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सोशल मीडिया पर जहर उगल रहे शरारती तत्व, फिजा खराब कराने की मंशा
Updated Sun, 17 Jun 2018 11:44 PM IST
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धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट से मची खलबली
शामली।
कैराना लोकसभा उपचुनाव संपन्न होने के बाद से जिले में सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट आए दिन सामने आ रहे हैं। जाति विशेष तथा धर्म के नाम पर पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। ऐसे में साफ है कि शरारती तत्व जिले की फिजा खराब कराने के प्रयास में हैं। पुलिस कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन मामले थम नहीं रहे हैं।
सोशल मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता के चलते अब युवाओं के हाथ में स्मार्टफोन है। समय के साथ सोशल मीडिया प्रचार का एक बड़ा प्लेटफार्म बन गया। इसके साथ ही शरारती तत्वों ने भी इस प्लेटफार्म का प्रयोग शुुरू कर दिया। अभी हाल ही में कैराना लोकसभा उपचुनाव चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान भी शामली में बने कई ग्रुपों पर सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव में माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था। अब चुनाव संपन्न हो गया, लेकिन यह मामला अभी तक थमा नहीं है। शरारती तत्व जाति आधारित बातें करके, धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी करके माहौल को गर्माने का प्रयास कर रहे है, लेकिन मामले में अभी तक कड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
निगरानी के लिए सोशल मीडिया सेल अभी तक फेल
दरअसल एसपी के आदेश पर जिले में इस तरह के मामलों पर निगरानी रखने के लिए सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया था, ताकि इन ग्रुपों पर नजर रखी जा सके और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जिले में कई ग्रुपों पर इस तरह की कमेंट और पोस्ट वायरल होती रहती है, लेकिन सोशल मीडिया सेल की ओर से अभी तक इन मामलों में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। पब्लिक के व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर ही कार्रवाई की गई, हालांकि रविवार को सोशल मीडिया सेल द्वारा एक व्यक्ति को गिरफ्तार जरूर कराया गया।
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चुनाव बाद से लेकर अब तक बार हुई कोशिश
कैराना लोकसभा उपचुनाव के बाद से लेकर अब तक तीन बार शरारती तत्व जिले का माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं। चुनाव के बाद सांसद तबस्सुम हसन के नाम से एक पोस्ट वायरल की गई, जिसमें धर्म विशेष की बात की गई। दूसरा मामला शामली में अंकित सैनी द्वारा धर्म विशेष पर टिप्पणी करने का मामला सामने आया। तीसरा मामला भाजपा नेता मृगांका सिंह के नाम से जाति विशेष पर टिप्पणी करते हुए फर्जी पोस्ट वायरल करने का मामला सामने आ चुका है। तीनों मामलों में पीड़ितों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके अलावा रविवार को कैराना के गांव मलकपुर में आपत्तिजनकर वीडियो फेसबुक पर डालने से हंगामा हो गया। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जम कर हंगामा किया।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं, उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से नजर रखी जा रही है, इसके लिए सोशल मीडिया निगरानी टीम को कड़े निर्देेश दिए गए हैं।
-देवरंजन वर्मा
एसपी
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शामली।
कैराना लोकसभा उपचुनाव संपन्न होने के बाद से जिले में सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट आए दिन सामने आ रहे हैं। जाति विशेष तथा धर्म के नाम पर पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। ऐसे में साफ है कि शरारती तत्व जिले की फिजा खराब कराने के प्रयास में हैं। पुलिस कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन मामले थम नहीं रहे हैं।
सोशल मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता के चलते अब युवाओं के हाथ में स्मार्टफोन है। समय के साथ सोशल मीडिया प्रचार का एक बड़ा प्लेटफार्म बन गया। इसके साथ ही शरारती तत्वों ने भी इस प्लेटफार्म का प्रयोग शुुरू कर दिया। अभी हाल ही में कैराना लोकसभा उपचुनाव चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान भी शामली में बने कई ग्रुपों पर सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव में माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था। अब चुनाव संपन्न हो गया, लेकिन यह मामला अभी तक थमा नहीं है। शरारती तत्व जाति आधारित बातें करके, धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी करके माहौल को गर्माने का प्रयास कर रहे है, लेकिन मामले में अभी तक कड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
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निगरानी के लिए सोशल मीडिया सेल अभी तक फेल
दरअसल एसपी के आदेश पर जिले में इस तरह के मामलों पर निगरानी रखने के लिए सोशल मीडिया सेल का गठन किया गया था, ताकि इन ग्रुपों पर नजर रखी जा सके और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जिले में कई ग्रुपों पर इस तरह की कमेंट और पोस्ट वायरल होती रहती है, लेकिन सोशल मीडिया सेल की ओर से अभी तक इन मामलों में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। पब्लिक के व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर ही कार्रवाई की गई, हालांकि रविवार को सोशल मीडिया सेल द्वारा एक व्यक्ति को गिरफ्तार जरूर कराया गया।
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चुनाव बाद से लेकर अब तक बार हुई कोशिश
कैराना लोकसभा उपचुनाव के बाद से लेकर अब तक तीन बार शरारती तत्व जिले का माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं। चुनाव के बाद सांसद तबस्सुम हसन के नाम से एक पोस्ट वायरल की गई, जिसमें धर्म विशेष की बात की गई। दूसरा मामला शामली में अंकित सैनी द्वारा धर्म विशेष पर टिप्पणी करने का मामला सामने आया। तीसरा मामला भाजपा नेता मृगांका सिंह के नाम से जाति विशेष पर टिप्पणी करते हुए फर्जी पोस्ट वायरल करने का मामला सामने आ चुका है। तीनों मामलों में पीड़ितों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके अलावा रविवार को कैराना के गांव मलकपुर में आपत्तिजनकर वीडियो फेसबुक पर डालने से हंगामा हो गया। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जम कर हंगामा किया।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं, उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से नजर रखी जा रही है, इसके लिए सोशल मीडिया निगरानी टीम को कड़े निर्देेश दिए गए हैं।
-देवरंजन वर्मा
एसपी