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निर्मल हिंडन कृष्णा कार्यक्रम की हुई समीक्षा बैठक
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:37 PM IST
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शामली। निर्मल हिंडन निर्मल कृष्णा कार्यक्रम के तहत विकास भवन में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें जैव विविधता प्रबंधन समितियों के गठन व जैव विविधता रजिस्टर के निर्माण मार्च माह तक पूरे कर लिए जाने का निर्णय लिया गया।
शुक्रवार को सुबह दस बजे विकास भवन के सभागार में हुई बैठक में जिला वन अधिकारी अनुज सक्सेना ने बताया कि मार्च माह तक सभी गांव व निकायों मैं जैव प्रबंधन समितियों का गठन कर लिया जाएगा। कांधला ब्लॉक के 20 और ऊन ब्लॉक में 15 गांव में ग्राम समितियों के गठन की सूचना भी दी गई। डीडीओ बलराम कुमार ने कहा कि कृष्णा नदी के जल प्रबंधन में जैव विविधता प्रबंधन के कार्यक्रम को प्राथमिक स्तर पर किया जाएगा। इस मौके पर जिले के ग्राम सचिवों नगर पंचायतों व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों व कृषि अधिकारी डॉ. हरी शंकर, डीएफओ अनुज सक्सेना, पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा मौजूद रहे।
बाद में कांधला ब्लॉक के मीमला, रसूलपुर, सल्फा में तालाबों का भ्रमण किया। तालाबों की मौजूदा स्थिति को कैसे ठीक किया जाए और इनमें जीवन कैसे वापस लौटाया जाए इस पर भी ग्रामीणों से चर्चा की गई। भ्रमण के बाद में कृष्णा नदी के किनारे जहां शामली नाला नदी में मिलता है, उस जगह पर भी जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाई गई और संभावित उपचारों पर चर्चा की गई। इस मौके पर निर्मल -हिंडन कार्यक्रम के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डीवी कपिल कपिल, कोऑर्डिनेटर एनालिका लेना, प्रोफेसर उमर सैफ वह उनकी शोध टीम ने भाग लिया।
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शुक्रवार को सुबह दस बजे विकास भवन के सभागार में हुई बैठक में जिला वन अधिकारी अनुज सक्सेना ने बताया कि मार्च माह तक सभी गांव व निकायों मैं जैव प्रबंधन समितियों का गठन कर लिया जाएगा। कांधला ब्लॉक के 20 और ऊन ब्लॉक में 15 गांव में ग्राम समितियों के गठन की सूचना भी दी गई। डीडीओ बलराम कुमार ने कहा कि कृष्णा नदी के जल प्रबंधन में जैव विविधता प्रबंधन के कार्यक्रम को प्राथमिक स्तर पर किया जाएगा। इस मौके पर जिले के ग्राम सचिवों नगर पंचायतों व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों व कृषि अधिकारी डॉ. हरी शंकर, डीएफओ अनुज सक्सेना, पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा मौजूद रहे।
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बाद में कांधला ब्लॉक के मीमला, रसूलपुर, सल्फा में तालाबों का भ्रमण किया। तालाबों की मौजूदा स्थिति को कैसे ठीक किया जाए और इनमें जीवन कैसे वापस लौटाया जाए इस पर भी ग्रामीणों से चर्चा की गई। भ्रमण के बाद में कृष्णा नदी के किनारे जहां शामली नाला नदी में मिलता है, उस जगह पर भी जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाई गई और संभावित उपचारों पर चर्चा की गई। इस मौके पर निर्मल -हिंडन कार्यक्रम के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डीवी कपिल कपिल, कोऑर्डिनेटर एनालिका लेना, प्रोफेसर उमर सैफ वह उनकी शोध टीम ने भाग लिया।
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