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भूमि न मिलने से प्रधान डाकघर का प्रस्ताव खटाई में पड़ा
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:18 AM IST
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शामली। जिला मुख्यालय पर तीन हजार वर्ग मीटर भूमि न मिलने पर प्रधान डाकघर का प्रस्ताव खटाई में पड़ गया है। फिलहाल मुख्य डाकघर नगरपालिका परिषद की मार्केट में चल रहा है।
मुजफ्फरनगर जिले से अलग होने के सात साल बाद शामली जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर की सुविधा यहां के लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। सरकार के निर्देश पर बरेली मंडल के पोस्टर मास्टर जनरल ने शामली जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कराया गया था। प्रधान डाकघर की स्थापना के लिए तीन हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता का प्रस्ताव प्रवर डाक अधीक्षक मुजफ्फरनगर के माध्यम से शामली डीएम इंद्र विक्रम सिंह को भेजा गया था। प्रवर डाक अधीक्षक वीर सिंह ने बताया कि गत सप्ताह वह डीएम शामली इंद्र विक्रम सिंह से मिले थे। डीएम ने प्रधान डाकघर के लिए तीन हजार वर्ग मीटर भूमि दिए जाने के संबंध में अवगत कराया कि जिला मुख्यालय पर भूमि उपलब्ध नहीं है। जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर के लिए भूमि न मिलने से प्रस्ताव अधर में लटक गया है।
भूमि उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने बताया कि तीन साल से शामली प्रधान डाकघर की स्थापना के लिए व्यापारी मांग करते रहे है। प्रधान डाकघर से व्यापारियों का रिफंड, पेंशन मिलती है। व्यापारियों को रिफंड, पेंशन के लिए मुजफ्फरनगर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रधान डाकघर के लिए भूमि उपलब्ध कराएं। यह जिला प्रशासन की ही जिम्मेदारी है।
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13 साल पहले था शामली प्रधानडाकघर
वर्ष 2005 से पूर्व शहर के मंडी जवाहर गंज में पूर्व चेयरमैन रमेशचंद गुप्ता की बिल्डिंग में प्रधान डाकघर किराए की भूमि में चल रहा था। प्रधानडाकघर का किराया 50 हजार रुपये मासिक था। 2005 के बाद माजरा रोड पर पालिका बाजार में 15 हजार रुपये किराए के भवन डाकघर को शिफ्ट कर दिया था। इसे प्रधान डाकघर के स्थान पर मुख्य डाकघर का दर्जा दिया गया था। मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर प्रमोद कुमार बताते है कि जिला बनने के बाद शामली नगर पालिका परिषद के तत्कालीन चेयरमैन अरविंद संगल को प्रधान डाकघर के लिए विकास प्राधिकरण के बराबर में भवन दिए जाने का अनुरोध किया गया था। भवन किराए पर देने के लिए अंतिम निर्णय न होने से अटक गया था।
प्रधान डाक घर के क्या हैं फायदे
- प्रधान डाकघर बनने के बाद डाकघर में खाते खुलवाने के लिए अनुमति नही लेनी पड़ेगी। खाता खुलवाने और अकाउंट वेतन संबंधी शाखा प्रधान डाकघर में हस्तांतरित होगी।
- मृतक क्लेम, डाक विभाग की स्टेशनरी, डाक टिकट, पोस्टल आर्डर की प्रधान डाकघर पर सुविधा उपलब्ध रहती है। आम आदमी का टीडीएस क्लीयरिंग की सुविधा प्रधान डाकघर मेें सुविधा होती है।
- प्रधान डाकघर से व्यापारियों का रिफंड, पेंशन मिलती है। अब व्यापारियों को रिफंड, पेंशन के लिए मुजफ्फरनगर के लिए जाना पड़ता है।
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मुजफ्फरनगर जिले से अलग होने के सात साल बाद शामली जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर की सुविधा यहां के लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। सरकार के निर्देश पर बरेली मंडल के पोस्टर मास्टर जनरल ने शामली जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कराया गया था। प्रधान डाकघर की स्थापना के लिए तीन हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता का प्रस्ताव प्रवर डाक अधीक्षक मुजफ्फरनगर के माध्यम से शामली डीएम इंद्र विक्रम सिंह को भेजा गया था। प्रवर डाक अधीक्षक वीर सिंह ने बताया कि गत सप्ताह वह डीएम शामली इंद्र विक्रम सिंह से मिले थे। डीएम ने प्रधान डाकघर के लिए तीन हजार वर्ग मीटर भूमि दिए जाने के संबंध में अवगत कराया कि जिला मुख्यालय पर भूमि उपलब्ध नहीं है। जिला मुख्यालय पर प्रधान डाकघर के लिए भूमि न मिलने से प्रस्ताव अधर में लटक गया है।
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भूमि उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने बताया कि तीन साल से शामली प्रधान डाकघर की स्थापना के लिए व्यापारी मांग करते रहे है। प्रधान डाकघर से व्यापारियों का रिफंड, पेंशन मिलती है। व्यापारियों को रिफंड, पेंशन के लिए मुजफ्फरनगर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रधान डाकघर के लिए भूमि उपलब्ध कराएं। यह जिला प्रशासन की ही जिम्मेदारी है।
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13 साल पहले था शामली प्रधानडाकघर
वर्ष 2005 से पूर्व शहर के मंडी जवाहर गंज में पूर्व चेयरमैन रमेशचंद गुप्ता की बिल्डिंग में प्रधान डाकघर किराए की भूमि में चल रहा था। प्रधानडाकघर का किराया 50 हजार रुपये मासिक था। 2005 के बाद माजरा रोड पर पालिका बाजार में 15 हजार रुपये किराए के भवन डाकघर को शिफ्ट कर दिया था। इसे प्रधान डाकघर के स्थान पर मुख्य डाकघर का दर्जा दिया गया था। मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर प्रमोद कुमार बताते है कि जिला बनने के बाद शामली नगर पालिका परिषद के तत्कालीन चेयरमैन अरविंद संगल को प्रधान डाकघर के लिए विकास प्राधिकरण के बराबर में भवन दिए जाने का अनुरोध किया गया था। भवन किराए पर देने के लिए अंतिम निर्णय न होने से अटक गया था।
प्रधान डाक घर के क्या हैं फायदे
- प्रधान डाकघर बनने के बाद डाकघर में खाते खुलवाने के लिए अनुमति नही लेनी पड़ेगी। खाता खुलवाने और अकाउंट वेतन संबंधी शाखा प्रधान डाकघर में हस्तांतरित होगी।
- मृतक क्लेम, डाक विभाग की स्टेशनरी, डाक टिकट, पोस्टल आर्डर की प्रधान डाकघर पर सुविधा उपलब्ध रहती है। आम आदमी का टीडीएस क्लीयरिंग की सुविधा प्रधान डाकघर मेें सुविधा होती है।
- प्रधान डाकघर से व्यापारियों का रिफंड, पेंशन मिलती है। अब व्यापारियों को रिफंड, पेंशन के लिए मुजफ्फरनगर के लिए जाना पड़ता है।