआईसी द्वारा खाद्य विभाग के पोर्टल पर लॉगिन व पासवर्ड शीघ्र ही उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों के पंजीयन कराने के लिए तहसील क्षेत्र के क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों और विपणन निरीक्षकों से स्थानीय स्तर पर सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
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पंजीयन हेतु किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, खतौनी की खाता संख्या, को पंजीयन प्रपत्र में भरना होगा। खतौनी की खाता संख्या के आधार पर राजस्व विभाग के पोर्टल भूलेख के माध्यम से भूमि का रकबा, स्वत: ही प्रदर्शित होगा। जिससे किसान को अपनी हिस्सेदारी एवं बोए गए धान के रकबे की फीड करना होगा। सत्यापन के बाद जिले की उत्पादकता व फसल के रकबे के आधार पर अधिकतम बेची जाने वाली मात्रा का आंकलन पंजीयन माड्यूल द्वारा पंजीयन प्रपत्र पर अंकित हो जाएगा। किसान इस मात्रा से अधिक धान क्रय केंद्र पर नहीं बेच सकेंगे। एसडीएम के सत्यापन के बाद पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
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