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तीन माह बाद अपनों को पाकर हुआ खुश मनोज
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तीन माह बाद अपनों को पाकर खुश हुआ मनोज
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर के करनाल रोड स्थित अपना घर आश्रम में 20 दिन पहले पहुंचे प्रभुजन अपनों से मिलकर खुश हुए।
अपना घर का संचालन करने वाली पल्लवी मित्तल ने बताया कि 18 फरवरी को गांव सिंभालका से अमित कुमार ने लावारिस असहाय व्यक्ति को अपना घर आश्रम में प्रवेश कराया था। शुरू में वह व्यक्ति अपने बारे में कुछ नहीं बता पा रहे थे। उस समय उन्होंने अपना नाम मनोज बताया। जिस समय वे आश्रम में आए थे, उस समय थोड़ा मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। इनका इलाज डाक्टर अरुण राय के परामर्श से किया गया। अच्छे वातावरण और देखरेख से पांच दिन बाद इन्होंने अपने गांव का नाम जलाली, जिला अलीगढ़ बताया। बाद में उनके परिजनों से बात हुई। शुक्रवार को उनके भाई सतीश कुमार उन्हें लेने के लिए अपना घर आश्रम पहुंचे। सतीश ने बताया कि पिछले आश्रम में भर्ती व्यक्ति तीन माह से लापता थे। परिजनों के ढूंढने पर भी उनका कुछ पता नहीं चल सका था। भाई सतीश आश्रम के कार्यालय की कार्रवाई पूर्ण करने के बाद अपने भाई को घर ले गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर के करनाल रोड स्थित अपना घर आश्रम में 20 दिन पहले पहुंचे प्रभुजन अपनों से मिलकर खुश हुए।
अपना घर का संचालन करने वाली पल्लवी मित्तल ने बताया कि 18 फरवरी को गांव सिंभालका से अमित कुमार ने लावारिस असहाय व्यक्ति को अपना घर आश्रम में प्रवेश कराया था। शुरू में वह व्यक्ति अपने बारे में कुछ नहीं बता पा रहे थे। उस समय उन्होंने अपना नाम मनोज बताया। जिस समय वे आश्रम में आए थे, उस समय थोड़ा मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। इनका इलाज डाक्टर अरुण राय के परामर्श से किया गया। अच्छे वातावरण और देखरेख से पांच दिन बाद इन्होंने अपने गांव का नाम जलाली, जिला अलीगढ़ बताया। बाद में उनके परिजनों से बात हुई। शुक्रवार को उनके भाई सतीश कुमार उन्हें लेने के लिए अपना घर आश्रम पहुंचे। सतीश ने बताया कि पिछले आश्रम में भर्ती व्यक्ति तीन माह से लापता थे। परिजनों के ढूंढने पर भी उनका कुछ पता नहीं चल सका था। भाई सतीश आश्रम के कार्यालय की कार्रवाई पूर्ण करने के बाद अपने भाई को घर ले गए।