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आशाओं का कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:40 AM IST
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शामली। 20 हजार रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन दिलाने की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट गेट पर जमकर हंगामा किया। एक घंटे तक फरियादियों और कर्मचारियों को अंदर नहीं जाने दिया। इसके लेकर आशाओं की फरियादियों और कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम वीके मौर्य ने आशाओं को समझाबुझाकर कलक्ट्रेट गेट से हटाकर शांतिपूर्ण धरना देने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने 20 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग को लेकर दूसरे दिन कलक्ट्रेट में बेेमियादी धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्य नाथ के नाम ज्ञापन एडीएम वित्त एवं राजस्व केबी सिंह को सौंपा। बताया कि शासन के निर्देश पर आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि 24 घंटे ड्यूटी करने की जिम्मेदारी दी गई हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, शिशुओं की देखभाल और विभिन्न स्वास्थ्य सर्वे के कार्य दिए गए है। कम वेतन मिलने से वह अपनी आजीविका नही चला सकती हैं। उन्होंने वेतन बढ़ाने की मांग की हैं। इसके बाद में आशाओं ने कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचकर हंगामा करते हुए नारेबाजी। इस दौरान आशाओं ने कलक्ट्रेट आने जाने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया। इसके लेकर आशाओं से नोकझोंक भी हुई। एक घंटे तक हंगामा होने से अव्यवस्था का माहौल बन गया। एसडीएम सदर वीके मौर्य ने मौके पर पहुंचकर आशाओं को समझाबुझाकर मुख्य गेट से हटाकर शांति पूर्ण धरना देने के निर्देश दिए। बाद में आशाओं ने कलक्ट्रेट में शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान कोमल, बबीता, सीमा, शबनम, सुषमा, सलौनी, मीनाक्षी, मनीषा, मंजूपाल, प्रवीता पाल, नीतू, सुधा, कृष्णा, कविता, मुनेश, विशाखा, सुशीला, सुदेश, राकेश, सोनिया, अनीता, पिंकी, किरण, रविता आदि मौजूद रही।
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बृहस्पतिवार को जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने 20 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिए जाने की मांग को लेकर दूसरे दिन कलक्ट्रेट में बेेमियादी धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्य नाथ के नाम ज्ञापन एडीएम वित्त एवं राजस्व केबी सिंह को सौंपा। बताया कि शासन के निर्देश पर आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि 24 घंटे ड्यूटी करने की जिम्मेदारी दी गई हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, शिशुओं की देखभाल और विभिन्न स्वास्थ्य सर्वे के कार्य दिए गए है। कम वेतन मिलने से वह अपनी आजीविका नही चला सकती हैं। उन्होंने वेतन बढ़ाने की मांग की हैं। इसके बाद में आशाओं ने कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचकर हंगामा करते हुए नारेबाजी। इस दौरान आशाओं ने कलक्ट्रेट आने जाने वाले फरियादियों और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया। इसके लेकर आशाओं से नोकझोंक भी हुई। एक घंटे तक हंगामा होने से अव्यवस्था का माहौल बन गया। एसडीएम सदर वीके मौर्य ने मौके पर पहुंचकर आशाओं को समझाबुझाकर मुख्य गेट से हटाकर शांति पूर्ण धरना देने के निर्देश दिए। बाद में आशाओं ने कलक्ट्रेट में शांतिपूर्ण धरना दिया। इस दौरान कोमल, बबीता, सीमा, शबनम, सुषमा, सलौनी, मीनाक्षी, मनीषा, मंजूपाल, प्रवीता पाल, नीतू, सुधा, कृष्णा, कविता, मुनेश, विशाखा, सुशीला, सुदेश, राकेश, सोनिया, अनीता, पिंकी, किरण, रविता आदि मौजूद रही।
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